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अयोध्या में GST की बड़ी कार्रवाई: स्पोर्ट्स कार से साढ़े तीन कुंतल चांदी और सोने के जेवर जब्त, दस्तावेज न मिलने पर जांच तेज!

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अयोध्या में GST की बड़ी कार्रवाई: स्पोर्ट्स कार से करोड़ों की चांदी और सोने के जेवर बरामद, वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर जब्त

AIN NEWS 1 अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में राज्य कर (GST) विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पोर्ट्स कार से भारी मात्रा में चांदी, चांदी के आभूषण और सोने के जेवर बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में वाहन में मौजूद व्यक्ति इन कीमती सामानों से जुड़े कोई वैध दस्तावेज, बिल या टैक्स इनवॉइस प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद विभाग ने पूरे माल को जब्त कर लिया और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

यह कार्रवाई अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित रोनाही टोल प्लाजा पर की गई, जहां गुप्त सूचना के आधार पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई चांदी का वजन करीब साढ़े तीन कुंतल बताया जा रहा है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में चांदी के आभूषण और कुछ सोने के जेवर भी बरामद हुए हैं। बरामद माल की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है, हालांकि विभाग ने अभी आधिकारिक मूल्य का खुलासा नहीं किया है।

गुप्त सूचना के बाद शुरू हुआ विशेष चेकिंग अभियान

GST विभाग को गुरुवार दोपहर सूचना मिली थी कि अयोध्या-लखनऊ हाईवे के रास्ते बड़ी मात्रा में कीमती धातुओं का परिवहन किया जा रहा है और संभव है कि इसके साथ आवश्यक कर संबंधी दस्तावेज मौजूद न हों।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए राज्य कर विभाग ने पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाने का फैसला किया। रोनाही टोल प्लाजा पर विशेष चेकिंग शुरू की गई। इस दौरान कई वाहनों की जांच की गई और संदिग्ध वाहनों की गहन तलाशी ली गई।

इसी दौरान एक स्पोर्ट्स कार टीम की निगाह में आई। वाहन को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई तो अधिकारियों को उसमें बड़ी मात्रा में चांदी, चांदी के आभूषण और सोने के जेवर मिले। इसके बाद मौके पर मौजूद व्यक्ति से संबंधित दस्तावेज मांगे गए।

मौके पर नहीं दिखाए जा सके वैध दस्तावेज

राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त (ग्रेड-1) बृजेश कुमार मिश्रा के अनुसार, वाहन में मौजूद व्यक्ति से बरामद सामान के संबंध में बिल, टैक्स इनवॉइस, ई-वे बिल और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह मौके पर कोई भी वैध कागजात नहीं दिखा सका।

GST नियमों के तहत यदि बड़ी मात्रा में व्यापारिक माल का परिवहन किया जाता है तो उसके साथ निर्धारित दस्तावेज होना अनिवार्य होता है। दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में विभाग को माल जब्त करने का अधिकार है।

इसी नियम के तहत पूरी खेप को कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

संबंधित व्यक्ति को जारी किया गया नोटिस

विभाग ने वाहन में मौजूद व्यक्ति को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

यदि संबंधित पक्ष निर्धारित समय में आवश्यक अभिलेख उपलब्ध करा देता है और दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार होगी। लेकिन यदि दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते या उनमें कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो GST अधिनियम के तहत जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी कोषागार में जमा कराया जाएगा जब्त माल

बरामद सोना-चांदी और आभूषणों की सुरक्षा को देखते हुए विभाग ने उन्हें सरकारी कोषागार में सुरक्षित जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक जब्त सामान सरकारी निगरानी में रहेगा ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।

क्या केवल दस्तावेजों की कमी है या कर चोरी का मामला?

फिलहाल विभाग कई पहलुओं पर जांच कर रहा है।

जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि—

बरामद सोना-चांदी का वास्तविक मालिक कौन है।

सामान कहां से लाया गया था।

इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था।

परिवहन का उद्देश्य क्या था।

क्या GST का भुगतान किया गया था।

कहीं यह कर चोरी या फर्जी बिलिंग का मामला तो नहीं है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

हाईवे पर लगातार बढ़ाई जा रही निगरानी

उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग पिछले कुछ समय से कर चोरी रोकने के लिए लगातार विशेष अभियान चला रहा है।

राज्य के विभिन्न जिलों में मोबाइल चेकिंग टीमों को सक्रिय किया गया है। हाईवे, टोल प्लाजा और प्रमुख व्यापारिक मार्गों पर नियमित जांच की जा रही है ताकि बिना वैध दस्तावेजों के माल परिवहन करने वालों पर कार्रवाई की जा सके।

विभाग का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

मुजफ्फरनगर में भी हाल ही में सामने आया था बड़ा GST घोटाले का मामला

अयोध्या की कार्रवाई से पहले मुजफ्फरनगर में भी राज्य कर विभाग ने एक बड़ी GST चोरी का मामला पकड़ा था।

खतौली मोबाइल यूनिट ने जांच के दौरान लगभग 20 लाख रुपये कीमत के 10,070 किलोग्राम लेड इनगॉट्स से भरे वाहन को रोका था।

जांच में सामने आया कि मेरठ के मटौर क्षेत्र में स्थित एक कथित फर्जी फर्म के नाम पर ई-वे बिल तैयार किया गया था और उसी के आधार पर हरियाणा में माल भेजा जा रहा था।

प्रारंभिक जांच के बाद मामले की जानकारी हरियाणा की डीजीजीआई (DGGI) तथा मेरठ के एसआईबी के संयुक्त आयुक्त को भी भेजी गई, ताकि पूरे नेटवर्क की जांच की जा सके।

GST चोरी पर सरकार का फोकस

राज्य सरकार और कर विभाग का मानना है कि फर्जी बिलिंग, बिना बिल माल परिवहन और टैक्स चोरी से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता है।

इसी कारण विभाग आधुनिक तकनीक, मोबाइल जांच टीमों और हाईवे सर्विलांस की मदद से लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि व्यापारी सभी वैध दस्तावेजों के साथ माल का परिवहन करें तो उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल अयोध्या में जब्त किए गए सोना-चांदी और आभूषणों के मामले में अंतिम निष्कर्ष निकलना बाकी है।

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि केवल दस्तावेज मौके पर उपलब्ध न होने का अर्थ अपने आप कर चोरी या किसी अपराध का अंतिम प्रमाण नहीं होता। जांच पूरी होने और संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलने के बाद ही विभाग अंतिम निर्णय लेगा।

यदि वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए जाते हैं तो उसी आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वहीं यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं या प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो GST कानून के तहत जुर्माना, कर वसूली और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह मामला राज्य कर विभाग की जांच के अधीन है और अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

The Ayodhya GST Raid has drawn significant attention after the GST Department and police seized over 3.5 quintals of silver, silver jewellery, and gold ornaments from a sports car at Ronahi Toll Plaza in Uttar Pradesh. Officials stated that the transporter failed to produce valid tax invoices and transport documents, leading to the seizure. The investigation is focused on determining the ownership of the valuables, verifying GST compliance, and examining possible tax evasion. This Ayodhya News highlights the Uttar Pradesh government’s continued crackdown on illegal transportation of high-value goods and GST-related violations.

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