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फैक्ट चेक: क्या नीदरलैंड में अपराध खत्म होने से 20 से ज्यादा जेलें बंद हो गईं? जानिए पूरा सच और मौजूदा स्थिति!

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नीदरलैंड की खाली जेलों की कहानी: कितना सच, कितना भ्रम? जानिए अपराध, पुनर्वास और जेल व्यवस्था की पूरी हकीकत

AIN NEWS 1 | Fact Check

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि यूरोपीय देश नीदरलैंड (Netherlands) में अपराध इतने कम हो गए हैं कि वहां की जेलें लगभग खाली हो चुकी हैं। दावा यह भी किया जा रहा है कि सरकार को 20 से अधिक जेलें बंद करनी पड़ीं और कई जेलों को होटल, शरणार्थी शिविर (Refugee Camp) तथा व्यावसायिक परिसरों में बदल दिया गया। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि यह सफलता केवल कैदियों के पुनर्वास (Rehabilitation) पर ध्यान देने की वजह से मिली है।

जब इस दावे की विस्तार से जांच की गई तो सामने आया कि इसमें कुछ बातें सही हैं, लेकिन पूरी तस्वीर इससे कहीं अधिक व्यापक और अलग है। वर्तमान स्थिति को नजरअंदाज कर केवल पुराने तथ्यों के आधार पर दावा किया जा रहा है, जिससे लोगों को भ्रम हो सकता है।

क्या वास्तव में 20 से अधिक जेलें बंद हुई थीं?

इस दावे का यह हिस्सा काफी हद तक सही है।

साल 2009 से 2019 के बीच नीदरलैंड में अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इसी दौरान कैदियों की संख्या भी लगातार कम हुई। परिणामस्वरूप सरकार ने कई जेलों को बंद करने का निर्णय लिया। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार लगभग 20 से 25 जेलें या तो पूरी तरह बंद कर दी गईं या उनका उपयोग दूसरे कार्यों के लिए किया जाने लगा।

कुछ बंद जेलों को बाद में शरणार्थियों के अस्थायी आवास, छात्र हॉस्टल, होटल, सांस्कृतिक केंद्र और व्यावसायिक परिसरों के रूप में विकसित किया गया। उस समय यह मॉडल पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना था।

अपराध दर में गिरावट क्यों आई?

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल एक कारण नहीं बल्कि कई सुधारों ने मिलकर इस बदलाव को संभव बनाया।

नीदरलैंड की न्याय व्यवस्था केवल अपराधियों को सजा देने तक सीमित नहीं है। वहां अपराध की पुनरावृत्ति रोकने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

सरकार कैदियों को जेल में रहते हुए शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और नशा मुक्ति जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराती है। सजा पूरी होने के बाद भी उन्हें रोजगार और समाज में दोबारा स्थापित करने के प्रयास किए जाते हैं।

इसके अलावा छोटे अपराधों में जेल भेजने की बजाय सामुदायिक सेवा, जुर्माना और निगरानी जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाओं का भी अधिक उपयोग किया जाता है। इससे जेलों पर बोझ कम हुआ और अपराधियों के दोबारा अपराध करने की संभावना भी घटी।

क्या केवल पुनर्वास ही सफलता की वजह था?

यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि केवल पुनर्वास नीति के कारण अपराध कम हुए।

विशेषज्ञ बताते हैं कि इसके पीछे कई अन्य कारण भी थे, जिनमें शामिल हैं—

बेहतर पुलिस व्यवस्था

आधुनिक तकनीक का उपयोग

सामाजिक सुरक्षा योजनाएं

युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर

मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

अपराध रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर सामुदायिक भागीदारी

यानी पुनर्वास एक महत्वपूर्ण कारण जरूर था, लेकिन सफलता केवल उसी की वजह से नहीं मिली।

क्या आज भी नीदरलैंड की जेलें खाली हैं?

यहीं पर वायरल पोस्ट सबसे ज्यादा भ्रामक हो जाती है।

हाल के वर्षों में नीदरलैंड की स्थिति पहले जैसी नहीं रही है। वर्ष 2023 के बाद कैदियों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके चलते कई जेलों में क्षमता से अधिक कैदी पहुंचने लगे।

डच सरकार ने स्वीकार किया है कि कुछ स्थानों पर जेल क्षमता पर दबाव बढ़ा है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं।

इनमें शामिल हैं—

अतिरिक्त जेल क्षमता तैयार करना

कुछ बंद जेलों को दोबारा उपयोग में लाना

कम जोखिम वाले कैदियों की समय से पहले रिहाई

नई जेल सुविधाओं के विस्तार की योजना

इसलिए यह कहना कि आज भी पूरे देश की जेलें खाली पड़ी हैं, तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।

क्या अन्य देशों के कैदी भी रखे गए थे?

जब नीदरलैंड में जेलें खाली थीं, तब कुछ समय के लिए उसने अपने पड़ोसी देशों, विशेषकर नॉर्वे और बेल्जियम, के कुछ कैदियों को रखने के लिए जेल सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं।

यह व्यवस्था दोनों देशों के बीच हुए समझौतों के तहत की गई थी और उस समय इसे जेलों के बेहतर उपयोग का एक अनोखा उदाहरण माना गया था।

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दुनिया के लिए क्या सीख है?

नीदरलैंड का अनुभव यह जरूर बताता है कि केवल कठोर सजा से अपराध समाप्त नहीं होते।

यदि अपराधियों को शिक्षा, रोजगार, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और समाज में सम्मानपूर्वक लौटने का अवसर मिले तो दोबारा अपराध करने की संभावना कम हो सकती है।

हालांकि हर देश की सामाजिक, आर्थिक और कानूनी परिस्थितियां अलग होती हैं। इसलिए किसी एक मॉडल को पूरी तरह लागू करना आसान नहीं होता।

फैक्ट चेक का निष्कर्ष

वायरल दावा पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन इसे वर्तमान स्थिति बताना भ्रामक है।

यह सही है कि एक समय नीदरलैंड में अपराध और कैदियों की संख्या इतनी कम हुई थी कि 20 से अधिक जेलें बंद करनी पड़ी थीं और कई जेलों का अन्य उपयोग शुरू कर दिया गया था।

लेकिन वर्तमान समय में स्थिति बदल चुकी है। हाल के वर्षों में कैदियों की संख्या फिर बढ़ी है और सरकार जेल क्षमता बढ़ाने के लिए नए कदम उठा रही है।

इसलिए सोशल मीडिया पर प्रसारित दावा आंशिक रूप से सही (Partly True) माना जाएगा।

AIN NEWS 1 Fact Check Verdict

दावा: नीदरलैंड में अपराध खत्म होने से जेलें खाली हो गईं और 20 से ज्यादा जेलें बंद करनी पड़ीं।

सच्चाई: 2009 से 2019 के बीच ऐसा काफी हद तक हुआ था, लेकिन वर्तमान में यह स्थिति नहीं है। आज नीदरलैंड को कई स्थानों पर जेल क्षमता की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

फैक्ट चेक रेटिंग: आंशिक रूप से सही (Partly True)

The viral claim that the Netherlands closed more than 20 prisons due to declining crime rates is partly true. While the country did shut down several prisons between 2009 and 2019 because of a significant drop in crime and successful rehabilitation policies, the situation has changed in recent years. Dutch prisons are no longer largely empty, and the government is now addressing prison overcrowding, expanding prison capacity, and reopening facilities. This fact check explains the truth behind the viral claim, the Netherlands justice system, prison reforms, rehabilitation programs, and the current crime and prison scenario in the country.

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