spot_imgspot_img

SMA से जूझ रही 3 साल की अनिका शर्मा के इलाज में देरी: AIIMS की प्रक्रिया पर हाईकोर्ट सख्त, 9.5 करोड़ के इंजेक्शन का इंतजार!

spot_img

Date:

SMA से जूझ रही 3 साल की अनिका शर्मा के इलाज में देरी: AIIMS की प्रक्रिया पर हाईकोर्ट सख्त, 9.5 करोड़ के इंजेक्शन का इंतजार

AIN NEWS 1 नई दिल्ली / इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली तीन वर्षीय अनिका शर्मा इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अनिका एक बेहद दुर्लभ और गंभीर आनुवंशिक बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (Spinal Muscular Atrophy – SMA) टाइप-2 से पीड़ित हैं। यह ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे शरीर की मांसपेशियों को कमजोर करती जाती है और समय रहते इलाज न मिलने पर मरीज की जान भी खतरे में पड़ सकती है।

अनिका के इलाज के लिए लगभग 9.5 करोड़ रुपये कीमत वाले एक विशेष इंजेक्शन की आवश्यकता है। परिवार, सामाजिक संगठनों और हजारों लोगों की मदद से इलाज के लिए बड़ी धनराशि जुटा ली गई है, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी न होने के कारण दवा अभी तक नहीं खरीदी जा सकी। इसी मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) से जवाब मांगा है और इलाज में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है।

क्या है SMA टाइप-2 बीमारी?

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें शरीर की नसों से जुड़े मोटर न्यूरॉन्स धीरे-धीरे काम करना बंद कर देते हैं। इसका सीधा असर मांसपेशियों पर पड़ता है।

SMA टाइप-2 से पीड़ित बच्चे सामान्य रूप से बैठ तो सकते हैं, लेकिन चलने-फिरने और दैनिक गतिविधियों में उन्हें गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। समय के साथ उनकी मांसपेशियां कमजोर होती चली जाती हैं और यदि समय पर इलाज न मिले तो सांस लेने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।

चिकित्सकों के अनुसार इस बीमारी का इलाज जितनी जल्दी शुरू हो जाए, मरीज के बेहतर जीवन की संभावना उतनी ही अधिक रहती है।

9.5 करोड़ रुपये का इंजेक्शन क्यों जरूरी?

अनिका के इलाज के लिए जिस दवा की आवश्यकता है, वह दुनिया की सबसे महंगी दवाओं में गिनी जाती है। यह दवा विदेश से मंगाई जाती है और इसकी कीमत लगभग 9.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

यह इंजेक्शन बीमारी के प्रभाव को काफी हद तक कम करने और बच्चे की जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी दवाओं का अधिक लाभ तभी मिलता है जब इन्हें समय पर दिया जाए।

लोगों ने दिखाई मानवता, जुटी करोड़ों की मदद

अनिका के इलाज के लिए परिवार ने समाज से सहायता की अपील की थी। इसके बाद देशभर से लोगों ने आर्थिक सहयोग देना शुरू किया।

क्राउडफंडिंग अभियान, सामाजिक संगठनों, उद्योगपतियों और आम नागरिकों की मदद से इलाज के लिए बड़ी राशि जुटाई गई। अदालत में दी गई जानकारी के अनुसार पहले लगभग 7.5 करोड़ रुपये एकत्र हो चुके थे। बाद में यह राशि बढ़कर करीब 8.23 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

हालांकि इलाज के लिए अभी भी पूरी राशि और औपचारिक प्रक्रियाओं को पूरा करना आवश्यक है।

आखिर क्यों अटक गई दवा की खरीद?

परिवार का कहना है कि इलाज के लिए आवश्यक धनराशि का बड़ा हिस्सा उपलब्ध होने के बावजूद दवा की खरीद आगे नहीं बढ़ पा रही है।

बताया गया कि विदेशी कंपनी से इंजेक्शन खरीदने के लिए आवश्यक इनवॉइस (Invoice) और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी नहीं हो सकीं। यही कारण है कि दवा की खरीद प्रक्रिया लंबित है।

हर गुजरता दिन अनिका के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इलाज में देरी बीमारी को और गंभीर बना सकती है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती

मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने AIIMS से पूछा कि जब इलाज के लिए धनराशि उपलब्ध है, तब प्रक्रिया में इतनी देरी क्यों हो रही है।

कोर्ट ने अधिकारियों से विस्तृत जवाब मांगा और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी हों ताकि बच्ची का इलाज समय पर शुरू किया जा सके।

अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी किसी भी मरीज के लिए गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।

AIIMS की भूमिका

AIIMS इस पूरे इलाज की चिकित्सा प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। दवा विदेश से आयात होने के कारण कई कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक होता है।

इन्हीं प्रक्रियाओं के दौरान इनवॉइस जारी होने और भुगतान से जुड़े कुछ मुद्दों के कारण इलाज आगे नहीं बढ़ पाया। कोर्ट अब इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है ताकि देरी को जल्द समाप्त किया जा सके।

Morning News Brief: राहुल ने लिखा- मोदी राममंदिर पर चुप्पी तोड़ें: कोर्ट बोला- वांगचुक को उठाना गलत नहीं; स्पेन 16 साल बाद FIFA वर्ल्डकप चैंपियन

परिवार की अपील

अनिका के माता-पिता लगातार सरकार, अस्पताल और समाज से मदद की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये जुटाना आसान नहीं था, लेकिन लोगों के सहयोग से यह संभव हो पाया।

अब उनकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि कहीं प्रशासनिक देरी उनकी बेटी के इलाज में बाधा न बन जाए।

परिवार का कहना है कि हर दिन अनिका की स्थिति उनके लिए चिंता का विषय बनी हुई है और वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द इंजेक्शन उपलब्ध कराया जाए।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों का मानना है कि SMA जैसी बीमारियों में समय सबसे महत्वपूर्ण कारक होता है।

यदि मरीज को सही समय पर आधुनिक उपचार मिल जाए तो उसकी जीवन गुणवत्ता में काफी सुधार संभव है। लेकिन इलाज में लंबी देरी से बीमारी का प्रभाव बढ़ सकता है।

यही कारण है कि दुनिया के कई देशों में ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाता है।

देशभर से मिल रहा समर्थन

अनिका की कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर हजारों लोग उसके समर्थन में आगे आए हैं।

कई सामाजिक संगठनों, डॉक्टरों और आम नागरिकों ने सरकार से अपील की है कि दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में किसी परिवार को करोड़ों रुपये जुटाने की चुनौती का सामना न करना पड़े।

अगली सुनवाई पर टिकी नजर

मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को प्रस्तावित है। उम्मीद की जा रही है कि अदालत के निर्देशों के बाद दवा खरीद से जुड़ी प्रक्रिया में तेजी आएगी और अनिका को जल्द जीवनरक्षक इंजेक्शन मिल सकेगा।

फिलहाल पूरा देश यही दुआ कर रहा है कि मासूम अनिका का इलाज समय पर शुरू हो और उसे स्वस्थ जीवन जीने का अवसर मिल सके।

अनिका शर्मा का मामला केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था, दुर्लभ बीमारियों के इलाज और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की गति पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। करोड़ों रुपये जुट जाने के बावजूद यदि इलाज समय पर शुरू नहीं हो पाता, तो यह व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। अब सबकी नजरें दिल्ली हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और AIIMS की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

**Three-year-old Anika Sharma, diagnosed with Spinal Muscular Atrophy (SMA) Type-2, is awaiting a life-saving ₹9.5 crore injection as her treatment faces delays due to administrative procedures at AIIMS. The Delhi High Court has sought answers over the delay while the family has already raised more than ₹8 crore through crowdfunding and public support. The case has drawn nationwide attention, highlighting the challenges of rare disease treatment, expensive gene therapy, AIIMS procedures, and healthcare accessibility in India. This latest update covers the Delhi High Court hearing, AIIMS response, SMA treatment progress, and Anika Sharma’s ongoing fight for survival.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
30.2 ° C
30.2 °
30.2 °
69 %
5.9kmh
100 %
Tue
30 °
Wed
33 °
Thu
35 °
Fri
36 °
Sat
30 °
Video thumbnail
Delhi में बड़ी रैली के बाद CJP का विरोध-प्रदर्शन जारी, Abhijeet Dipke का पुलिस से आमना-सामना
03:43
Video thumbnail
"मैं अपने सभी समर्थकों से माफी मांगता हूं...." : प्रदर्शनकारियों से अभिजीत दीपक ने मांगी माफी
00:19
Video thumbnail
जंतर-मंतर पर CJP संस्थापक अभिजीत दिपके का धरना जारी
00:12
Video thumbnail
जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में संसद परिसर में धरने पर बैठें चंद्रशेखर आज़ाद
00:21
Video thumbnail
बारिश के बीच जंतर-मंतर पर रात गुजारते प्रदर्शनकारी, गीली जमीन पर सोने को मजबूर
00:21
Video thumbnail
स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज के खिलाफ भड़की प्रियंका गांधी !
00:43
Video thumbnail
जम्मू कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला ऑटो में बैठकर जंतर–मंतर तक गए
00:13
Video thumbnail
पेपर लीक पर खड़गे का सरकार पर हमला
00:53
Video thumbnail
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले खड़गे | CJP Protest | Monsoon Session
00:22
Video thumbnail
WATCH: Rajya Sabha adjourned as Kharge rakes up NEET paper leak, CJP protest issues in Parliament
01:31

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related