नमस्कार,
दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाया जाना गलत नहीं है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीए मोदी को राममंदिर मामले में चिठ्ठी लिखी।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. सुप्रीम कोर्ट में राममंदिर चढ़ावा चोरी की निष्पक्ष जांच और ट्रस्ट की वित्तीय ऑडिट की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई।
2. राहुल गांधी से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई।
कल की बड़ी खबरें:
1. राम मंदिर चढ़ावा विवाद: राहुल गांधी ने पीएम मोदी से मांगी स्वतंत्र जांच

मुख्य बातें
- राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर स्वतंत्र जांच की मांग की।
- विपक्ष ने ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन सार्वजनिक करने और जवाबदेही तय करने की बात कही।
- मामले में एसआईटी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हो चुकी है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ दान दिया है। ऐसे में यदि वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं तो सरकार को चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने पूरे मामले का हिसाब सार्वजनिक करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस का कहना है कि ट्रस्ट का गठन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद हुआ था, इसलिए सरकार को पारदर्शी जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। इस बीच मामले से जुड़ी एसआईटी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हो चुकी है।
2. सोनम वांगचुक मामला: दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी, पत्नी ने नेताओं से मांगा भरोसा
मुख्य बातें
- दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने को पहली नजर में गलत नहीं माना।
- कोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार और पुलिस से तीन दिन में जवाब मांगा।
- पत्नी गीतांजलि ने कहा कि राजनीतिक दल भरोसा दें तो वांगचुक अनशन समाप्त कर सकते हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के मामले पर सुनवाई हुई। अदालत ने कहा कि स्वास्थ्य खराब होने और पहले दिए गए न्यायिक निर्देशों के मद्देनजर उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाना पहली नजर में गलत नहीं कहा जा सकता।
कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और पुलिस को तीन दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इस बीच वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने कहा कि यदि राजनीतिक दल संसद में उनके मुद्दों को उठाने का भरोसा दें तो सोनम वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं। वहीं, अभिजीत दीपके का भूख हड़ताल भी दूसरे दिन जारी रहा।
3. आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर सियासत तेज, अखिलेश बोले- बच्चों के सपनों पर बुलडोजर न चलाएं
मुख्य बातें
- अखिलेश यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की अपील की।
- उन्होंने भाजपा पर बदले की राजनीति का आरोप लगाया।
- रामपुर विकास प्राधिकरण ने 38 भवन अवैध बताते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में बंद आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में खुला पत्र जारी किया है। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से जुड़े इस मुद्दे को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
अखिलेश ने कहा कि सरकार को युवाओं और उनके भविष्य को राजनीति का शिकार नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों के सपनों पर बुलडोजर चलाने की कोशिश की जा रही है।
दूसरी ओर, रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि भवनों के नक्शे स्वीकृत नहीं थे।
4. मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, टीएमसी के बागी सांसदों को लेकर विपक्ष का विरोध

मुख्य बातें
- संसद सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में 40 दलों के 58 नेता शामिल हुए।
- टीएमसी के बागी सांसदों को बुलाने पर विपक्ष ने आपत्ति जताई।
- बैठक करीब तीन घंटे चली।
संसद के मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, टीएमसी समेत 40 राजनीतिक दलों के 58 नेताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान विपक्ष ने टीएमसी के बागी सांसदों को आमंत्रित किए जाने पर विरोध जताया। विपक्ष का कहना था कि लोकसभा अध्यक्ष ने अभी तक इस समूह को अलग मान्यता नहीं दी है, इसलिए उन्हें बैठक में बुलाना उचित नहीं था।
बैठक करीब तीन घंटे तक चली, जिसमें संसद सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
5. जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से तबाही, कई राज्यों में बारिश और लैंडस्लाइड का कहर
मुख्य बातें
- पुंछ और किश्तवाड़ में बादल फटने व बाढ़-भूस्खलन से कई लोगों की मौत हुई।
- नागालैंड में लैंडस्लाइड के बाद एनडीआरएफ ने 8 शव बरामद किए।
- उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की सेवा अस्थायी रूप से रोकी गई।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ और किश्तवाड़ में बादल फटने और भारी बारिश के कारण बाढ़ एवं भूस्खलन से कई लोगों की जान चली गई। पुंछ के सुरनकोट क्षेत्र में एक ही परिवार के कई सदस्य मलबे में दब गए, जबकि किश्तवाड़ के सुदूर इलाकों में भी भारी नुकसान हुआ।
राजौरी में तेज बारिश के बाद धारहाल नदी में बड़ी संख्या में वाहन बह गए। वहीं नागालैंड के मोन जिले में हुए भूस्खलन के बाद एनडीआरएफ ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर मलबे से आठ शव बरामद किए।
उत्तराखंड में भूस्खलन के चलते केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एहतियात के तौर पर घोड़े-खच्चरों की सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गईं। साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा के एक जत्थे को भी सुरक्षा कारणों से रोका गया।
मौसम विभाग के अनुसार, “बादल फटना” ऐसी मौसमीय घटना है, जिसमें लगभग 20 से 30 वर्ग किलोमीटर के छोटे क्षेत्र में एक घंटे या उससे कम समय में 100 मिमी या उससे अधिक बारिश हो जाती है, जिससे अचानक बाढ़ और भारी तबाही की स्थिति पैदा हो सकती है।


















