संसद के बाहर चंद्रशेखर आजाद का 40 घंटे से धरना जारी, विपक्ष का सरकार पर हमला तेज, दिल्ली से लखनऊ तक विरोध प्रदर्शन
AIN NEWS 1 नई दिल्ली/लखनऊ। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर देश की राजनीति लगातार गरमाती जा रही है। नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पिछले लगभग 40 घंटे से संसद परिसर के बाहर धरने पर बैठे हैं। लगातार हो रही बारिश के बावजूद उन्होंने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा है। उनका कहना है कि छात्रों की आवाज दबाने और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन स्वीकार नहीं किया जा सकता।
दूसरी ओर संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव काली जैकेट पहनकर संसद पहुंचे और कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी सांसदों के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की।
राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसके दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

संसद परिसर के बाहर डटे रहे चंद्रशेखर आजाद
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने संसद परिसर के बाहर अपना धरना जारी रखते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनका आरोप है कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर बल प्रयोग कर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है।
बारिश के बावजूद धरना स्थल नहीं छोड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल छात्रों की नहीं बल्कि देश के हर उस युवा की है जो पारदर्शी और निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था चाहता है। उन्होंने सरकार से छात्रों पर दर्ज मामलों की समीक्षा करने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
विपक्ष ने संसद में सरकार को घेरा
संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के आंदोलन और कथित पुलिस कार्रवाई को प्रमुख मुद्दा बनाया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव काले रंग की जैकेट पहनकर संसद पहुंचे। इसे सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध माना गया।
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में एकजुट होकर प्रदर्शन किया और “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” के नारे लगाए। विपक्ष का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देने के बजाय सरकार विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
अवधेश प्रसाद का सरकार पर तीखा हमला
अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने सरकार की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष और छात्रों की बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी होती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार सरकार को संवाद के रास्ते समाधान निकालना चाहिए, न कि टकराव की स्थिति पैदा करनी चाहिए।
रामगोपाल यादव बोले- सरकार चर्चा से बच रही
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में सदन में चर्चा चाहती तो बार-बार गतिरोध की स्थिति पैदा नहीं होती।
उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार उस पर सहमति नहीं बना रही। उनके मुताबिक लोकतंत्र में संसद चर्चा का सर्वोच्च मंच है और सरकार को विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी और अखिलेश की हिरासत के विरोध में यूपी में प्रदर्शन
दिल्ली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में उत्तर प्रदेश के कई शहरों में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
लखनऊ में विधानभवन, जनभवन और हजरतगंज चौराहे के आसपास देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई नोकझोंक
लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की।
इसके बाद कई समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेजा गया। पुलिस का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए, जबकि विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
अजय राय को रास्ते में ही हिरासत में लिया गया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय जनभवन के घेराव के लिए लखनऊ पहुंच रहे थे। पुलिस ने उन्हें शहर में प्रवेश करने से पहले ही बीकेटी क्षेत्र में रोक लिया और हिरासत में ले लिया।
बताया गया कि उन्हें बाद में ईको गार्डन ले जाकर छोड़ दिया गया। इसके कुछ समय बाद कांग्रेस की शहर इकाई के अध्यक्ष शहजाद आलम भी जनभवन पहुंचे, जहां पुलिस के साथ उनकी कहासुनी और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
विपक्ष की प्रमुख मांगें
विपक्षी दलों ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच, शिक्षा मंत्री से जवाबदेही तय करने, छात्रों की मांगों पर चर्चा और संसद में इस विषय पर विस्तृत बहस कराने की मांग शामिल है।
सरकार की ओर से क्या स्थिति है?
सरकार की ओर से अब तक यही कहा गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और संसद के भीतर सभी मुद्दों पर निर्धारित नियमों के अनुसार चर्चा की जा सकती है। हालांकि विपक्ष का आरोप है कि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा से बचा जा रहा है।
संसद का मानसून सत्र जारी है और संभावना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना रहेगा।
आगे क्या हो सकता है?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बनती है तो संसद की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो सकती है। वहीं, छात्रों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन भी आगे बढ़ सकता है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार विपक्ष की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या संसद में इस पूरे मामले पर विस्तृत चर्चा हो पाती है या नहीं।
छात्रों के आंदोलन, कथित लाठीचार्ज, संसद के बाहर चंद्रशेखर आजाद का लगातार धरना और विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा दे दी है। संसद से लेकर सड़कों तक यह मुद्दा लगातार गूंज रहा है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार कानून-व्यवस्था और संसदीय प्रक्रिया का हवाला दे रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इस राजनीतिक गतिरोध का समाधान कैसे निकलता है।
Chandrashekhar Azad’s 40-hour protest outside Parliament has intensified the political debate over the alleged student lathicharge in Delhi. Opposition leaders including Akhilesh Yadav, Rahul Gandhi, Congress, and the Samajwadi Party have demanded the resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan while raising the issue during the Parliament Monsoon Session. The protests at Jantar Mantar and demonstrations in Lucknow have made this one of the biggest political developments in India, drawing nationwide attention to student rights, democratic protests, and government accountability.


















