मेरठ: कांवड़ यात्रा से पहले कांवड़ मार्ग को लेकर बढ़ी हलचल, हिंदू संगठन ने किया बड़ा ऐलान
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मेरठ में कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले कांवड़ मार्ग को लेकर एक बार फिर माहौल गर्म हो गया है। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन ने 30 जुलाई से मेरठ से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग पर स्थित दुकानों की जांच का अभियान चलाने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि इस अभियान के दौरान दुकानदारों की पहचान, उनके आवश्यक दस्तावेज और प्रतिष्ठानों से जुड़ी जानकारी की जांच की जाएगी। संगठन ने यह भी कहा है कि यदि कोई भोजनालय या दुकान अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर संचालित होती मिली तो संबंधित प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जाएगी।
इस बीच संगठन ने AIMIM नेता शादाब चौहान के उस बयान पर भी कड़ा विरोध जताया है, जो उन्होंने कथित तौर पर कांवड़ यात्रा को लेकर दिया था। संगठन ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई की मांग की है।

30 जुलाई से शुरू होगा जांच अभियान
अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष सचिन सिरोही ने प्रेस वार्ता में बताया कि 30 जुलाई से संगठन के कार्यकर्ता मेरठ से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग पर स्थित दुकानों का निरीक्षण करेंगे। उनके अनुसार अभियान का उद्देश्य श्रद्धालुओं के बीच पारदर्शिता बनाए रखना और दुकानों की वास्तविक पहचान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि संगठन के स्वयंसेवक दुकानों पर उपलब्ध दस्तावेजों की जानकारी लेने का प्रयास करेंगे और यदि किसी मामले में संदेह की स्थिति बनती है तो संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी जाएगी। संगठन का दावा है कि यह अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जाएगा।
दुकानदारों की पहचान और दस्तावेजों की जांच की बात
संगठन के अनुसार अभियान के दौरान दुकानदारों के नाम, पहचान और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देखी जाएगी। उनका कहना है कि यदि कोई प्रतिष्ठान अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर संचालित होता पाया गया तो प्रशासन से उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की जाएगी।
हालांकि किसी भी दुकान या व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार केवल प्रशासन और संबंधित सरकारी एजेंसियों के पास होता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की जांच या कार्रवाई प्रशासनिक नियमों के अनुरूप ही की जा सकती है।
मुस्लिम भोजनालयों को लेकर भी संगठन का बयान
प्रेस वार्ता के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि कोई भोजनालय अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर संचालित होता पाया गया तो उसके संबंध में प्रशासन को शिकायत दी जाएगी। संगठन ने कहा कि वह कानून के दायरे में रहकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाएगा।
गौरतलब है कि इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि इस अभियान को लेकर क्या व्यवस्था की जाएगी।
AIMIM नेता शादाब चौहान के बयान पर जताया विरोध
हिंदू संगठन ने AIMIM नेता शादाब चौहान द्वारा कांवड़ यात्रा को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। संगठन का आरोप है कि इस प्रकार के बयान करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं।
संगठन के अध्यक्ष सचिन सिरोही ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सदियों पुरानी आस्था और परंपरा का प्रतीक है। ऐसे में किसी भी प्रकार की विवादित टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
कांवड़ यात्रा को बताया आस्था का महापर्व
सचिन सिरोही ने कहा कि सावन के महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। लाखों-करोड़ों शिवभक्त हर वर्ष गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों तक पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा से करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हुई हैं और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। संगठन का कहना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था दोनों का पालन होना चाहिए।
प्रशासन की भूमिका रहेगी महत्वपूर्ण
कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हरिद्वार मार्ग पर हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुजरते हैं। इसी कारण पुलिस और प्रशासन पहले से सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी को लेकर तैयारियां करते हैं।
ऐसी स्थिति में यदि किसी संगठन द्वारा जांच अभियान चलाने की घोषणा की जाती है तो प्रशासन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। कानून व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी प्रकार के विवाद को रोकना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।
कानून के दायरे में रहने की अपील
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान सभी संगठनों, दुकानदारों और आम नागरिकों को कानून का पालन करना चाहिए। किसी भी प्रकार की शिकायत या संदेह होने पर उसकी सूचना संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दी जानी चाहिए, ताकि निष्पक्ष जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज
इस बीच मेरठ और आसपास के जिलों में कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासन सड़क मरम्मत, सफाई, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा शिविर, पेयजल, सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। वहीं विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठन भी शिवभक्तों की सेवा के लिए भंडारे, विश्राम शिविर और चिकित्सा सहायता केंद्र लगाने की तैयारी कर रहे हैं।
मेरठ में कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन द्वारा 30 जुलाई से कांवड़ मार्ग पर दुकानों की जांच अभियान की घोषणा के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। संगठन ने दुकानदारों की पहचान और दस्तावेजों की जांच की बात कही है तथा AIMIM नेता शादाब चौहान के कथित बयान पर भी कार्रवाई की मांग उठाई है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए इस पूरे मामले को किस प्रकार संभालता है।
Ahead of Kanwar Yatra 2026, a Hindu organization in Meerut has announced a shop verification drive on the Meerut-Haridwar Kanwar Route starting July 30. The organization said it will seek verification of shop owners’ identities and documents and has demanded administrative action over the alleged controversial remarks made by AIMIM leader Shadab Chauhan regarding the Kanwar Yatra. The development has sparked discussion across Uttar Pradesh as authorities continue preparations for the annual pilgrimage, with law and order expected to remain a key focus during the yatra.



















