AIN NEWS 1: गाजियाबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र स्थित गणेशपुरी (भाटी चौक) में संचालित एक सोया चाप निर्माण इकाई पर औचक छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में ऐसी स्थिति सामने आई जिसने अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया। फैक्ट्री में अत्यंत गंदे और अस्वच्छ वातावरण में सोया चाप तैयार की जा रही थी, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है।
यह कार्रवाई जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम द्वारा की गई। छापेमारी का नेतृत्व सहायक आयुक्त (खाद्य)-II सुरेश कुमार मिश्रा ने किया। अधिकारियों ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों और नियमित निगरानी अभियान के तहत इस फैक्ट्री का निरीक्षण किया गया, जहां खाद्य सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन पाया गया।

फैक्ट्री के अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी रह गए हैरान
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि सोया चाप ऐसे स्थान पर बनाई जा रही थी जहां साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद खराब थी। फर्श पर गंदगी फैली हुई थी, निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बर्तन और उपकरण साफ नहीं थे तथा उत्पादन क्षेत्र में स्वच्छता के बुनियादी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। ऐसे वातावरण में तैयार खाद्य सामग्री सीधे लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खाद्य पदार्थों के निर्माण में स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण शर्त होती है। यदि उत्पादन स्थल ही अस्वच्छ हो तो खाद्य सामग्री दूषित होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
मौके पर नष्ट कराई गई लगभग 200 किलो सोया चाप
निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार सोया चाप मौके पर मिली। अधिकारियों ने गुणवत्ता और स्वच्छता को देखते हुए लगभग 200 किलोग्राम अमानक सोया चाप को तत्काल नष्ट कराने का निर्णय लिया। विभाग के अनुसार नष्ट की गई सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 20 हजार रुपये बताई गई है।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना ही नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना भी है।
जांच के लिए लिए गए तीन नमूने
खाद्य सुरक्षा विभाग ने फैक्ट्री से तीन अलग-अलग नमूने भी एकत्र किए हैं। इनमें सफेद सोया चाप, रंगीन सोया चाप और मैदे का नमूना शामिल है। इन सभी नमूनों को विस्तृत जांच के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया है।
प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या उनमें किसी प्रकार की मिलावट अथवा अन्य अनियमितता मौजूद है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्पादन बंद रखने के निर्देश
निरीक्षण के बाद विभाग ने फैक्ट्री संचालकों को आवश्यक सुधार होने तक उत्पादन पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही संबंधित इकाई का खाद्य पंजीकरण निलंबित करने की संस्तुति भी की गई है।
यदि जांच रिपोर्ट में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आर्थिक दंड के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
फैक्ट्री संचालक मौके पर नहीं मिले
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री की पंजीकृत स्वामी ऊषा गुप्ता मौके पर मौजूद नहीं थीं। निरीक्षण के समय मैनेजर पंकज गुप्ता अधिकारियों के समक्ष उपस्थित थे। विभाग ने उनसे आवश्यक दस्तावेज और जानकारी मांगी तथा आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
हालांकि सोशल मीडिया पर फैक्ट्री स्वामी के नाम को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, लेकिन उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार पंजीकरण ऊषा गुप्ता के नाम पर दर्ज है। इसलिए लोगों को केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने दी चेतावनी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा जो खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं की सेहत से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों ने होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान, डेयरी, बेकरी और खाद्य निर्माण इकाइयों से अपील की है कि वे साफ-सफाई, गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आम लोगों के लिए क्या है जरूरी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता संदिग्ध लगे या उसमें बदबू, रंग या स्वाद में असामान्य बदलाव दिखाई दे तो उसका सेवन नहीं करना चाहिए। पैक्ड या खुले खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, निर्माण स्थल और स्वच्छता का ध्यान रखना भी जरूरी है।
यदि किसी दुकान या फैक्ट्री में गंदगी या मिलावट की आशंका दिखाई देती है तो इसकी सूचना संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को दी जा सकती है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
जिले में आगे भी जारी रहेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिलेभर में इसी प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। त्योहारों और बढ़ती खाद्य मांग को देखते हुए विभाग विशेष निगरानी अभियान चला रहा है ताकि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ गुणवत्ता मानकों के अनुरूप रहें।
गाजियाबाद की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त रुख अपनाने के लिए तैयार है। अब सभी की नजर प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर है, जिसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
The Ghaziabad Soya Chaap Factory Raid has raised serious concerns over food safety, hygiene violations, and food adulteration in Uttar Pradesh. During the inspection, the Food Safety Department (FSDA Ghaziabad) destroyed nearly 200 kg of substandard soya chaap and collected samples for laboratory testing. The raid, conducted in Shalimar Garden, Ghaziabad, highlights the government’s strict action against unsafe food manufacturing units. This Ghaziabad latest news emphasizes the importance of food safety standards, consumer health, and legal action against factories violating hygiene norms.



















