नमस्कार,
कल की बड़ी खबर राहुल गांधी के विवादित बयान से जुड़ी रही। उन्होंने नए शिक्षा मंत्री को रेपिस्ट की पैरवी करने वाला बताया। भाजपा सांसदों ने इसे चरित्र हनन कहा। दूसरी खबर सुप्रीम कोर्ट के प्रदर्शनकारियों को रिहा करने के आदेश से जुड़ी है।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. कॉमनवेल्थ गेम्स के वेटलिफ्टिंग इवेंट में संजना 77kg कैटेगरी के फाइनल में गोल्ड के लिए उतरेंगी।
2. संसद में मानसून सत्र का आठवां दिन है।
कल की बड़ी खबरें:
1. राहुल गांधी का शिक्षा मंत्री पर हमला, संसद में छिड़ा सियासी विवाद

मुख्य बातें
- राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री पर गंभीर टिप्पणी की।
- प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया।
- पेपर लीक विधेयक पर लोकसभा में करीब 9 घंटे चर्चा हुई।
पेपर लीक से जुड़े विधेयक पर लोकसभा में चर्चा के दौरान सियासी माहौल गरमा गया। संसद के बाहर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने पेपर लीक का बचाव करने वाले व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया है। वहीं, प्रियंका गांधी ने भी सदन में इसी तरह की टिप्पणी की, जिसे बाद में लोकसभा की कार्यवाही से हटा दिया गया।
प्रियंका गांधी की टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने विरोध दर्ज कराया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, निशिकांत दुबे और अन्य भाजपा नेताओं ने इसे शिक्षा मंत्री का चरित्र हनन बताते हुए माफी की मांग की।
लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े संशोधन विधेयक पर लगभग 9 घंटे तक चर्चा चली। रात 11 बजे सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अब इस विधेयक पर आगे की चर्चा के बाद इसे राज्यसभा में भी पेश किया जाएगा।
2. सुप्रीम कोर्ट ने कहा- शांतिपूर्ण प्रदर्शन अधिकार, नाबालिग प्रदर्शनकारियों की रिहाई के निर्देश

मुख्य बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को संवैधानिक अधिकार बताया।
- नाबालिग प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई के निर्देश दिए।
- पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सुनवाई करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। कोर्ट ने विशेष रूप से उन नाबालिग प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई के निर्देश दिए, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
अदालत ने पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने का भी निर्देश दिया है। साथ ही प्रदर्शन से जुड़े सीसीटीवी, ड्रोन और बॉडी कैमरा समेत सभी डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट ने दिल्ली सहित आठ राज्यों से जवाब भी मांगा है। जिन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उनके विरुद्ध फिलहाल कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने को कहा गया है।
3. CJP का दावा- प्रदर्शनकारियों की FIR वापस होगी, पुलिस ने अपराधियों की मौजूदगी का किया दावा

मुख्य बातें
- CJP ने प्रदर्शनकारियों की FIR वापस लेने का दावा किया।
- पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन में कई गंभीर मामलों के आरोपी भी शामिल थे।
- दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
कॉनकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि छात्र आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाएगी। पार्टी का कहना है कि सरकार ने भरोसा दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ भविष्य में कोई कार्रवाई नहीं होगी और इस संबंध में अधिसूचना जारी की जाएगी।
दूसरी ओर दिल्ली पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी शामिल थे, जिन पर पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, दुष्कर्म, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसे मामलों के आरोपी भी मौजूद थे।
इस मुद्दे पर CJP और पुलिस के दावों में स्पष्ट मतभेद देखने को मिल रहा है।
4. लखनऊ विधायक आवास की सातवीं मंजिल से गिरकर पूर्व मंत्री नानकदीन भुर्जी की मौत

मुख्य बातें
- विधायक आवास की सातवीं मंजिल से गिरने से हुई मौत।
- घटना की वजह का अभी खुलासा नहीं हुआ।
- पुलिस हादसे और आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच कर रही है।
लखनऊ के नए विधायक आवास में सातवीं मंजिल से गिरने के बाद पूर्व मंत्री और भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री नानकदीन भुर्जी की मौत हो गई। जिस फ्लैट से वह गिरे, वह सुभाषपा विधायक हंसू राम को आवंटित बताया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नानकदीन भुर्जी सुबह विधायक आवास पहुंचे थे। घटना के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच की जा रही है। फिलहाल आत्महत्या और हादसा दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है।
5. योगी का ऐलान- वकीलों को कैशलेस इलाज, सोशल मीडिया पर अफवाहों से सावधान रहने की अपील

मुख्य बातें
- यूपी सरकार वकीलों के लिए कैशलेस इलाज की योजना लाएगी।
- मुख्यमंत्री ने बार एसोसिएशन से प्रस्ताव मांगा।
- सोशल मीडिया पर देश विरोधी दुष्प्रचार से सतर्क रहने की सलाह दी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में बार एसोसिएशन के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार वकीलों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।
उन्होंने बार एसोसिएशन से विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा और भरोसा दिलाया कि सरकार इस सुविधा को लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और देश विरोधी सूचनाओं से सावधान रहने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि नागरिकों को किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचनी चाहिए।
6. फेसबुक ने हटाया पीएम मोदी का वीडियो, तकनीकी गलती बताकर फिर किया बहाल

मुख्य बातें
- पेपर लीक कानून से जुड़े वीडियो को फेसबुक ने हटाया था।
- सरकार की आपत्ति के बाद वीडियो दोबारा बहाल किया गया।
- मेटा ने इसे तकनीकी त्रुटि बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पेपर लीक के खिलाफ प्रस्तावित कानून से जुड़ा वीडियो फेसबुक से हटाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। सरकार की ओर से आपत्ति जताए जाने पर मेटा ने वीडियो को दोबारा बहाल कर दिया।
मेटा ने स्पष्ट किया कि वीडियो किसी नीति उल्लंघन के कारण नहीं हटाया गया था, बल्कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से गलती से हट गया था।
प्रधानमंत्री ने यह वीडियो 23 जुलाई को साझा किया था, जिसमें उन्होंने पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून की आवश्यकता पर जोर दिया था।
7. जापान में 6.8 तीव्रता का भूकंप, मॉल का हिस्सा ढहा, 1.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया

मुख्य बातें
- जापान के कुमामोटो क्षेत्र में 6.8 तीव्रता का भूकंप आया।
- भूकंप के बाद एक शॉपिंग मॉल का हिस्सा ढह गया।
- प्रशासन ने 1.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी।
जापान के दक्षिणी कुमामोटो प्रांत में 6.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप महसूस किया गया। तेज झटकों के बाद काशिमा शहर में स्थित एक शॉपिंग मॉल का हिस्सा ढह गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था। इसके बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्यूशू द्वीप के करीब 1.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी।
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में तैनात किए गए हैं।



















