यूपी में 15 IPS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल: लखनऊ और प्रयागराज को मिले नए पुलिस कमिश्नर, नोएडा में लक्ष्मी सिंह का रिकॉर्ड कायम
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में बड़ा फेरबदल किया है। सरकार द्वारा जारी ताजा तबादला सूची में कुल 15 आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल का सबसे अधिक असर लखनऊ और प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण शहरों में देखने को मिला, जहां नए पुलिस कमिश्नरों की नियुक्ति की गई है।
हालांकि इस व्यापक बदलाव के बीच एक नाम ऐसा भी है, जो लगातार अपने पद पर बना हुआ है। गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह अभी भी अपने पद पर कार्यरत हैं। नवंबर 2022 में नियुक्ति के बाद से अब तक उनका कार्यकाल लगातार जारी है, जो उत्तर प्रदेश के पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम में एक उल्लेखनीय रिकॉर्ड माना जा रहा है।

15 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के तबादले
उत्तर प्रदेश सरकार समय-समय पर प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार अधिकारियों के तबादले करती है। इसी क्रम में इस बार 15 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना तथा विभिन्न जिलों में प्रशासनिक कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करना है।
इस फेरबदल में कई बड़े शहरों के पुलिस नेतृत्व में बदलाव किया गया है। लखनऊ और प्रयागराज जैसे संवेदनशील शहरों में नए पुलिस कमिश्नरों की तैनाती को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लखनऊ को मिला नया पुलिस कमिश्नर
राजधानी लखनऊ में पुलिस कमिश्नर के पद पर बदलाव किया गया है। अमरेन्द्र (अमरेश) कुमार सेंगर, जिन्होंने जून 2024 में लखनऊ पुलिस कमिश्नर का कार्यभार संभाला था, उन्हें नई जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है।
यदि पिछले कुछ वर्षों पर नजर डालें तो अगस्त 2022 के बाद से लखनऊ में यह तीसरा बड़ा नेतृत्व परिवर्तन है। इससे पहले भी राजधानी में पुलिस कमिश्नर के पद पर बदलाव हो चुके हैं। ऐसे में राजधानी की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी अब नए नेतृत्व के हाथों में होगी।
प्रयागराज में भी बदला नेतृत्व
महाकुंभ और कई महत्वपूर्ण आयोजनों के कारण प्रयागराज हमेशा प्रशासनिक दृष्टि से संवेदनशील शहरों में गिना जाता है। सरकार ने यहां भी पुलिस नेतृत्व में बदलाव करते हुए पीयूष मोर्डिया को नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है।
इससे पहले जोरिंदर सिंह मई 2025 से इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे थे। अब नई नियुक्ति के साथ प्रयागराज पुलिस को नया नेतृत्व मिल गया है।
नोएडा में कायम है लक्ष्मी सिंह का भरोसा
जहां प्रदेश के कई शहरों में पुलिस कमिश्नर बदले गए, वहीं गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में कोई बदलाव नहीं किया गया। आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी सिंह नवंबर 2022 से लगातार नोएडा की पुलिस कमिश्नर बनी हुई हैं।
नोएडा उत्तर प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और आईटी हब माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में बहुराष्ट्रीय कंपनियां, आईटी पार्क, औद्योगिक इकाइयां और लाखों की आबादी निवास करती है। ऐसे जिले में लगातार एक ही अधिकारी का बने रहना सरकार के विश्वास को दर्शाता है।
उनके कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध पर कार्रवाई, ट्रैफिक प्रबंधन और बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए गए हैं। यही कारण है कि लगातार प्रशासनिक फेरबदल के बावजूद उन्हें अभी तक नहीं बदला गया है।
गाजियाबाद में भी हुआ था बदलाव
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट की बात करें तो नवंबर 2022 में अजय कुमार मिश्रा यहां के पहले पुलिस कमिश्नर बने थे। उन्होंने लगभग ढाई वर्ष तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया। अप्रैल 2025 में उनका तबादला कर दिया गया, जिसके बाद वहां नए नेतृत्व ने कार्यभार संभाला।
इस तुलना में देखा जाए तो नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का कार्यकाल अधिक लंबा रहा है।
क्या कहती है यह तबादला सूची?
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीएस अधिकारियों के तबादले सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। सरकार समय-समय पर प्रदर्शन, प्रशासनिक जरूरतों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपती है।
इस बार की सूची में लखनऊ और प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण शहरों में बदलाव किए गए हैं, जबकि नोएडा में मौजूदा नेतृत्व पर भरोसा बरकरार रखा गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार फिलहाल नोएडा पुलिस के कार्यों से संतुष्ट दिखाई देती है।
सोशल मीडिया पर क्यों हो रही चर्चा?
तबादला सूची सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सबसे अधिक चर्चा इस बात की हो रही है कि नवंबर 2022 से अब तक कई बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नर बदल चुके हैं, लेकिन नोएडा में लक्ष्मी सिंह लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। कई लोग इसे उनके लंबे कार्यकाल और प्रशासनिक स्थिरता से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे कुछ संदेशों में इस स्थिति को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणियां और राजनीतिक निष्कर्ष भी जोड़े जा रहे हैं। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ऐसे निष्कर्ष आधिकारिक तथ्यों का हिस्सा नहीं हैं। तथ्य केवल इतना है कि वर्तमान तबादला सूची में नोएडा पुलिस कमिश्नर के पद पर कोई बदलाव नहीं किया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए 15 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव माने जा रहे हैं। लखनऊ और प्रयागराज को नए पुलिस कमिश्नर मिल गए हैं, जबकि नोएडा में लक्ष्मी सिंह का कार्यकाल लगातार जारी है।
यह बदलाव एक बार फिर यह दर्शाता है कि सरकार समय-समय पर प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय करती है। आने वाले समय में नए पुलिस नेतृत्व से कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद की जा रही है। वहीं नोएडा में लक्ष्मी सिंह का लगातार बना रहना इस फेरबदल की सबसे अधिक चर्चा में रहने वाली बात बन गया है।
The Uttar Pradesh government has carried out a major IPS reshuffle by transferring 15 senior IPS officers across the state. The latest administrative changes include new Police Commissioners for Lucknow and Prayagraj, while Noida Police Commissioner Laxmi Singh continues in her position. The UP IPS Transfer 2026 has drawn attention because Laxmi Singh remains one of the longest-serving Police Commissioners in Uttar Pradesh since the commissionerate system expanded. This major police administration update is important for citizens, law enforcement, and governance across the state.



















