अभिजीत दिपके और पुलिसकर्मी में तीखी बहस का वीडियो वायरल, घर आने वाले लोगों को रोकने पर भड़के CJP संयोजक
AIN NEWS 1: छत्रपति संभाजीनगर: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके और पुलिस के बीच कथित विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित दिपके के आवास के बाहर का बताया जा रहा है। इसमें दिपके एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) से तीखी बहस करते नजर आ रहे हैं।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक विवाद की मुख्य वजह दिपके के घर आने-जाने वाले लोगों को लेकर पुलिस की कथित रोक-टोक थी। दिपके ने पुलिसकर्मी से सवाल किया कि उनके घर कौन आएगा और किससे वह मुलाकात करेंगे, यह तय करने का अधिकार पुलिस को किसने दिया है।
हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही बहस का एक हिस्सा ही सामने आया है। इससे पहले घटनास्थल पर क्या हुआ था और पुलिसकर्मी की ओर से क्या कहा गया था, इसकी पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। इसलिए पूरे घटनाक्रम को केवल वायरल वीडियो के आधार पर तय करना उचित नहीं होगा।
घर के बाहर सुरक्षा में तैनात थी पुलिस
अभिजीत दिपके के घर पर पुलिस की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। इससे पहले महाराष्ट्र पुलिस ने उनके छत्रपति संभाजीनगर स्थित आवास पर सुरक्षा बढ़ाई थी। मई 2026 में उनके खिलाफ कथित धमकी भरे संदेश सामने आने के बाद उनके माता-पिता के घर के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की खबरें आई थीं।

जून में भी पुलिस अधिकारियों ने दिपके के घर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की जानकारी दी थी। एक अधिकारी के अनुसार, दिपके के भारत लौटने के दौरान संभावित भीड़ और किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की बात भी कही गई थी।
इसी सुरक्षा व्यवस्था के दौरान अब पुलिस और दिपके के बीच कथित कहासुनी का वीडियो सामने आया है।
दिपके ने पुलिसकर्मी पर क्या आरोप लगाए?
वायरल वीडियो से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दिपके का आरोप है कि उनके घर पर तैनात पुलिसकर्मी उनसे मिलने आने वाले लोगों को रोक रहे थे। उनका कहना था कि पुलिस को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि उनके निजी आवास पर कौन उनसे मिलने आएगा।
बहस के दौरान दिपके पुलिस अधिकारी से काफी नाराज दिखाई देते हैं। उन्होंने पुलिसकर्मी को हटाने की मांग भी की। वीडियो में दोनों के बीच बातचीत का लहजा काफी तीखा नजर आता है।
दिपके की ओर से यह भी दावा किया गया कि उनके आसपास सादे कपड़ों में कुछ खुफिया या CID कर्मी मौजूद थे। लेकिन इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है। महाराष्ट्र CID की ओर से ऐसी कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है जिसके आधार पर यह निश्चित रूप से कहा जा सके कि मौके पर CID के कर्मचारी मौजूद थे।
“Hit Spray” WhatsApp ग्रुप का क्या मामला है?
इस पूरे विवाद के साथ सोशल मीडिया पर “Hit Spray” नाम के WhatsApp ग्रुप का भी जिक्र किया जा रहा है। कुछ पोस्ट और दावों में इसे पुलिस या CID से जोड़ने की कोशिश की गई है।
लेकिन उपलब्ध विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों की जांच में अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक दस्तावेज, पुलिस बयान या CID की पुष्टि सामने नहीं आई है, जिससे यह साबित हो कि किसी CID कर्मी के मोबाइल फोन में “Hit Spray” नाम का WhatsApp ग्रुप मौजूद था।
इसलिए इस दावे को फिलहाल अपुष्ट दावा ही माना जाना चाहिए। जब तक पुलिस, CID या किसी आधिकारिक जांच एजेंसी की ओर से इसकी पुष्टि नहीं होती, इसे खबर में स्थापित तथ्य के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।
पहले भी सुर्खियों में रहा है CJP आंदोलन
अभिजीत दिपके पिछले कुछ महीनों में छात्र और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी नाम के आंदोलन के जरिए परीक्षा व्यवस्था, छात्रों की समस्याओं और कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दे उठाए हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP से जुड़े प्रदर्शनों के दौरान भी उनका नाम लगातार सामने आया। जून में प्रदर्शन स्थल पर एक व्यक्ति के HIT स्प्रे लेकर पहुंचने की घटना भी मीडिया में रिपोर्ट हुई थी। उस घटना और मौजूदा “Hit Spray WhatsApp ग्रुप” के दावे को आपस में जोड़ने के लिए फिलहाल पर्याप्त स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
दिपके ने हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो और गलत सूचनाओं को लेकर भी बयान दिए हैं। उन्होंने दावा किया है कि राजनीतिक IT सेल से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट बड़ी संख्या में फर्जी सामग्री प्रसारित करते हैं। हालांकि ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और प्रत्येक दावे की अलग-अलग पुष्टि आवश्यक है।
पुलिस और दिपके के विवाद में असली सवाल क्या है?
इस घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सुरक्षा के नाम पर पुलिस की भूमिका की सीमा क्या होनी चाहिए और किसी व्यक्ति के निजी आवास पर आने-जाने वालों को लेकर पुलिस किस परिस्थिति में हस्तक्षेप कर सकती है।
दूसरी ओर, अगर किसी व्यक्ति को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है तो पुलिस की जिम्मेदारी केवल बाहर खड़े रहने तक सीमित नहीं होती। संभावित खतरे को देखते हुए आने-जाने वालों और भीड़ पर नजर रखना भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है।
यही वजह है कि इस मामले में दोनों पक्षों का पूरा पक्ष सामने आना जरूरी है। वायरल वीडियो में केवल बहस का हिस्सा दिखाई देता है और इससे यह तय नहीं किया जा सकता कि पुलिसकर्मी ने किस परिस्थिति में किसी व्यक्ति को रोका था।
सोशल मीडिया पर वीडियो के बाद बढ़ी चर्चा
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दिपके और पुलिस के पक्ष में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे पुलिस की कथित दखलअंदाजी बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी को उचित मान रहे हैं।
ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को तथ्य मानने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
फिलहाल क्या-क्या साफ है?
उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर इतना स्पष्ट है कि अभिजीत दिपके के छत्रपति संभाजीनगर स्थित आवास पर पुलिस सुरक्षा मौजूद रही है और उनके घर के बाहर एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर के साथ उनकी तीखी बहस का वीडियो सामने आया है। विवाद उनके घर आने वाले लोगों को लेकर कथित रोक-टोक से जुड़ा बताया जा रहा है।
वहीं, सादे कपड़ों में CID कर्मियों की मौजूदगी और “Hit Spray” WhatsApp ग्रुप से जुड़ा दावा अभी स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हुआ है। इसलिए इन दोनों बातों को फिलहाल आरोप या दावा के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
मामले में यदि महाराष्ट्र पुलिस, CID या स्थानीय प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने आता है तो उससे विवाद की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर चर्चा जरूर तेज है, लेकिन वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे हर दावे को सच मानना उचित नहीं होगा।
Abhijeet Dipke, founder of the Cockroach Janta Party (CJP), has become the subject of a viral police confrontation video from Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra. The dispute reportedly involved police security outside his residence and allegations that visitors were being stopped. Claims about plainclothes CID personnel and a “Hit Spray” WhatsApp group remain unverified and should not be treated as confirmed facts without an official statement. The incident has renewed attention on Abhijeet Dipke, CJP, Maharashtra Police and the security arrangements at his residence.



















