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भारत में EV की रफ्तार तेज, जुलाई में रिकॉर्ड 3.27 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बिके; दोपहिया बिक्री में 88% उछाल

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AIN NEWS 1: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार मजबूत होती जा रही है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती लागत, इलेक्ट्रिक वाहनों के नए मॉडल, चार्जिंग सुविधाओं में विस्तार और सरकारी प्रोत्साहन के बीच अब बड़ी संख्या में ग्राहक EV की ओर रुख कर रहे हैं। जुलाई 2026 के वाहन बिक्री आंकड़े इस बदलाव की तस्वीर और साफ करते हैं।

ऑटोमोबाइल डीलर्स के संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अनुसार, जुलाई 2026 में देशभर में कुल 3,27,901 इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री दर्ज की गई। पिछले साल जुलाई के मुकाबले यह करीब 66 फीसदी अधिक है। खास बात यह है कि जुलाई की बिक्री ने जून 2026 के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।

जून में देश में लगभग 3.06 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री हुई थी। ऐसे में जुलाई में करीब 21,681 अतिरिक्त EV बिके। यह आंकड़ा बताता है कि भारतीय ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब केवल एक वैकल्पिक विकल्प नहीं रह गई है, बल्कि धीरे-धीरे मुख्यधारा का हिस्सा बन रही है।

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों ने दिखाई सबसे तेज रफ्तार

EV बाजार की जुलाई की सफलता में सबसे बड़ा योगदान इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का रहा। महीने के दौरान 2,04,362 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बेचे गए। यह जुलाई 2025 की तुलना में करीब 88 फीसदी की वृद्धि है।

पहली बार किसी महीने में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री दो लाख यूनिट के आंकड़े को पार कर गई। कुल EV बिक्री में भी इन वाहनों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही।

शहरों में रोजाना आने-जाने के लिए कम लागत वाले विकल्प की तलाश कर रहे ग्राहकों के बीच इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की मांग तेजी से बढ़ी है। पेट्रोल की तुलना में कम परिचालन खर्च, रखरखाव की अपेक्षाकृत कम जरूरत और अलग-अलग कीमतों में उपलब्ध मॉडल इस सेगमेंट को मजबूती दे रहे हैं।

इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में भी बड़ा उछाल

इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल यानी इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में भी जुलाई के दौरान मजबूत वृद्धि देखने को मिली। FADA के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में 32,928 इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल बिके।

यह आंकड़ा पिछले साल के समान महीने की तुलना में करीब 83 फीसदी अधिक है। इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि अब ग्राहक EV को केवल छोटी दूरी के शहरी सफर तक सीमित विकल्प के रूप में नहीं देख रहे हैं।

बाजार में अलग-अलग कीमत और रेंज वाले नए इलेक्ट्रिक मॉडल आने से ग्राहकों के पास विकल्प भी बढ़े हैं। हालांकि, FADA ने संकेत दिया है कि कुछ लोकप्रिय इलेक्ट्रिक मॉडलों की सीमित उपलब्धता के कारण वास्तविक बिक्री क्षमता इससे अधिक हो सकती थी।

थ्री-व्हीलर सेगमेंट में भी EV की मजबूत पकड़

इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन भी देश के EV बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जुलाई 2026 में इस सेगमेंट में 87,055 यूनिट की खुदरा बिक्री हुई।

पिछले साल जुलाई की तुलना में इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर की बिक्री में करीब 25 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खासतौर पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में यात्री परिवहन तथा माल ढुलाई के लिए इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहनों का इस्तेमाल बढ़ रहा है।

कम परिचालन लागत के कारण व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर आकर्षक विकल्प बने हुए हैं। ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक कार्गो वाहनों की बढ़ती संख्या भी इस बदलाव का हिस्सा है।

इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों में सबसे तेज वृद्धि

संख्या के लिहाज से इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन अभी दूसरे EV सेगमेंट से छोटे हैं, लेकिन वृद्धि दर के मामले में जुलाई में उन्होंने सबसे ज्यादा तेजी दिखाई।

जुलाई 2026 में 3,556 इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की बिक्री हुई। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 169 फीसदी ज्यादा है।

यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का विस्तार केवल निजी वाहनों तक सीमित नहीं है। डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स, छोटे व्यावसायिक परिवहन और दूसरे कमर्शियल इस्तेमाल में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की भूमिका धीरे-धीरे बढ़ रही है।

हर आठ वाहनों में लगभग एक EV

जुलाई के कुल वाहन रिटेल आंकड़ों को देखें तो इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी करीब 12.6 फीसदी के आसपास रही। यानी मोटे तौर पर हर आठ बिकने वाले वाहनों में लगभग एक वाहन इलेक्ट्रिक था।

हालांकि, इसे पूरे ऑटो बाजार के सभी सेगमेंट में समान हिस्सेदारी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अलग-अलग वाहन श्रेणियों में EV की हिस्सेदारी अलग है। उदाहरण के लिए, इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी कुल पैसेंजर व्हीकल बाजार में करीब 8 फीसदी के आसपास रही।

इसलिए भारत में EV की पैठ बढ़ रही है, लेकिन पेट्रोल, डीजल, CNG और हाइब्रिड वाहन अभी भी बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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सरकार की नीतियों और चार्जिंग नेटवर्क का असर

इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती बिक्री के पीछे कई कारण हैं। इनमें सरकारी नीतियां, EV को बढ़ावा देने वाली योजनाएं, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और कंपनियों द्वारा लगातार नए मॉडल पेश करना प्रमुख हैं।

PM E-DRIVE जैसी योजनाओं ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने में भूमिका निभाई है। वहीं देश के बड़े शहरों के साथ-साथ हाईवे और छोटे शहरों में चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से ग्राहकों की रेंज और चार्जिंग को लेकर चिंता कम करने की कोशिश हुई है।

ऑटो कंपनियां भी लगातार नए इलेक्ट्रिक मॉडल बाजार में उतार रही हैं। अलग-अलग कीमतों, बैटरी क्षमता और ड्राइविंग रेंज के विकल्प उपलब्ध होने से EV बाजार का दायरा बढ़ रहा है।

आगे क्या रहेगा EV बाजार का रुख?

जुलाई के रिकॉर्ड आंकड़ों ने भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दिया है। हालांकि, आने वाले महीनों में EV बिक्री की रफ्तार कई कारकों पर निर्भर करेगी।

सरकारी प्रोत्साहन में बदलाव, नए मॉडल की उपलब्धता, बैटरी की कीमत, चार्जिंग नेटवर्क, वाहन की शुरुआती कीमत और ग्राहकों का भरोसा आने वाले समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

खासकर इलेक्ट्रिक दोपहिया और तीनपहिया वाहनों में मांग मजबूत रहने की संभावना है। इलेक्ट्रिक कार बाजार में भी नए मॉडल आने और कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने से ग्राहकों को अधिक विकल्प मिलने की उम्मीद है।

भारत में बदल रहा है वाहन खरीदने का तरीका

जुलाई 2026 के आंकड़ों को केवल बिक्री के रिकॉर्ड के तौर पर देखना पर्याप्त नहीं होगा। यह आंकड़े भारतीय उपभोक्ताओं की बदलती पसंद की ओर भी इशारा करते हैं।

एक समय इलेक्ट्रिक वाहन मुख्य रूप से पर्यावरण के लिहाज से पसंद किए जाते थे। अब कम परिचालन खर्च, तकनीक, नए डिजाइन और बढ़ते मॉडल विकल्प भी ग्राहकों के फैसले को प्रभावित कर रहे हैं।

अगर चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार जारी रहता है और कंपनियां प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बेहतर रेंज वाले वाहन उपलब्ध कराती हैं, तो आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बाजार हिस्सेदारी और बढ़ सकती है।

जुलाई 2026 में 3,27,901 EV की रिकॉर्ड बिक्री और सालाना आधार पर करीब 66 फीसदी की वृद्धि भारतीय ऑटो सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। फिलहाल तस्वीर साफ है—भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तेजी से आगे बढ़ रही है और EV अब देश की सड़कों पर एक आम नजारा बनने की दिशा में है।

India’s electric vehicle market recorded a major milestone in July 2026, with EV retail sales reaching 327,901 units, up around 66% year-on-year, according to FADA data. Electric two-wheelers remained the biggest growth driver with sales rising 88%, while electric passenger vehicles, three-wheelers and commercial EVs also posted strong growth. The record India EV sales figures highlight the rapid expansion of electric mobility, supported by new EV models, government incentives, improving charging infrastructure and rising consumer demand.

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