AIN NEWS 1 लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की योजना एक बार फिर चर्चा में है। सामने आई जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार इस योजना को लागू करने की तैयारी कर रही है और इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP तैयार की जा रही है। हालांकि, 15 अगस्त 2026 से यह सुविधा निश्चित रूप से शुरू हो जाएगी, इस संबंध में अभी तक ऐसी स्पष्ट आधिकारिक अधिसूचना सामने नहीं आई है, जिससे इस तारीख की अंतिम पुष्टि की जा सके।
इसलिए फिलहाल इसे सरकार की प्रस्तावित योजना और तैयारियों के तौर पर देखना ज्यादा सही होगा। सोशल मीडिया या कुछ रिपोर्टों में 15 अगस्त से मुफ्त यात्रा शुरू होने की बात कही जा रही है, लेकिन यात्रियों को योजना के अंतिम नियमों के लिए सरकार या उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।

2022 के चुनावी वादे से जुड़ी है योजना
60 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा कराने का मुद्दा नया नहीं है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के लोक कल्याण संकल्प पत्र में वरिष्ठ महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का वादा किया गया था।
इस प्रस्ताव का उद्देश्य बुजुर्ग महिलाओं को धार्मिक यात्राओं, सामाजिक कार्यक्रमों, पारिवारिक जरूरतों और अस्पताल या अन्य चिकित्सकीय कार्यों के लिए आने-जाने में आर्थिक राहत देना बताया गया था।
सरकार की ओर से समय-समय पर इस योजना को लागू करने की बात कही जाती रही है। अब एक बार फिर योजना को लेकर तैयारियां तेज होने की खबर सामने आई है।
15 अगस्त से लागू होने की बात कितनी सही?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को 15 अगस्त 2026 से मुफ्त बस यात्रा वास्तव में मिलना शुरू हो जाएगी?
उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी इस तारीख को पूरी तरह निश्चित नहीं माना जा सकता। परिवहन विभाग की ओर से योजना को लागू करने की तैयारी और SOP तैयार किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन अंतिम कैबिनेट मंजूरी और उसके बाद जारी होने वाले सरकारी आदेश के आधार पर ही योजना की प्रभावी तारीख स्पष्ट होगी।
इसलिए खबर को इस रूप में समझना जरूरी है कि सरकार योजना को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन 15 अगस्त की तारीख की अंतिम आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
₹100 करोड़ के दावे की भी पड़ताल जरूरी
इस योजना से जुड़ी खबरों में एक और दावा सामने आया है कि महिलाओं को मुफ्त यात्रा कराने के लिए सरकार ने ₹100 करोड़ मंजूर किए हैं।
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फैक्ट-चेक में यह बात सीधे तौर पर सही नहीं बैठती। उपलब्ध पुराने बजट संबंधी रिकॉर्ड में ₹100 करोड़ का प्रावधान नई बसों की खरीद से जुड़ा बताया गया था। दूसरी ओर, 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की मुफ्त यात्रा के लिए पहले टोकन राशि का प्रावधान किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इसका मतलब यह है कि ₹100 करोड़ को सीधे वरिष्ठ महिलाओं की मुफ्त यात्रा योजना का बजट बताना भ्रामक हो सकता है। योजना का वास्तविक वित्तीय प्रावधान और सरकार द्वारा वहन की जाने वाली राशि अंतिम सरकारी आदेश और बजट प्रावधान से ही स्पष्ट होगी।
कैसे मिल सकता है मुफ्त टिकट?
योजना लागू होने की स्थिति में वरिष्ठ महिलाओं की उम्र की पहचान के लिए आधार कार्ड या किसी अन्य वैध सरकारी पहचान पत्र का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार ई-टिकटिंग मशीन के माध्यम से पात्र महिला यात्री का टिकट जारी किया जा सकता है। टिकट पर किराये की राशि शून्य अथवा सरकार द्वारा निर्धारित किसी विशेष श्रेणी के तहत दर्ज की जा सकती है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अंतिम दस्तावेज, उम्र प्रमाण, पहचान पत्र और टिकट जारी करने की प्रक्रिया SOP जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
रोडवेज को भी मिल सकता है फायदा
परिवहन निगम के अधिकारियों का मानना है कि वरिष्ठ महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने से केवल महिला यात्रियों की संख्या ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि उनके साथ यात्रा करने वाले अन्य यात्रियों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है।
अक्सर बुजुर्ग महिलाएं अकेले लंबी दूरी की यात्रा नहीं करतीं। परिवार का कोई सदस्य या परिचित उनके साथ रहता है। ऐसे में यदि वरिष्ठ महिला को किराये से राहत मिलती है तो उसके साथ यात्रा करने वाले व्यक्ति से परिवहन निगम को सामान्य किराया प्राप्त हो सकता है।
यही वजह है कि योजना को केवल सामाजिक कल्याण के नजरिए से ही नहीं, बल्कि रोडवेज यात्रियों की संख्या बढ़ाने के संभावित माध्यम के तौर पर भी देखा जा रहा है।
2024 में हुआ था सर्वे
वरिष्ठ महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने के संबंध में परिवहन निगम द्वारा वर्ष 2024 में सर्वे किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
सर्वे का उद्देश्य यह समझना था कि बसों में महिला यात्रियों की संख्या कितनी है और वरिष्ठ महिलाओं को मुफ्त यात्रा देने पर निगम पर कितना वित्तीय प्रभाव पड़ सकता है।
सर्वे से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार लगभग हर 10 यात्रियों में तीन महिलाएं होने का अनुमान सामने आया था। हालांकि, इस आंकड़े को वर्तमान यात्रियों की संख्या का ताजा आधिकारिक आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
खाली सीटों के इस्तेमाल की योजना
योजना से जुड़ी रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि रोडवेज की बसों में उपलब्ध खाली सीटों का इस्तेमाल वरिष्ठ महिलाओं को यात्रा सुविधा देने के लिए किया जा सकता है।
यह व्यवस्था परिवहन निगम के लिए इसलिए महत्वपूर्ण हो सकती है क्योंकि खाली सीट पर यात्री बैठने से बस के परिचालन खर्च में तत्काल उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं होती। हालांकि, मुफ्त यात्रा से होने वाले राजस्व प्रभाव और सरकार द्वारा निगम को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति का अंतिम मॉडल सरकारी आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।
परिवहन मंत्री ने क्या कहा?
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह की ओर से पहले वरिष्ठ महिलाओं को मुफ्त यात्रा कराने की तैयारी की बात कही गई है। योजना को लागू करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया और SOP तैयार किए जाने की बात भी सामने आई है।
योजना को कैबिनेट के सामने रखे जाने और मंजूरी मिलने के बाद इसके नियमों को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
इसलिए अभी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कैबिनेट की मंजूरी और आधिकारिक शासनादेश आने के बाद ही योजना की वास्तविक शुरुआत, पात्रता और यात्रा के नियमों को अंतिम माना जाए।
किन महिलाओं को मिलेगा लाभ?
प्रस्तावित योजना के अनुसार 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं इसका लाभ उठा सकती हैं। लेकिन योजना लागू होने के बाद यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि उम्र की गणना किस तारीख के आधार पर होगी और कौन-कौन से पहचान पत्र स्वीकार किए जाएंगे।
इसके अलावा यह भी देखना होगा कि सुविधा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की सभी बसों में लागू होगी या कुछ विशेष श्रेणी की बसों में इसके लिए अलग नियम होंगे।
अभी क्या है स्थिति?
फिलहाल सबसे सुरक्षित निष्कर्ष यही है कि उत्तर प्रदेश सरकार वरिष्ठ महिलाओं के लिए रोडवेज में मुफ्त यात्रा की योजना को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। यह योजना 2022 के चुनावी वादे से जुड़ी है और इसे लागू करने के लिए पहले भी प्रयास किए जा चुके हैं।
लेकिन 15 अगस्त 2026 से मुफ्त यात्रा शुरू होने की तारीख को अभी अंतिम सरकारी घोषणा के बिना निश्चित तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा। इसी तरह ₹100 करोड़ को सीधे इस योजना का स्वीकृत बजट बताना भी सही नहीं है।
अब नजर कैबिनेट के फैसले, परिवहन विभाग की SOP और आधिकारिक शासनादेश पर रहेगी। इन्हीं दस्तावेजों से यह साफ होगा कि वरिष्ठ महिलाओं को कब से मुफ्त यात्रा मिलेगी, कौन-कौन सी बसें इसमें शामिल होंगी और यात्रा के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी।
अगर सरकार इस योजना को मंजूरी देकर लागू करती है तो 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को धार्मिक, सामाजिक, पारिवारिक और चिकित्सकीय यात्राओं में बड़ी आर्थिक राहत मिल सकती है। खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों की वरिष्ठ महिलाओं के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
फिलहाल इसे “योजना लागू करने की तैयारी” के रूप में देखना सही है। 15 अगस्त की तारीख और अंतिम नियमों पर सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना जरूरी है।
Uttar Pradesh is preparing a free roadways bus travel scheme for women aged 60 years and above. The proposed UP Roadways free travel scheme is linked to the 2022 election promise and may provide financial relief to senior women travelling for religious, medical, family and social purposes. The exact implementation date, eligibility rules, ticketing process and government reimbursement are expected to become clear after the official cabinet approval and government order. Claims about free travel starting from 15 August 2026 should therefore be treated cautiously until officially confirmed.



















