AIN NEWS 1 लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आजम खान को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव के उस बयान के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2027 में अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो आजम खान को प्रदेश का गृह मंत्री बनाया जाएगा। रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात के बाद शिवपाल यादव ने यह ऐलान किया था। उन्होंने आजम खान के साथ कथित अन्याय का बदला लेने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की बात भी कही थी।
अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिवपाल यादव के इसी बयान पर बिना आजम खान का नाम लिए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। लखनऊ में 14 अगस्त को आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग सत्ता में आने पर ऐसे व्यक्ति को गृह मंत्री बनाने की बात कर रहे हैं, जिनके समर्थन में पहले भी दंगों और विवादों को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
आजम खान का नाम लिए बिना सपा पर निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की आजादी और भारत के विभाजन से जुड़े इतिहास को लेकर जिन लोगों की विचारधारा पर सवाल उठते रहे हैं, आज वही लोग ऐसे नेताओं के पैरोकार बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद किसी विशेष नेता को गृह मंत्री बनाने की बात करना केवल राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि इससे उनकी सोच का भी पता चलता है।
योगी ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के दंगों से जुड़े लोगों को तत्कालीन मुख्यमंत्री आवास पर सम्मानित करवाया था, आज वही लोग ऐसे नेताओं के समर्थन में दलीलें दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे शर्मनाक सोच बताया।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आजम खान का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनका बयान शिवपाल यादव के हालिया बयान के संदर्भ में देखा जा रहा है। शिवपाल यादव ने 12 अगस्त को रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात के बाद कहा था कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर आजम खान को पहले गृह मंत्री बनाया जाएगा। उन्होंने 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से एकजुट होने की अपील भी की थी।
शिवपाल यादव ने क्या कहा था?
शिवपाल सिंह यादव ने रामपुर जेल में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से करीब एक घंटे मुलाकात की थी। इसके बाद वह आजम खान के घर पहुंचे और उनकी पत्नी तंजीन फातिमा से भी मुलाकात की। बाद में उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी का दौरा कर वहां के अधिकारियों से बातचीत की।
जेल से बाहर आने के बाद शिवपाल ने कहा था कि आजम खान के साथ बहुत जुल्म और शोषण हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में उन्हें परेशान किया जा रहा है और सरकार बदलने के बाद कथित तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों और लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसी दौरान उन्होंने कहा कि अगर 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो आजम खान को उत्तर प्रदेश का गृह मंत्री बनाया जाएगा। उनके इस बयान के बाद भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर योगी का कांग्रेस पर भी हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 1947 के विभाजन को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता हासिल करने की राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण देश को विभाजन की त्रासदी से गुजरना पड़ा।
योगी के मुताबिक, विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को अपनी जन्मभूमि छोड़कर विस्थापित होना पड़ा और लाखों लोगों ने हिंसा का सामना किया। उन्होंने कहा कि इतिहास को केवल परीक्षा के लिए पढ़ने का विषय नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि उससे पिछली गलतियों से सीखने की जरूरत है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर विभाजन जैसी परिस्थितियां क्यों पैदा हुईं और उसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही किस तरह तय हुई। उनके मुताबिक, आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से सीख लेकर देश की एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना चाहिए।
बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति का भी उठाया मुद्दा
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल ऐसे मामलों पर इसलिए चुप रहते हैं क्योंकि उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता रहती है।
योगी ने कहा कि राजनीति में सत्ता हासिल करना ही अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, राजनीतिक दलों को राष्ट्रहित और सामाजिक एकता को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग 1947 में सत्ता की राजनीति के कारण देश के विभाजन को रोक नहीं सके, वे आज भी उसी तरह की राजनीति कर रहे हैं। हालांकि, विपक्ष की ओर से इन आरोपों को लेकर अलग-अलग मौकों पर भाजपा की राजनीति पर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं।
जाति और क्षेत्र के बंटवारे को भी बताया बड़ी कमजोरी
सीएम योगी ने भारत के इतिहास में विदेशी शासन के दौरान की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश की कमजोरी का एक बड़ा कारण आपसी मतभेद रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जाति, क्षेत्र और आपसी विवादों के कारण समाज कई हिस्सों में बंटता रहा। इसका फायदा बाहरी ताकतों ने उठाया। मुख्यमंत्री ने लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि जब समाज आपस में बंट जाता है तो उसका नुकसान पूरे देश को उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को इतिहास से सबक लेकर ऐसी परिस्थितियां दोबारा पैदा नहीं होने देनी चाहिए।
CAA विरोध को लेकर भी सपा-कांग्रेस पर आरोप
मुख्यमंत्री योगी ने नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता का रास्ता देना था।
योगी ने दावा किया कि CAA के विरोध के दौरान उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हिंसा और दंगे कराने के प्रयास किए गए। उन्होंने लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर का नाम लेते हुए कहा कि सरकार ने स्थिति को नियंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इन आंदोलनों को सपा और कांग्रेस का पर्दे के पीछे से समर्थन मिला था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में उस समय भाजपा की सरकार होने के कारण स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए।
2027 के चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक गर्मी
आजम खान को गृह मंत्री बनाने का शिवपाल यादव का बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। सपा जहां अपने संगठन को मजबूत करने और सरकार बनाने का दावा कर रही है, वहीं भाजपा विपक्ष पर लगातार हमलावर है।
आजम खान लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रभावशाली नाम रहे हैं। उनके खिलाफ चल रहे मामलों और उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर सपा लगातार सवाल उठाती रही है। हाल ही में शिवपाल यादव के बयान और उसके बाद योगी आदित्यनाथ के पलटवार ने इस मुद्दे को फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
फिलहाल इस बयानबाजी से एक बात साफ है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में आजम खान, कानून-व्यवस्था, दंगा, तुष्टिकरण और विभाजन की राजनीति जैसे मुद्दे प्रमुख चुनावी विषय बन सकते हैं।
नोट: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान में आजम खान का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया था। उनका बयान शिवपाल यादव के हालिया बयान और समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक टिप्पणी के संदर्भ में देखा जा रहा है। वहीं शिवपाल यादव का आजम खान को गृह मंत्री बनाने वाला बयान 12 अगस्त 2026 को रामपुर जेल में मुलाकात के बाद सामने आया था।
Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath has strongly reacted to Samajwadi Party leader Shivpal Yadav’s statement that Azam Khan could be made the Home Minister if the SP forms the government in Uttar Pradesh in 2027. Speaking during the Partition Horrors Remembrance Day programme in Lucknow, Yogi Adityanath criticised the Samajwadi Party over its political approach and alleged links with issues related to riots and law and order. The remarks have intensified the ongoing UP Politics debate ahead of the 2027 Uttar Pradesh Assembly Election, with Azam Khan, Shivpal Yadav, Samajwadi Party and BJP emerging as major talking points.



















