spot_imgspot_img

भारत नहीं खरीदेगा रूस का Su-57! ‘सुपर सुखोई’ को मिलेगा अपग्रेड, चीन के J-20 को टक्कर देने की तैयारी

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | नई दिल्ली: चीन की ओर से एलएसी के आसपास स्टील्थ फाइटर जेट J-20 की तैनाती के बीच भारतीय वायुसेना अपने मौजूदा Su-30MKI लड़ाकू विमानों को और ज्यादा ताकतवर बनाने की तैयारी में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना रूस के Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट को खरीदने के बजाय मौजूदा सुखोई बेड़े के बड़े अपग्रेड पर फोकस कर रही है।

Su-30MKI का अपग्रेड हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की नासिक स्थित सुविधा में किया जाएगा। इसके अलावा कुछ विमानों को अपग्रेड से जुड़े काम के लिए रूस भी भेजे जाने की संभावना है।

क्या होगा ‘सुपर सुखोई’ में अपग्रेड?

Su-30MKI के अपग्रेड में उसके इंजन, एवियोनिक्स और हथियार प्रणालियों को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा सकता है।

भारत ने 2024 में सुखोई विमानों के लिए 240 नए AL-31FP इंजन खरीदने का करार किया था। इन इंजनों की डिलीवरी शुरू हो चुकी है। ऐसे में अपग्रेड प्रोग्राम में नए या बेहतर इंजन की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

इसके अलावा विमान के एवियोनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को भी आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे उसकी निगरानी, टारगेटिंग और युद्ध क्षमता में सुधार हो सके।

हालांकि, अपग्रेड के बाद Su-30MKI को पूरी तरह स्टील्थ फाइटर नहीं माना जा सकता। लेकिन नए सेंसर, एवियोनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और हथियारों के साथ इसकी युद्धक क्षमता काफी बढ़ सकती है।

ऑपरेशन सिंदूर में दिखा था सुखोई का दम

Su-30MKI भारतीय वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण लड़ाकू विमानों में से एक है और इसकी क्षमता का इस्तेमाल हाल के सैन्य अभियानों में भी किया गया है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल के इस्तेमाल में Su-30MKI की भूमिका महत्वपूर्ण रही। इसके अलावा सुखोई विमानों को स्वदेशी Astra एयर-टू-एयर मिसाइल से भी लैस किया जा रहा है।

इससे Su-30MKI की लंबी दूरी से हमला करने और हवा से हवा में मुकाबला करने की क्षमता और मजबूत होती है।

26 साल से भारतीय वायुसेना का हिस्सा है Su-30MKI

भारतीय वायुसेना पिछले करीब 26 वर्षों से Su-30MKI का संचालन कर रही है।

भारत ने 1990 के दशक के आखिरी वर्षों में रूस के साथ सुखोई लड़ाकू विमानों का बड़ा सौदा किया था। कुल 272 Su-30MKI विमानों का बेड़ा तैयार किया गया, जिसमें कुछ विमान रूस से सीधे आए और बड़ी संख्या में विमानों का निर्माण HAL के नासिक प्लांट में हुआ।

इस लंबे ऑपरेशनल अनुभव की वजह से भारतीय वायुसेना के पास इन विमानों के संचालन, रखरखाव और अपग्रेड का व्यापक अनुभव भी है।

12 नए Su-30MKI भी बनाए जा रहे हैं

2024 में रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ 12 अतिरिक्त Su-30MKI के निर्माण का करार किया था।

ये विमान उन सुखोई लड़ाकू विमानों की जगह लेने के लिए हैं जिन्हें पिछले वर्षों में दुर्घटनाओं में खो दिया गया।

इन 12 विमानों का निर्माण भी HAL के नासिक प्लांट में किया जा रहा है। इनकी डिलीवरी आने वाले वर्षों में शुरू होने की उम्मीद है।

इसका मतलब है कि Su-30MKI आने वाले लंबे समय तक भारतीय वायुसेना के लड़ाकू बेड़े का अहम हिस्सा बना रहेगा।

क्या भारत Su-57 नहीं खरीदेगा?

यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत के सामने चीन और पाकिस्तान की बढ़ती स्टील्थ फाइटर क्षमता की चुनौती है।

चीन के पास J-20 जैसे पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट हैं और पाकिस्तान भी चीन से आधुनिक स्टील्थ लड़ाकू विमान हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

ऐसे में भारत के पास भी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की जरूरत लगातार बढ़ रही है।

लेकिन फिलहाल भारत का फोकस रूस से Su-57 खरीदने के बजाय अपने मौजूदा Su-30MKI को अपग्रेड करने और स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम को आगे बढ़ाने पर ज्यादा दिखाई देता है।

Su-57 को लेकर भारत की स्थिति क्या है?

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के अनुसार, भारत फिलहाल सुखोई के किसी नए वेरिएंट की संभावनाओं को आगे नहीं बढ़ा रहा है।

इसके पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं। सबसे बड़ी वजह यह है कि भारत पहले से ही अपने मौजूदा Su-30MKI को बड़े स्तर पर अपग्रेड करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

दूसरी तरफ, Su-57 की वास्तविक स्टील्थ और युद्ध क्षमता को लेकर भारत के पास पर्याप्त ऑपरेशनल अनुभव नहीं है। रूस ने यूक्रेन युद्ध के दौरान भी इस विमान का सीमित इस्तेमाल किया है।

ऐसे में भारत के लिए बड़ी संख्या में Su-57 खरीदने से पहले उसकी वास्तविक क्षमताओं का आकलन करना महत्वपूर्ण है।

रूस ने भारत को Make in India का ऑफर भी दिया

रूस की ओर से भारत को Su-57 को Make in India के तहत देश में बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया है।

लेकिन भारत अब अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम AMCA यानी Advanced Medium Combat Aircraft पर काम कर रहा है।

अगर AMCA कार्यक्रम सफलतापूर्वक आगे बढ़ता है तो भारत के पास भविष्य में अपना खुद का स्टील्थ फाइटर जेट होगा। ऐसे में Su-57 पर बड़ी रकम खर्च करने के बजाय स्वदेशी कार्यक्रम में निवेश करना रणनीतिक रूप से ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

घटती फाइटर स्क्वाड्रन की समस्या का क्या होगा?

भारतीय वायुसेना लंबे समय से लड़ाकू विमानों की कम होती स्क्वाड्रन संख्या की चुनौती का सामना कर रही है।

इस कमी को दूर करने के लिए कई परियोजनाओं पर एक साथ काम किया जा रहा है।

इनमें LCA Tejas Mk-1A प्रमुख है। इसके अलावा भारत और फ्रांस के बीच MRFA यानी Multi-Role Fighter Aircraft कार्यक्रम के तहत 114 लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद पर भी चर्चा जारी है।

प्रस्तावित योजना के तहत कुछ विमान सीधे फ्रांस से आने और बाकी विमानों का निर्माण भारत में करने की व्यवस्था हो सकती है।

भारत की रणनीति: पुराने विमान नहीं, ‘अपग्रेडेड पावर’

भारत की मौजूदा रणनीति को तीन हिस्सों में देखा जा सकता है।

पहला, Su-30MKI जैसे मौजूदा और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म को आधुनिक बनाकर उसकी सेवा अवधि और युद्ध क्षमता बढ़ाना।

दूसरा, Tejas Mk-1A जैसे स्वदेशी लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़ाना।

तीसरा, AMCA के जरिए भविष्य के लिए अपना पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर तैयार करना।

यानी फिलहाल भारत का फोकस केवल किसी विदेशी स्टील्थ फाइटर को खरीदने के बजाय मौजूदा फ्लीट के अपग्रेड और स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम पर ज्यादा नजर आ रहा है।

3 बड़ी बातें

  • भारतीय वायुसेना Su-30MKI को बड़े स्तर पर अपग्रेड कर उसकी युद्धक क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
  • रूस के Su-57 को लेकर भारत की दिलचस्पी फिलहाल सीमित दिखाई दे रही है, जबकि स्वदेशी AMCA कार्यक्रम पर काम जारी है।
  • Su-30MKI, Tejas Mk-1A, संभावित MRFA और AMCA को मिलाकर भारत अपने लड़ाकू विमान बेड़े को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
scattered clouds
24.8 ° C
24.8 °
24.8 °
85%
4.8m/s
39%
Sun
25 °
Mon
28 °
Tue
36 °
Wed
37 °
Thu
38 °
Video thumbnail
सोनम यादव की AI वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी, पुलिस से सख्त एक्शन की मांग
01:59
Video thumbnail
लखनऊ: चंद्रशेखर आजाद का दावा, फार्म हाउस पर रची गई हत्या की साजिश; सरकार से जांच की मांग
02:43
Video thumbnail
क्या आरती करते समय Salman Khan से गलती हुई ?
00:31
Video thumbnail
कनॉट प्लेस में मिंटो ब्रिज के पास चलती सड़क पर गिरा रेड लाइट का खंभा
00:19
Video thumbnail
अरविंद केजरीवाल का अमित शाह पर निशाना, बोले- लॉरेंस बिश्नोई को दामाद की तरह क्यों रखा जा रहा?
00:21
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "जब तक ये मुख्यमंत्री रहेंगे, जब तक ये सरकार रहेगी कानून से काम नहीं होगा"
02:10
Video thumbnail
अभिनेता गुलशन पांडे और निशिकांत दीक्षित तक पहुंचा ‘पीड़ित को न्याय’ का नया अंक | AIN NEWS 1
02:16
Video thumbnail
इशारों-इशारों में फायरब्रांड Yogi ने Abhijeet Dipke को दिया मुंहतोड़ जवाब !
02:36
Video thumbnail
Meerut Kesarganj Masjid Controversy : मेरठ केसरगंज मस्जिद विवाद पर योगी से क्या बोले टी राजा सिंह ?
04:26
Video thumbnail
Hanuman Ansh Actor Gulshan Pandey in Ghaziabad | ‘हनुमान अंश’ अभिनेता गुलशन पांडे का भव्य स्वागत
04:47

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related