AIN NEWS 1 | नई दिल्ली: दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर है। बिजली खरीद की बढ़ती लागत के बीच दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने तीनों बिजली वितरण कंपनियों को अतिरिक्त Fuel and Power Purchase Adjustment Surcharge (FPPAS) वसूलने की अनुमति दी है। इसका असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो बिजली सब्सिडी के दायरे में नहीं आते।
हालांकि, एक जरूरी सुधार यह है कि TPDDL के लिए कुल FPPAS 18.50% नहीं, बल्कि 12.21% निर्धारित किया गया है। DERC के 10 जुलाई 2026 के आदेश के मुताबिक मई 2026 के लिए BRPL को 17.94%, BYPL को 17.43% और TPDDL को 12.21% तक FPPAS वसूलने की अनुमति दी गई है।
क्यों बढ़ा बिजली बिल?
दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों ने DERC के सामने दलील दी थी कि गर्मियों के दौरान बिजली की मांग बढ़ने से उन्हें महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ी। इसके चलते वास्तविक बिजली खरीद लागत निर्धारित आधार लागत से काफी ज्यादा हो गई।
इसी अतिरिक्त लागत के एक हिस्से की भरपाई के लिए डिस्कॉम ने FPPAS की सीमा में राहत देने की मांग की थी।
DERC के नियमों के तहत एक बिलिंग साइकल में सामान्य तौर पर 10% तक FPPAS की वसूली की जा सकती है। आयोग ने कुछ मामलों में इस सीमा से ऊपर अतिरिक्त FPPAS वसूलने की अनुमति दी है।
तीनों कंपनियों के लिए कितना FPPAS?
DERC के जुलाई 2026 के आदेश के अनुसार मई 2026 के लिए अतिरिक्त FPPAS इस प्रकार है:
- BRPL: अतिरिक्त 7.94%, कुल FPPAS 17.94%
- BYPL: अतिरिक्त 7.43%, कुल FPPAS 17.43%
- TPDDL: अतिरिक्त 2.21%, कुल FPPAS 12.21%
यह अतिरिक्त वसूली मई 2026 की बिजली खरीद लागत से संबंधित है। DERC ने यह व्यवस्था फिलहाल महीने-दर-महीने आधार पर लागू की है।
दिल्ली में किस इलाके में कौन-सी कंपनी बिजली देती है?
दिल्ली में अलग-अलग क्षेत्रों में तीन प्रमुख डिस्कॉम बिजली सप्लाई करती हैं।
BRPL: दक्षिण और पश्चिम दिल्ली के कई इलाकों में बिजली सप्लाई करती है।
BYPL: पूर्वी और मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में बिजली वितरण करती है।
TPDDL: उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के इलाकों में बिजली सप्लाई करती है।
इसलिए आपके बिजली बिल पर FPPAS का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि आपके इलाके में कौन-सी डिस्कॉम बिजली सप्लाई करती है।
क्या सभी दिल्ली वालों का बिजली बिल बढ़ेगा?
नहीं। FPPAS का असर सभी उपभोक्ताओं पर एक जैसा नहीं होगा।
दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना के तहत आने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। खासकर सब्सिडी का लाभ लेने वाले कम खपत वाले उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव सीमित या शून्य हो सकता है।
वहीं, सब्सिडी के दायरे से बाहर आने वाले और ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को FPPAS के कारण अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।
पहले भी बढ़ा था FPPAS
दिल्ली में बिजली खरीद लागत को समायोजित करने के लिए FPPAS/PPAC व्यवस्था पहले भी लागू रही है। 2026 से इसकी वसूली को मासिक आधार पर किया जा रहा है, जिससे बिजली खरीद लागत में होने वाले बदलाव को बिल में अपेक्षाकृत जल्दी शामिल किया जा सके।
BRPL और BYPL की वेबसाइटों पर भी मौजूदा FPPAS क्रमशः 17.94% और 17.43% दिखाया गया है।
TPDDL उपभोक्ताओं को मिली राहत
शुरुआती जानकारी में TPDDL के लिए 18.50% तक कुल FPPAS बताए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन DERC के अंतिम आदेश में इसे सीमित किया गया।
आयोग ने अप्रैल के लिए TPDDL का कुल FPPAS 16% तक सीमित किया था और बाद के मई आदेश में अतिरिक्त 2.21% की अनुमति दी, जिससे मई के लिए कुल FPPAS 12.21% रहा।
इसके बाद जुलाई 2026 में TPDDL ने अपना PPAC 12.21% रखा, जबकि BRPL और BYPL ने क्रमशः 17.94% और 17.43% बरकरार रखा।
क्यों जरूरी है यह बदलाव समझना?
FPPAS सीधे बिजली की मूल दर में स्थायी बढ़ोतरी नहीं है। यह बिजली खरीद, ईंधन और संबंधित लागत में बदलाव को उपभोक्ताओं के बिल में समायोजित करने का तरीका है।
इसलिए किसी महीने में बिजली खरीद की लागत बढ़ने पर FPPAS बढ़ सकता है और लागत कम होने पर इसमें कमी भी आ सकती है।
3 बड़ी बातें
- दिल्ली में DERC ने मई 2026 की बिजली खरीद लागत के लिए अतिरिक्त FPPAS की अनुमति दी है।
- BRPL का कुल FPPAS 17.94%, BYPL का 17.43% और TPDDL का 12.21% है।
- सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं पर असर अलग हो सकता है, जबकि सब्सिडी के दायरे से बाहर आने वाले उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है।



















