AIN NEWS 1: इंदौर के चर्चित सयाजी होटल से जुड़ा खाद्य सुरक्षा का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। होटल के किचन और स्टोरेज एरिया में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आने के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया था और किचन को सील किया गया था। जांच के दौरान चूहे और कॉकरोच की मौजूदगी के संकेत मिलने के साथ करीब 66 किलो नॉनवेज खाद्य सामग्री बिना उचित पैकिंग और लेबलिंग के रखी मिलने की बात सामने आई थी।
मामला सामने आने के बाद होटल की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव और फूड सेफ्टी मानकों को लेकर सवाल खड़े हो गए। हालांकि, अब इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद होटल प्रबंधन को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने खाद्य लाइसेंस निलंबन के आदेश पर रोक लगाते हुए किचन खोलने का निर्देश दिया है।

खाद्य विभाग की जांच में क्या मिला?
जानकारी के मुताबिक 20 अगस्त 2026 को खाद्य सुरक्षा विभाग और FSSAI की टीम ने इंदौर के विजय नगर स्थित सयाजी होटल में निरीक्षण किया। जांच के दौरान किचन, स्टोरेज और खाद्य सामग्री रखने वाले स्थानों की पड़ताल की गई।
टीम को कई ऐसी कमियां मिलीं, जिन्हें खाद्य सुरक्षा नियमों के लिहाज से गंभीर माना गया। सबसे ज्यादा चर्चा होटल के किचन में चूहों और कॉकरोच की मौजूदगी को लेकर हुई। निरीक्षण के दौरान चूहों की लीद और उनकी मौजूदगी के संकेत मिलने की बात सामने आई। वहीं किचन और फूड प्रिपरेशन एरिया में कॉकरोच भी पाए जाने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई।
इस तरह की स्थिति किसी भी बड़े होटल के लिए चिंता का विषय मानी जाती है, क्योंकि खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले स्थानों में साफ-सफाई और कीट नियंत्रण के निर्धारित मानकों का पालन जरूरी होता है।
66 किलो नॉनवेज सामग्री ने बढ़ाई चिंता
जांच के दौरान करीब 66 किलो नॉनवेज खाद्य सामग्री ऐसी मिली, जिस पर उचित पैकिंग और लेबलिंग नहीं थी। अलग-अलग रिपोर्टों में इसकी मात्रा 66 से 67 किलो के आसपास बताई गई है।
खाद्य सामग्री पर जरूरी जानकारी जैसे निर्माण और उपयोग की अवधि से संबंधित विवरण नहीं मिलने पर विभाग ने आपत्ति जताई। इसके अलावा चिकन, मटन और सी-फूड जैसी सामग्री के भंडारण को लेकर भी सवाल उठे।
जांच टीम ने कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर उन्हें परीक्षण के लिए भेजा है। इन सैंपलों की लैब रिपोर्ट इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए अहम मानी जा रही है।
वेज और नॉनवेज सामान साथ रखने पर भी सवाल
निरीक्षण में खाद्य सामग्री के स्टोरेज को लेकर भी कई कमियां सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्टों के मुताबिक कोल्ड स्टोरेज में वेज और नॉनवेज सामग्री को अलग-अलग रखने की व्यवस्था को लेकर आपत्ति दर्ज की गई।
खाद्य पदार्थों को सही तापमान पर रखने और उन्हें सुरक्षित तरीके से स्टोर करने के मानकों का पालन भी जांच का हिस्सा रहा। होटल जैसे बड़े प्रतिष्ठान में बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री का इस्तेमाल होता है, इसलिए उसके स्टोरेज और तापमान नियंत्रण की व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है।
सड़ी और खराब खाद्य सामग्री भी मिली
जांच के दौरान कुछ ऐसी खाद्य सामग्री भी मिलने की जानकारी सामने आई है, जिसकी गुणवत्ता पर सवाल उठे। रिपोर्टों के अनुसार फंगस लगी मूंगफली के अलावा कुछ सड़े हुए आलू और टमाटर भी मिले।
कुछ स्थानों पर जंग लगे बर्तन और फूड प्रिपरेशन से जुड़े हिस्सों की साफ-सफाई को लेकर भी आपत्ति जताई गई। स्टोरेज एरिया में गंदगी, दरारें और कचरे के उचित निस्तारण से जुड़ी कमियां भी निरीक्षण के दौरान सामने आने की बात कही गई है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी खाद्य सामग्री के बारे में अंतिम निष्कर्ष लैब जांच के बाद ही निकाला जा सकता है। इसलिए सभी खाद्य पदार्थों को खराब या स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक घोषित करना अभी उचित नहीं होगा।
खाद्य विभाग ने लाइसेंस निलंबित कर किचन किया सील
जांच के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने होटल के खाद्य लाइसेंस पर कार्रवाई की। लाइसेंस निलंबित करने के साथ किचन और बेकरी को सील करने की कार्रवाई की गई।
विभाग की ओर से सामने आई कमियों को गंभीरता से लिया गया। खाद्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए, ताकि उनकी गुणवत्ता और मानकों की जांच की जा सके।
मामला सामने आने के बाद होटल प्रबंधन की ओर से भी अपनी स्थिति स्पष्ट की गई और विभागीय कार्रवाई को चुनौती देने के लिए कानूनी रास्ता अपनाया गया।
हाईकोर्ट पहुंचा मामला, होटल प्रबंधन को राहत
कार्रवाई के बाद मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच पहुंच गया। होटल प्रबंधन ने खाद्य लाइसेंस निलंबित किए जाने के आदेश को चुनौती दी।
होटल की ओर से अदालत में दलील दी गई कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कमियां मिलने की स्थिति में सुधार के लिए उचित अवसर दिया जाना चाहिए। इसी मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने खाद्य लाइसेंस निलंबन संबंधी आदेश पर रोक लगा दी।
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने होटल का किचन खोलने का निर्देश दिया। इस आदेश के बाद खाद्य विभाग द्वारा की गई तत्काल सीलिंग की कार्रवाई का प्रभाव खत्म हो गया और होटल प्रबंधन को राहत मिली।
अब आगे क्या होगा?
इस पूरे मामले में अब सबसे अहम भूमिका खाद्य पदार्थों की लैब जांच रिपोर्ट की होगी। जिन खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं, उनकी जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि उनमें किसी प्रकार की मिलावट, खराब गुणवत्ता या अन्य खाद्य सुरक्षा संबंधी समस्या थी या नहीं।
इसके साथ ही होटल को किचन और खाद्य भंडारण व्यवस्था में सामने आई कमियों को दूर करने की दिशा में भी काम करना होगा। खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना केवल कार्रवाई से बचने के लिए नहीं, बल्कि होटल में आने वाले ग्राहकों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।
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एक नजर में पूरा घटनाक्रम
20 अगस्त को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सयाजी होटल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में किचन और स्टोरेज एरिया से जुड़ी कई कमियां सामने आईं। चूहों और कॉकरोच की मौजूदगी, बिना उचित पैकिंग और लेबलिंग वाली करीब 66 किलो नॉनवेज सामग्री तथा अन्य खाद्य स्वच्छता संबंधी कमियों की जानकारी सामने आई।
इसके बाद 21 अगस्त को खाद्य लाइसेंस निलंबित करने और किचन को सील करने की कार्रवाई हुई। होटल प्रबंधन ने इस कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी।
22 अगस्त को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई और अदालत ने खाद्य लाइसेंस निलंबन के आदेश पर रोक लगाते हुए किचन खोलने का निर्देश दिया।
इसलिए 23 अगस्त 2026 तक इस मामले की स्थिति यह है कि खाद्य विभाग की ओर से की गई शुरुआती कार्रवाई के बाद होटल को हाईकोर्ट से राहत मिल चुकी है। हालांकि खाद्य पदार्थों के सैंपल की अंतिम जांच और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अभी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
सयाजी होटल का यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि बड़े होटल और रेस्टोरेंट अपने किचन में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के नियमों का किस स्तर तक पालन कर रहे हैं। जांच में सामने आई कमियों ने निश्चित रूप से चिंता बढ़ाई है, लेकिन अंतिम जिम्मेदारी तय करने के लिए विभागीय जांच, लैब रिपोर्ट और अदालत की आगे की कार्यवाही का इंतजार करना जरूरी है।
फिलहाल होटल प्रबंधन को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है और किचन खोलने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और सैंपल रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।
The Sayaji Hotel Indore food safety case has raised concerns after food safety officials reportedly found rats, cockroaches, improperly stored food and around 66 kg of unpacked non-vegetarian food during an inspection. The hotel’s food license was suspended and the kitchen was sealed, but the Madhya Pradesh High Court later stayed the suspension order and directed that the kitchen be reopened. Food samples collected during the inspection are expected to play an important role in determining further action in the Sayaji Hotel food safety case.



















