WHO की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, शराब बन रही दर्जनों गंभीर बीमारियों की वजह
AIN NEWS 1: शराब को अक्सर लोग तनाव कम करने या मनोरंजन का साधन मान लेते हैं, लेकिन मेडिकल साइंस लगातार यह चेतावनी देता रहा है कि अल्कोहल शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाती है। अब मेडिकल जर्नल Addiction में प्रकाशित एक वैश्विक समीक्षा और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ICD-11 डेटाबेस ने इस खतरे को और गंभीर तरीके से सामने रखा है।
रिपोर्ट के अनुसार, शराब सीधे तौर पर 62 गंभीर बीमारियों और शारीरिक विकारों की वजह बनती है। इनमें कई ऐसी बीमारियां शामिल हैं जिन्हें “100 प्रतिशत Alcohol-Attributable” माना गया है। इसका मतलब है कि अगर शराब का सेवन न हो, तो ये बीमारियां लगभग खत्म हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि शराब शरीर में पहुंचते ही नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती है। हालांकि राहत की बात यह है कि शराब छोड़ने के कुछ घंटों बाद ही शरीर खुद को सुधारने की प्रक्रिया भी शुरू कर देता है।
लिवर और पाचन तंत्र पर सबसे बड़ा हमला
शराब का सबसे ज्यादा असर लिवर और पाचन तंत्र पर पड़ता है। लगातार शराब पीने से लिवर में फैट जमा होने लगता है, जिसे फैटी लिवर कहा जाता है। समय के साथ यह स्थिति हेपेटाइटिस और फिर सिरोसिस जैसी जानलेवा बीमारी में बदल सकती है।
इसके अलावा शराब अग्नाशय यानी पैंक्रियाज में सूजन पैदा करती है। इससे Acute और Chronic Pancreatitis जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पेट की अंदरूनी परत में सूजन, अल्सर, पेट से खून बहना और भोजन से पोषण न मिल पाना भी शराब के बड़े दुष्प्रभाव हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे समय तक शराब पीने वाले लोगों में पोर्टल हाइपरटेंशन की समस्या भी बढ़ती है, जिसमें लिवर खराब होने के कारण नसों पर दबाव बढ़ जाता है।
दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य को भी पहुंचता है गंभीर नुकसान
शराब सिर्फ शरीर ही नहीं, दिमाग को भी अंदर से कमजोर करती है। WHO की रिपोर्ट के अनुसार शराब की लत यानी Alcohol Dependence Syndrome सबसे गंभीर मानसिक विकारों में शामिल है।
अत्यधिक शराब पीने से इंसान की सोचने-समझने की क्षमता कमजोर हो जाती है। कई लोगों को ब्लैकआउट होने लगता है, जिसमें उन्हें कुछ समय की बातें याद नहीं रहतीं। लंबे समय तक सेवन करने पर डिमेंशिया, साइकोसिस और वेर्निके-कोर्साकोफ सिंड्रोम जैसे मस्तिष्क रोग हो सकते हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शराब अवसाद, चिंता, नींद की कमी और आत्महत्या की प्रवृत्ति को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती है।
नसों और तंत्रिका तंत्र को कमजोर करती है शराब
लगातार शराब पीने से शरीर की नसें कमजोर होने लगती हैं। इसे Alcoholic Neuropathy कहा जाता है। इसमें हाथ-पैरों में जलन, झुनझुनी और सुन्नपन महसूस होता है।
शराब मस्तिष्क को सिकोड़ने लगती है, जिसे Cerebral Atrophy कहा जाता है। इसके अलावा दौरे पड़ना, शरीर का संतुलन बिगड़ना और चलने-फिरने में दिक्कत जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।
दिल की बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ता है
अक्सर कुछ लोग यह मानते हैं कि सीमित मात्रा में शराब दिल के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन नई रिसर्च इस सोच को चुनौती देती है।
रिपोर्ट के अनुसार शराब हाई ब्लड प्रेशर, अनियमित धड़कन, हार्ट मसल्स की कमजोरी और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इससे धमनियों में ब्लॉकेज बढ़ने का खतरा भी रहता है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।
शराब और कैंसर का सीधा संबंध
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अल्कोहल को “Group 1 Carcinogen” की श्रेणी में रखा है। इसका मतलब है कि शराब कैंसर पैदा करने वाले सबसे खतरनाक तत्वों में शामिल है।
शराब पीने वालों में मुंह, गले, स्वरयंत्र, ग्रासनली, लिवर, बड़ी आंत, पेट और महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शराब शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर कैंसर बनने की प्रक्रिया को तेज करती है।
शरीर में पोषण और हार्मोनल गड़बड़ी
शराब शरीर की पोषण क्षमता को भी प्रभावित करती है। इससे विटामिन B1, फोलेट और विटामिन B12 की कमी होने लगती है। कई लोगों में गंभीर कुपोषण और ब्लड शुगर का स्तर अचानक गिरने जैसी समस्याएं देखी जाती हैं।
पुरुषों में शराब टेस्टोस्टेरोन को कम कर सकती है, जिससे कमजोरी, यौन समस्याएं और हार्मोनल असंतुलन पैदा हो सकता है। कुछ मामलों में पुरुषों में स्तनों का उभरना भी देखा गया है।
इम्यूनिटी कमजोर, संक्रमण का खतरा ज्यादा
रिपोर्ट बताती है कि शराब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है। इससे निमोनिया, टीबी और हेपेटाइटिस जैसे संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है।
इसके अलावा नशे की हालत में लोग अक्सर असुरक्षित व्यवहार करते हैं, जिससे HIV और अन्य यौन संचारित रोगों का खतरा भी बढ़ता है।
गर्भावस्था में शराब सबसे खतरनाक
डॉक्टर गर्भावस्था के दौरान शराब से पूरी तरह दूरी बनाने की सलाह देते हैं। रिपोर्ट के अनुसार गर्भ में पल रहे बच्चे पर शराब का गंभीर असर पड़ सकता है।
इससे बच्चा मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर पैदा हो सकता है। समय से पहले जन्म, गर्भपात और फीटल अल्कोहल सिंड्रोम जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।
सड़क हादसे और अचानक मौत का बड़ा कारण
शराब के कारण होने वाले सड़क हादसे दुनियाभर में मौत का बड़ा कारण हैं। नशे की हालत में इंसान की प्रतिक्रिया क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
इसके अलावा डूबना, ऊंचाई से गिरना, फ्रैक्चर और आत्महत्या जैसी घटनाओं में भी शराब की बड़ी भूमिका सामने आई है।
शराब छोड़ते ही शरीर में दिखने लगते हैं बदलाव
विशेषज्ञों का कहना है कि शराब छोड़ने के कुछ घंटों बाद ही शरीर रिकवरी शुरू कर देता है। धीरे-धीरे ब्लड प्रेशर नियंत्रित होने लगता है, नींद बेहतर होती है और लिवर खुद को ठीक करने की कोशिश करता है।
अगर समय रहते शराब से दूरी बना ली जाए, तो कई गंभीर बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सवाल: शराब पीने से कौन-कौन से अंग खराब होते हैं?
जवाब:
शराब शरीर के लगभग हर महत्वपूर्ण अंग को नुकसान पहुंचाती है। इसमें लिवर, दिमाग, दिल, किडनी, फेफड़े, पेट, नसें और हार्मोन सिस्टम शामिल हैं। लंबे समय तक शराब पीने से शरीर अंदर से कमजोर होने लगता है और कई गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।
Alcohol consumption can severely damage the human body and is linked to more than 62 serious diseases, according to WHO and the medical journal Addiction. Regular drinking increases the risk of liver cirrhosis, cancer, heart disease, stroke, diabetes, brain disorders, depression, and weakened immunity. Alcohol also affects mental health, sleep quality, digestion, and reproductive health. Experts warn that even moderate alcohol use can lead to long-term health complications, making awareness about alcohol side effects extremely important.


















