spot_imgspot_img

SC/ST Act मामले में हाई कोर्ट का सख्त फैसला, 4.5 लाख मुआवज़ा लौटाने और 5 लाख जुर्माना भरने का आदेश

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | SC/ST Act: इलाहाबाद हाई कोर्ट की एक महत्वपूर्ण पीठ ने एक आपराधिक अपील को खारिज करते हुए कड़ा संदेश दिया है कि कानून का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह आदेश देते हुए शिकायतकर्ता महिला और उसकी दो बहुओं को सरकार से प्राप्त 4.5 लाख रुपये की मुआवजा राशि वापस करने का निर्देश दिया। साथ ही, अपीलकर्ताओं पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

मामला क्या था?

यह अपील अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 14-A(1) के तहत दायर की गई थी। अपीलकर्ताओं ने प्रयागराज के विशेष न्यायाधीश (SC/ST एक्ट) द्वारा 1 जुलाई 2024 को पारित समन आदेश को चुनौती दी थी। यह आदेश एक विशेष सत्र ट्रायल के दौरान दिया गया था।

पूरा विवाद वर्ष 2021 में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है। उस एफआईआर में भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं — 147, 148, 149, 323, 504, 506, 452 और 354(ख) — के साथ-साथ SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(va) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

सुनवाई के दौरान क्या हुआ?

अपीलकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में यह दलील दी कि शिकायतकर्ता ने एफआईआर ईमानदारी से दर्ज नहीं कराई थी। उनका आरोप था कि महिला का अंगूठे का निशान एक खाली कागज पर ले लिया गया था और बाद में उस पर शिकायत लिख दी गई।

इस गंभीर आरोप को अदालत ने हल्के में नहीं लिया। कोर्ट ने तत्काल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (यमुनापार), जांच अधिकारी और स्वयं शिकायतकर्ता को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया।

शिकायतकर्ता का बदला हुआ रुख

दो दिन बाद जब मामला दोबारा सूचीबद्ध हुआ, तो शिकायतकर्ता राम कली ने अदालत के समक्ष यह कहा कि वास्तव में उनका अंगूठा एक खाली कागज पर लिया गया था। यह बयान मामले को नया मोड़ देने वाला था।

हालांकि, राज्य की ओर से पेश अधिवक्ता ने इस दावे का खंडन किया। उन्होंने अदालत को बताया कि 16 अप्रैल 2021 को विधिवत लिखित शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके अलावा, शिकायतकर्ता और उसकी दोनों बहुओं के बयान दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 161 और 164 के तहत दर्ज किए गए थे, जिनमें उन्होंने अभियोजन की कहानी का समर्थन किया था।

राज्य पक्ष ने यह भी जानकारी दी कि तीनों महिलाओं को सरकार की ओर से कुल 4.5 लाख रुपये (प्रत्येक को 1.5 लाख रुपये) का मुआवजा दिया गया था।

अदालत की सख्त टिप्पणी

कोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर चिंता व्यक्त की। न्यायमूर्ति यादव ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने शपथपत्र दिए हों, बयान दर्ज कराए हों और मुआवजा प्राप्त किया हो, उसके बाद वह मुकदमा दर्ज कराने से ही इनकार कर दे, तो यह प्रथम दृष्टया न्यायिक प्रक्रिया का गंभीर दुरुपयोग प्रतीत होता है।

अदालत ने इसे केवल बयान बदलना नहीं, बल्कि राज्य को गुमराह करने और न्याय प्रणाली में हस्तक्षेप करने का प्रयास माना। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि SC/ST एक्ट जैसे संवेदनशील कानून का गलत इस्तेमाल समाज और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए घातक है।

क्या आदेश दिए गए?

हाई कोर्ट ने अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया। साथ ही:

  • शिकायतकर्ता और उसकी दो बहुओं को 4.5 लाख रुपये की पूरी मुआवजा राशि संबंधित सरकारी प्राधिकरण को वापस करने का आदेश दिया गया।

  • अपीलकर्ताओं पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

  • जुर्माने की राशि 20 दिनों के भीतर हाई कोर्ट वेलफेयर फंड में जमा करने का निर्देश दिया गया।

  • रजिस्ट्रार जनरल को आदेश दिया गया कि यदि समयसीमा के भीतर राशि जमा नहीं होती है, तो जबरन वसूली की कार्रवाई शुरू की जाए।

ट्रायल जारी रखने के निर्देश

अदालत ने यह भी सुनिश्चित किया कि निचली अदालत पर इस आदेश का अनुचित प्रभाव न पड़े। विशेष न्यायाधीश (SC/ST एक्ट), प्रयागराज को निर्देश दिया गया कि वे ट्रायल को कानून के अनुसार आगे बढ़ाएं और शिकायतकर्ता के विरोधाभासी बयानों या हाई कोर्ट की टिप्पणियों से प्रभावित न हों।

व्यापक संदेश

यह फैसला केवल एक मामले तक सीमित नहीं है। अदालत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि न्यायिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ या कानून के प्रावधानों का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेषकर जब मामला SC/ST एक्ट जैसे सामाजिक न्याय से जुड़े कानून का हो, तब जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
haze
34.1 ° C
34.1 °
34.1 °
24 %
5.1kmh
0 %
Tue
40 °
Wed
42 °
Thu
42 °
Fri
43 °
Sat
44 °
Video thumbnail
7-year sentence to Azam Khan, son Abdullah convicted in PAN card case filed by BJP leade
00:17
Video thumbnail
Jayan Chaudhary #shorts
00:16
Video thumbnail
Amrish Tyagi Exclusive: KC Tyagi ने क्यों ज्वाइन की RLD, अमरीश त्यागी ने बता दिया 2027 का पूरा प्लान
18:45
Video thumbnail
Amravati Sex Scandal : Amravati Video Scandal, Ayan Ahmed ने 180 लड़कियों को लाकर बनाए 350 वीडियो
07:44
Video thumbnail
PM Modi on Women Quota Bill : "मैं सभी माताओं–बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं"
00:40
Video thumbnail
जादूगर की कहानी सुना कर Rahul Gandhi ने PM मोदी पर किया तंज | Parliament Season
11:36
Video thumbnail
लोकसभा में Chandrashekhar Azad की फायर स्पीच, सीधे Akhilesh Yadav से सदन में कह दी ये बड़ी बात
07:37
Video thumbnail
Pinky Chaudhary Hindu Raksha Dal Exclusive : पाकिस्तानी आतंकी उड़ाने वाले थे हिंदू रक्षा दल
09:01
Video thumbnail
Meerut Central Market News : Bull Dozer Action से परेशान हुए लोग, योगी से लगाई मदद की गुहार !
16:51
Video thumbnail
UP Police ने रेप पीड़िता के साथ किया ऐसा कि Viral हो गया कांड, रोते हुए पीड़िता ने सुनाई भयावह कहानी
09:34

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related