अमित शाह ने NSA अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से किया सम्मानित, बोले- भारत को बाहरी ही नहीं, अंदरूनी चुनौतियों से भी रहना होगा सतर्क
AIN NEWS 1: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। पुणे में आयोजित एक गरिमामय समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह सम्मान सौंपा। यह पुरस्कार देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और भारत की रणनीतिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।
इस अवसर पर अजीत डोभाल ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा, युवाओं की जिम्मेदारी, स्वतंत्रता के महत्व और भारत के सामने मौजूद चुनौतियों पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। ऐसे समय में देश को केवल बाहरी दुश्मनों से ही नहीं, बल्कि अंदरूनी चुनौतियों से भी सावधान रहने की आवश्यकता है।

पुणे में आयोजित हुआ सम्मान समारोह
लोकमान्य तिलक स्मारक ट्रस्ट द्वारा हर वर्ष ऐसे व्यक्तित्व को यह सम्मान दिया जाता है, जिसने राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सेवा, राष्ट्रीय सुरक्षा, विज्ञान, शिक्षा या अन्य क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया हो। वर्ष 2026 के लिए यह सम्मान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को देने का निर्णय लिया गया।
समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अजीत डोभाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों तक देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कई संवेदनशील अभियानों में उनकी रणनीति और नेतृत्व ने भारत की सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान की।
अमित शाह ने क्या कहा?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अजीत डोभाल ने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा केवल सीमाओं पर तैनात जवानों की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि उसके पीछे एक मजबूत रणनीतिक नेतृत्व भी होता है, जिसमें अजीत डोभाल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति में है और इसके पीछे मजबूत नेतृत्व, प्रभावी सुरक्षा नीति तथा दूरदर्शी रणनीति का बड़ा योगदान है।
अजीत डोभाल का बड़ा संदेश
सम्मान प्राप्त करने के बाद अजीत डोभाल ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं और शक्तिशाली देशों में शामिल हो रहा है। ऐसे समय में कुछ वैश्विक शक्तियां भारत की प्रगति को सहज रूप से स्वीकार नहीं कर पा रही हैं।
उन्होंने कहा कि देश के सामने मौजूद चुनौतियां केवल सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। आधुनिक दौर में साइबर सुरक्षा, सूचना युद्ध, फर्जी प्रचार, सामाजिक विभाजन और आंतरिक अस्थिरता जैसी चुनौतियां भी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा बन चुकी हैं।
उनका कहना था कि यदि कोई देश अंदर से कमजोर हो जाए तो बाहरी ताकतों के लिए उसे नुकसान पहुंचाना आसान हो जाता है। इसलिए राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
युवाओं को दिया विशेष संदेश
अपने संबोधन में अजीत डोभाल ने देश के युवाओं से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता का सही अर्थ समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आजादी का मतलब मनमानी करना नहीं है। यह उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का परिणाम है जिन्होंने अपना सर्वस्व देश के लिए न्योछावर कर दिया।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे संविधान का सम्मान करें, कानून का पालन करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि आजादी अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाती है।
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राष्ट्रीय सुरक्षा की बदलती तस्वीर
अजीत डोभाल ने कहा कि वर्तमान समय में युद्ध का स्वरूप बदल चुका है। अब केवल पारंपरिक युद्ध ही खतरा नहीं हैं, बल्कि साइबर हमले, आर्थिक दबाव, दुष्प्रचार अभियान और डिजिटल माध्यमों से फैलाया जाने वाला भ्रम भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है।
उन्होंने कहा कि भारत को इन सभी मोर्चों पर मजबूत तैयारी करनी होगी और नागरिकों को भी जागरूक रहना होगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए बयान
समारोह के बाद सोशल मीडिया पर अजीत डोभाल के कई कथन तेजी से वायरल हुए। इनमें “भारत को बाहरी ताकतों जितना ही खतरा अंदर बैठे कुछ लोगों से भी है” और “युवाओं को आजादी का असली मतलब नहीं भूलना चाहिए” जैसे संदेश प्रमुख रहे।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर साझा किए गए कई पोस्ट उनके पूरे भाषण के अलग-अलग हिस्सों को जोड़कर प्रस्तुत कर रहे हैं। इसलिए किसी भी बयान को उद्धृत करते समय आधिकारिक भाषण या विश्वसनीय स्रोत का संदर्भ लेना उचित रहेगा।
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार का महत्व
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार देश के प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है। यह पुरस्कार लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की राष्ट्रवादी सोच और देश सेवा की भावना को आगे बढ़ाने वाले व्यक्तियों को दिया जाता है।
पूर्व वर्षों में यह सम्मान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रमुख हस्तियों को मिल चुका है। इस वर्ष अजीत डोभाल को यह सम्मान मिलने को राष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
अजीत डोभाल कौन हैं?
अजीत डोभाल भारत के सबसे अनुभवी सुरक्षा विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी रहने के बाद उन्होंने खुफिया तंत्र में लंबे समय तक सेवाएं दीं। वर्तमान में वे भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी रणनीति, सीमा सुरक्षा तथा विदेश नीति से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में सरकार के प्रमुख सलाहकार हैं।
उनकी रणनीतिक सोच और सुरक्षा मामलों में अनुभव के कारण उन्हें देश और विदेश में विशेष पहचान मिली है।
देश के लिए क्या है संदेश?
अजीत डोभाल के इस संबोधन का मुख्य संदेश यही था कि भारत तेजी से विकास कर रहा है और इस प्रगति को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, सुरक्षा जागरूकता और जिम्मेदार नागरिकता आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्र की मजबूती केवल सरकार या सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही एक सुरक्षित, मजबूत और विकसित भारत का निर्माण संभव है।
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किए जाने के बाद अजीत डोभाल का संबोधन राष्ट्रीय सुरक्षा, युवाओं की जिम्मेदारी और देश की एकता पर केंद्रित रहा। उन्होंने देशवासियों से सतर्क रहने, स्वतंत्रता के महत्व को समझने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि अजीत डोभाल ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
NSA Ajit Doval received the prestigious Lokmanya Tilak National Award 2026 from Union Home Minister Amit Shah in Pune for his outstanding contribution to India’s national security. During his speech, Ajit Doval emphasized India’s internal and external security challenges, the importance of national unity, responsible citizenship, youth awareness, and the true meaning of freedom. The event highlights India’s growing global influence and the government’s continued focus on strengthening national security, strategic leadership, and public awareness, making it a significant development in Indian politics and security news.



















