AIN NEWS 1 | संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन से पहले सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने बड़ा बयान दिया है। Amit Shah ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और वह संसद में विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने को तैयार हैं।
Amit Shah ने विपक्ष से कहा कि वह दोपहर 2 बजे तक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखकर दे कि वह चर्चा चाहता है। इसके बाद आज दोपहर 3 बजे से चर्चा शुरू की जा सकती है और वह अगले दिन दोपहर 3 बजे जवाब देने के लिए तैयार हैं।
‘मैं खुद चर्चा में बैठूंगा’
अमित शाह ने कहा कि वह खुद पूरी चर्चा में मौजूद रहेंगे। उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने का आरोप लगाया।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि वह विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देंगे और साथ ही इस पर भी चर्चा करने के लिए तैयार हैं कि विपक्ष ने सदन की कार्यवाही क्यों नहीं चलने दी।
अमित शाह ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि अब उसे तय करना है कि वह चर्चा करना चाहता है या फिर हंगामा करना।
‘आप लिखकर दीजिए कि चर्चा चाहते हैं’
अमित शाह ने कहा कि विपक्ष की ओर से लगातार ‘लापता’, ‘भाग गए’ और ‘भगोड़े’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन संसद के दोनों सदनों को चलने ही नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने कहा कि जब सदन की कार्यवाही ही नहीं चलने दी जा रही है तो वहां जाकर जवाब देने का सवाल ही कैसे उठता है।
अमित शाह ने कहा कि वह आज दोपहर 3 बजे से अगले दिन दोपहर 3 बजे तक चर्चा के लिए तैयार हैं। विपक्ष को दोपहर 2 बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को पत्र देकर चर्चा की इच्छा जाहिर करनी होगी।
राहुल गांधी बोले- ‘हमें भाषण में दिलचस्पी नहीं’
अमित शाह के बयान के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अमित शाह के भाषणों में दिलचस्पी नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष यह जानना चाहता है कि बच्चों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया।
राहुल गांधी का यह बयान दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर है। विपक्ष इसी मुद्दे पर गृह मंत्री से सदन में जवाब की मांग कर रहा है।
दिल्ली में लाठीचार्ज को लेकर जारी है विवाद
संसद में मौजूदा गतिरोध की शुरुआत दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष के विरोध से हुई। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग और लाठीचार्ज के मामले में सरकार को सदन में जवाब देना चाहिए।
विपक्ष इसके साथ ही राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोपों पर भी चर्चा की मांग कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि वह दोनों मुद्दों पर चर्चा चाहता है और इनमें से किसी एक मुद्दे को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है।
सरकार और विपक्ष के बीच ‘गोलपोस्ट’ को लेकर टकराव
सरकार पहले ही आरोप लगा चुकी है कि विपक्ष लगातार अपनी मांग बदल रहा है और चर्चा से बच रहा है। BJP नेताओं का कहना है कि अमित शाह जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष सदन चलने नहीं दे रहा।
वहीं विपक्ष का कहना है कि उसने शुरुआत से ही दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई और राम मंदिर चंदे से जुड़े मामले पर चर्चा की मांग की है और उसके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।
अब संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन से पहले अमित शाह के इस प्रस्ताव के बाद देखना होगा कि विपक्ष चर्चा के लिए तैयार होता है या संसद में जारी गतिरोध बरकरार रहता है।



















