spot_imgspot_img

क्या बहू सास-ससुर की संपत्ति पर दावा कर सकती है? जानिए कानून क्या कहता है!

spot_img

Date:

Can Daughter-in-Law Claim In-Laws’ Property in India? Know the Legal Rules

क्या बहू सास-ससुर की संपत्ति पर दावा कर सकती है? जानिए कानून क्या कहता है

AIN NEWS 1: भारत में संपत्ति को लेकर विवाद आम बात है। खासकर संयुक्त परिवारों में जहां कई पीढ़ियां एक साथ रहती हैं, वहां प्रॉपर्टी को लेकर मतभेद और कानून से जुड़े सवाल अक्सर सामने आते हैं। ऐसा ही एक सवाल यह भी है कि क्या बहू का सास-ससुर की संपत्ति पर कोई अधिकार होता है?

इस लेख में हम जानेंगे कि कानून क्या कहता है, स्व-अर्जित और पैतृक संपत्ति में क्या फर्क है, और बहू किस स्थिति में संपत्ति पर दावा कर सकती है।

स्व-अर्जित और पैतृक संपत्ति में अंतर

स्व-अर्जित संपत्ति वह होती है जिसे किसी व्यक्ति ने अपने दम पर कमाई से खरीदा या बनाया हो। इसका मतलब है कि वह संपत्ति किसी ने अपनी मेहनत से कमाई है, न कि विरासत में मिली हो।

पैतृक संपत्ति वह होती है जो किसी को उसके पूर्वजों से विरासत में मिली हो और उसमें कोई व्यक्तिगत योगदान न हो।

स्व-अर्जित संपत्ति पर बहू का हक

कानून के अनुसार, अगर सास-ससुर की संपत्ति स्व-अर्जित है, यानी उन्होंने खुद के बल पर संपत्ति कमाई है, तो बहू का उस पर कोई कानूनी अधिकार नहीं होता।

यदि सास-ससुर चाहें तो अपनी मर्जी से वह संपत्ति बहू को दे सकते हैं – जैसे कि वसीयत (Will) के माध्यम से। लेकिन अगर वे संपत्ति बहू को नहीं देना चाहते, तो वह कानूनी रूप से उस संपत्ति पर दावा नहीं कर सकती।

पैतृक संपत्ति में बहू का अधिकार

पैतृक संपत्ति के मामले में स्थिति थोड़ी अलग होती है। हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के अनुसार, यदि बहू का पति अपने हिस्से की पैतृक संपत्ति को बहू के नाम ट्रांसफर करता है, तो उसे उस पर हक मिल सकता है।

इसके अलावा, यदि पति की मृत्यु हो जाती है, तो बहू अपने बच्चों के हक के साथ संपत्ति में हिस्सा मांग सकती है। यानी बहू का दावा सीधे तौर पर नहीं, बल्कि पति या बच्चों के माध्यम से होता है।

हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और बहू की स्थिति

भारत में हिंदू परिवारों में HUF (Hindu Undivided Family) की व्यवस्था होती है। इसमें जन्म लेने वाला प्रत्येक सदस्य सहदायिक (Coparcener) होता है और उसे पैतृक संपत्ति में हिस्सा मिलता है। लेकिन बहू, जो शादी के बाद परिवार में आती है, उसे HUF का सदस्य तो माना जाता है, लेकिन वह सहदायिक नहीं होती। इसका मतलब है कि वह सीधे तौर पर संपत्ति में हिस्सा नहीं मांग सकती।

किन हालात में बहू को संपत्ति में हिस्सा मिल सकता है?

1. पति के माध्यम से: यदि पति अपनी पैतृक या स्व-अर्जित संपत्ति का हिस्सा बहू को देना चाहता है।

2. पति की मृत्यु के बाद: पति की मृत्यु की स्थिति में बहू को उत्तराधिकार के तहत हिस्सा मिल सकता है।

3. वसीयत के माध्यम से: यदि सास-ससुर ने बहू के नाम वसीयत बनाई हो।

क्या बहू को घर से निकाला जा सकता है?

हालांकि बहू का सास-ससुर की संपत्ति पर कोई कानूनी अधिकार नहीं होता, लेकिन घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के अनुसार, वह अपने वैवाहिक घर में रहने का अधिकार रखती है, चाहे वह घर पति के नाम पर हो या नहीं। यानी बहू को घर से निकाला नहीं जा सकता जब तक कि उसके पास रहने के लिए कोई और सुरक्षित जगह न हो।

बहू का सास-ससुर की स्व-अर्जित संपत्ति पर कोई सीधा कानूनी हक नहीं है। पैतृक संपत्ति में भी उसका अधिकार पति या बच्चों के माध्यम से ही बनता है। कानून ने बहू के लिए कुछ हद तक सुरक्षा के प्रावधान किए हैं, लेकिन स्व-अर्जित संपत्ति पर दावा करने का अधिकार उसे नहीं दिया गया है।

इसलिए, अगर आप बहू हैं और संपत्ति से जुड़े किसी विवाद में हैं, तो सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि वह संपत्ति स्व-अर्जित है या पैतृक। इसके बाद ही आपके अधिकार तय होते हैं।

In India, property disputes within families are common, and one frequently asked question is whether a daughter-in-law has legal rights over her in-laws’ property. According to Indian property laws, a daughter-in-law cannot claim rights over her in-laws’ self-acquired property. However, in cases of ancestral property, she may have limited rights through her husband. Understanding the difference between ancestral and self-acquired property, along with the Hindu Undivided Family (HUF) rules and the Hindu Succession Act, is essential to know where a daughter-in-law stands legally in terms of property ownership.

spot_img
spot_imgspot_img
Pawan Chaudhary
Pawan Chaudhary
पवन चौधरी एक सक्रिय पत्रकार एवं समाचार लेखक हैं, जो जनहित से जुड़े मुद्दों, स्थानीय घटनाक्रम और सामाजिक सरोकारों को प्रमुखता से अपनी पत्रकारिता में स्थान देते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के माध्यम से पवन चौधरी आम लोगों की समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय घटनाओं को सामने लाने का प्रयास करते हैं। उनका उद्देश्य निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता के जरिए समाज में जागरूकता बढ़ाना और महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों की आवाज बनाना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
29 ° C
29.1 °
29 °
94%
3.6m/s
0%
Mon
29 °
Tue
38 °
Wed
40 °
Thu
40 °
Fri
38 °
Video thumbnail
Ajit Doval ने अचानक पाकिस्तान को दी चेतावनी, बलूचिस्तान में मचा हड़कंप, Shehbaz Sharif के उड़े होश!
10:09
Video thumbnail
रांची में मजहबी महिलाओं की भीड़ ने किया सड़क जाम
01:16
Video thumbnail
अमेरिका में बोइंग का विमान हुआ क्रैश
00:20
Video thumbnail
चोरी के डर से छत के ऊपर चढ़ाई स्कॉर्पियो कार, क्रेन बुलाकर दो मंजिला छत पर चढ़ाया। वीडियो वायरल
01:47
Video thumbnail
हापुड़: बदनौली में झगड़े में घायल दीपक की इलाज के दौरान मौत, गुस्साए परिजनों ने किया रोड जाम
00:21
Video thumbnail
सहारनपुर जाने से रोके जाने पर भड़के अतुल प्रधान
02:14
Video thumbnail
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरी
00:43
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "एक फिल्म बनी थी एक संत पर, वो रिलीज होने से पहले ही फ्लॉप हो गई..."
01:18
Video thumbnail
राम वन गमन मार्ग पर केशव प्रसाद मौर्य : "सड़क जब बनी है तो धंसेगी और सड़क धंसेगी तो फिर बनेगी..."
00:25
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "यूपी में तो वनस्पति चल रही है, बदनाम हो गई है वनस्पति"
01:22

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related