AIN NEWS 1: राजस्थान की राजधानी जयपुर से सामने आया एक सनसनीखेज मामला पूरे देश को झकझोर रहा है। पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय आयुषी शर्मा ने कथित तौर पर अपनी ही मां की हत्या की साजिश इसलिए रची ताकि उसे पिता की मौत के बाद मिलने वाली अनुकंपा नियुक्ति (सरकारी नौकरी) और परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्ति पर अधिकार मिल सके। जांच में सामने आया है कि इस पूरी वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस की गहन जांच ने पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया।

क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, आयुषी के पिता का कुछ समय पहले निधन हो गया था। उनके निधन के बाद परिवार को आर्थिक सहारा देने के लिए उनकी पत्नी नीरज शर्मा को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिली थी। इसी नौकरी और परिवार की करोड़ों की संपत्ति को लेकर मां-बेटी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। जांच एजेंसियों का दावा है कि आयुषी चाहती थी कि पिता की जगह सरकारी नौकरी उसे मिले, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद उसने कथित तौर पर अपनी मां को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
करोड़ों की जमीन बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि परिवार के पास आगरा रोड क्षेत्र में लगभग पांच करोड़ रुपये मूल्य की पांच बीघा जमीन और भरतपुर क्षेत्र में करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य की चार बीघा जमीन थी। आरोप है कि इसी संपत्ति पर कब्जा पाने के लालच ने पूरे परिवार को अपराध की ओर धकेल दिया।
महीनों पहले रची गई थी साजिश
जांच में पता चला कि हत्या कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। पुलिस के अनुसार, कई महीनों से इसकी तैयारी चल रही थी। आरोप है कि आयुषी ने अपने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर योजना बनाई। बताया जा रहा है कि पहले भी हत्या का प्रयास किया गया था, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। इसके बाद नई रणनीति बनाई गई।
सुपारी देकर सड़क हादसे का बनाया प्लान
पुलिस का दावा है कि हत्या को दुर्घटना दिखाने के लिए सुपारी दी गई। आरोप है कि करीब सात लाख रुपये में यह सौदा तय हुआ। इसके बाद कुछ लोगों को तेज रफ्तार एसयूवी से नीरज शर्मा को कुचलने की जिम्मेदारी दी गई। घटना के दिन जब नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को कोचिंग छोड़कर लौट रही थीं, तभी तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। शुरुआत में मामला सड़क हादसा प्रतीत हुआ, लेकिन बाद में जांच की दिशा बदल गई।
भाई को हुआ शक, वहीं से खुला राज
मृतका के भाई को शुरुआत से ही घटना पर संदेह था। उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर हत्या की आशंका जताई। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन की जांच की तथा संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। धीरे-धीरे पूरे षड्यंत्र की परतें खुलती चली गईं।
तकनीकी जांच बनी सबसे बड़ा सबूत
जांच अधिकारियों के मुताबिक, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों की गतिविधियों ने पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग दिए। पूछताछ के दौरान कई आरोपियों के बयान भी एक-दूसरे से मेल नहीं खाए, जिससे पुलिस को पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली।
कई आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में आयुषी शर्मा सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि हत्या की साजिश में परिवार के कुछ अन्य सदस्य और सुपारी लेकर वारदात को अंजाम देने वाले लोग भी शामिल थे। पुलिस एक अन्य फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस का दावा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती तौर पर यह मामला सड़क दुर्घटना जैसा दिखाई दे रहा था, लेकिन वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने हत्या की साजिश का खुलासा कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और आगे की जांच में कुछ और तथ्य सामने आ सकते हैं।
समाज के लिए बड़ा संदेश
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि रिश्तों के टूटते विश्वास की भी दर्दनाक तस्वीर पेश करता है। जिस मां ने पति की मृत्यु के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाली, उसी के खिलाफ कथित तौर पर उसकी अपनी बेटी ने साजिश रच दी। हालांकि अंतिम दोष तय करना अदालत का अधिकार है, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों ने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि लालच किस हद तक इंसान को संवेदनहीन बना सकता है।
The Jaipur murder case has shocked the nation after police alleged that 24-year-old Ayushi Sharma conspired to murder her own mother to obtain a compassionate government job and gain control over property worth nearly ₹10 crore. Investigators claim the murder was carefully planned to look like a road accident, with CCTV footage, technical surveillance, and digital evidence exposing the conspiracy. The case highlights issues related to property disputes, contract killing, family crime, Rajasthan crime news, and police investigation.


















