AIN NEWS 1: दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे पर लंबे इंतजार के बाद आखिरकार टोल वसूली शुरू हो गई है। बुधवार देर रात से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस आधुनिक एक्सप्रेस-वे पर वाहनों से टोल टैक्स लेना शुरू कर दिया। इससे पहले पूरे दिन टोल प्लाजाओं पर तकनीकी परीक्षण, सिस्टम चेकिंग और ट्रायल का दौर चलता रहा। एनएचएआई की आईटी टीम ने काठा और टटीरी टोल प्लाजा पर पहुंचकर सभी तकनीकी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद से हजारों वाहन चालक बिना टोल दिए इस एक्सप्रेस-वे का उपयोग कर रहे थे, लेकिन अब यात्रियों को इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सफर करने के लिए टोल टैक्स देना होगा।
दिनभर चला ट्रायल, रात में शुरू हुई वसूली
एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक बुधवार सुबह से ही टोल शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन कुछ तकनीकी खामियों के कारण प्रक्रिया में देरी हुई। इसके बाद आईटी विशेषज्ञों को मौके पर बुलाया गया। टीम ने टोल प्लाजा के कंप्यूटर सिस्टम में नया सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया और सभी कैमरों, सेंसर और बूम बैरियर की जांच की।
ट्रायल के दौरान बागपत से देहरादून की ओर जाने वाले वाहनों को टोल बूथों से गुजरवाया गया। कई वाहनों को कुछ सेकंड तक बैरियर पर रोककर सिस्टम की जांच की गई। जैसे ही कैमरों ने वाहन की जानकारी पढ़ी, बैरियर स्वतः खुल गया।
अधिकारियों का कहना है कि अब टोल सिस्टम पूरी तरह ऑटोमेटिक मोड में काम करेगा, जिससे यात्रियों को कम समय में एंट्री मिल सकेगी।
फास्टैग रिचार्ज नहीं होने पर यूपीआई लेन का इस्तेमाल
टोल शुरू होने के साथ सबसे ज्यादा परेशानी उन वाहन चालकों को हुई जिनके फास्टैग में बैलेंस नहीं था या जिनका टैग ब्लैकलिस्ट हो चुका था। ऐसे वाहनों को अलग यूपीआई भुगतान वाली लेन में भेजा गया, जहां डिजिटल पेमेंट के जरिए टोल जमा कराया गया।
यूपीआई लेन पर देर रात वाहनों की लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। कई वाहन चालकों ने मौके पर ही फास्टैग रिचार्ज कराया, जबकि कुछ ने सीधे यूपीआई से भुगतान किया।
एनएचएआई ने वाहन चालकों से अपील की है कि एक्सप्रेस-वे पर सफर करने से पहले अपना फास्टैग सक्रिय और रिचार्ज जरूर रखें, ताकि टोल प्लाजा पर अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
एक्सप्रेस-वे पर तय हुई वाहनों की स्पीड लिमिट
दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे को हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभिन्न वाहनों के लिए अलग-अलग अधिकतम गति सीमा तय की गई है।
कार और छोटे निजी वाहनों के लिए अधिकतम स्पीड: 100 किमी प्रति घंटा
बसों के लिए अधिकतम स्पीड: 90 किमी प्रति घंटा
भारी वाहनों के लिए अधिकतम स्पीड: 80 किमी प्रति घंटा
पूरे एक्सप्रेस-वे पर आधुनिक स्पीड मॉनिटरिंग कैमरे लगाए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के ऑटोमैटिक ई-चालान काटे जाएंगे। यह चालान सीधे वाहन स्वामी के पते या मोबाइल नंबर पर भेजे जाएंगे।
इन वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित
एनएचएआई ने साफ कर दिया है कि कुछ वाहनों को इस एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इनमें शामिल हैं:
दुपहिया वाहन
तीन पहिया वाहन
ट्रैक्टर-ट्रॉली
धीमी गति वाले कृषि वाहन
बुधवार को टोल प्लाजाओं पर विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को वापस लौटाया गया। कई स्थानों पर वाहन चालकों और कर्मचारियों के बीच बहस भी हुई, लेकिन कर्मचारियों ने सख्ती दिखाते हुए प्रतिबंधित वाहनों को एक्सप्रेस-वे पर नहीं जाने दिया।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के वाहन तेज रफ्तार कॉरिडोर पर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं, इसलिए सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
आधुनिक कैमरों से होगी निगरानी
दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे वाहन की स्पीड, नंबर प्लेट और टोल भुगतान की जानकारी रिकॉर्ड करेंगे।
यदि कोई वाहन चालक ओवरस्पीडिंग करता है या नियम तोड़ता है, तो उसका चालान ऑटोमैटिक तरीके से जनरेट हो जाएगा। एनएचएआई का दावा है कि इस तकनीक से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और ट्रैफिक अनुशासित रहेगा।
काठा और टटीरी टोल प्लाजा पर टोल दरें
टोल वसूली शुरू होने के साथ अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए दरें भी लागू कर दी गई हैं।
काठा टोल प्लाजा से सहारनपुर तक
कार, जीप और छोटे वाहन
सिंगल जर्नी: 190 रुपये
रिटर्न जर्नी: 285 रुपये
हल्के कमर्शियल वाहन और मिनीबस
सिंगल जर्नी: 310 रुपये
रिटर्न जर्नी: 460 रुपये
बस और ट्रक
सिंगल जर्नी: 645 रुपये
रिटर्न जर्नी: 970 रुपये
ओवरसाइज वाहन
सिंगल जर्नी: 1235 रुपये
रिटर्न जर्नी: 1835 रुपये
थ्री एक्सल कमर्शियल वाहन
सिंगल जर्नी: 705 रुपये
रिटर्न जर्नी: 1055 रुपये
टटीरी टोल प्लाजा से सहारनपुर तक
विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए अलग-अलग टोल दरें लागू की गई हैं। छोटे वाहनों के लिए सिंगल यात्रा 30 रुपये से शुरू होकर बड़े व्यावसायिक वाहनों के लिए 205 रुपये तक तय की गई है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
एनएचएआई ने यात्रियों से कहा है कि एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें:
फास्टैग सक्रिय और रिचार्ज रखें
तय स्पीड लिमिट का पालन करें
प्रतिबंधित वाहन एक्सप्रेस-वे पर न लाएं
लेन ड्राइविंग का पालन करें
टोल प्लाजा पर अचानक वाहन न रोकें
एनएचएआई अधिकारियों ने क्या कहा
एनएचएआई के एक्सईएन अंकित कुमार ने बताया कि सभी तकनीकी परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं और अब टोल सिस्टम नियमित रूप से संचालित होगा। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा और ट्रैफिक अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के जरिए तुरंत कार्रवाई होगी।
सफर अब होगा तेज लेकिन महंगा
दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे ने यात्रा का समय जरूर कम कर दिया है, लेकिन अब वाहन चालकों को इस सुविधा के लिए टोल टैक्स भी चुकाना होगा। हालांकि आधुनिक तकनीक, बेहतर सड़क और हाई-स्पीड सफर के कारण यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आरामदायक और सुरक्षित मिलने की उम्मीद है।
Toll collection has started on the Delhi-Dehradun Expressway after successful technical trials conducted by NHAI teams at Katha and Ttiri toll plazas. Vehicles without active FASTag recharge were diverted to UPI payment lanes, while advanced CCTV cameras and automatic boom barriers were activated for smooth traffic management. The expressway now has strict speed limits, automatic e-challan systems, and restrictions on two-wheelers, tractors, and three-wheelers. Commuters traveling towards Saharanpur and Dehradun can now check updated toll tax rates, FASTag guidelines, and traffic regulations before entering the high-speed corridor.


















