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ईद और नवरात्रि से पहले दिल्ली में मटन पर सियासी घमासान?

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Delhi Politics Heats Up Over Mutton Ban Before Eid and Navratri

ईद और नवरात्रि से पहले दिल्ली में मटन पर सियासी घमासान

AIN NEWS 1: ईद और नवरात्रि जैसे बड़े त्योहारों से पहले दिल्ली में मटन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं के बीच इस मुद्दे पर तीखी बयानबाजी हो रही है।

बीजेपी की “मीठी सेवइयां खाओ, बकरा मत काटो” अपील

बीजेपी विधायक रविंदर नेगी ने बकरीद के मौके पर मुसलमानों से अपील की कि वे मीठी सेवइयां खाएं और बकरा न काटें। उन्होंने धार्मिक सौहार्द्र को बनाए रखने की बात कही। उनके इस बयान का समर्थन बीजेपी विधायक नीरज बसोया ने भी किया और नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानों को बंद रखने की मांग की। बसोया ने कहा कि वे इस संबंध में अधिकारियों को पत्र लिखेंगे और मांग करेंगे कि रिहायशी इलाकों में मीट की दुकानें बंद की जाएं। उनका आरोप है कि मीट कारोबारी गुंडागर्दी कर रहे हैं, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का पलटवार

बीजेपी के इस बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हमें सभी धर्मों और त्योहारों का सम्मान करना चाहिए। यह भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। मैं खुद मीट नहीं खाता, लेकिन अगर कोई 10 दिन मीट न खाए तो उसकी सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर किसी को खुशी मिलती है तो देने में क्या दिक्कत है?”

मीट पर राजनीति क्यों हो रही है?

त्योहारों के दौरान मीट बैन की मांग कोई नई बात नहीं है। हर साल नवरात्रि और जैन पर्वों के दौरान मीट की दुकानों को बंद करने की मांग उठती है। इस बार ईद और नवरात्रि करीब होने के कारण यह मुद्दा ज्यादा गरमा गया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए, जबकि कांग्रेस नेता इसे लोगों की निजी पसंद का मामला बता रहे हैं।

मीट बैन पर कानूनी स्थिति क्या कहती है?

भारत में अभी कोई राष्ट्रीय स्तर का मीट बैन नहीं है। राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन त्योहारों को ध्यान में रखते हुए अस्थायी प्रतिबंध लगा सकते हैं। दिल्ली में भी कई बार नवरात्रि और महावीर जयंती के दौरान मीट की दुकानें बंद की गई हैं, लेकिन इसे लेकर राजनीतिक विवाद बना रहता है।

जनता की राय बंटी हुई

सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग बीजेपी के बयान का समर्थन कर रहे हैं और इसे धार्मिक भावनाओं के सम्मान के लिए जरूरी बता रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि खाने-पीने की आदतें निजी मामला हैं और किसी को इसे लेकर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

ईद और नवरात्रि से पहले मीट बैन को लेकर दिल्ली में सियासत तेज हो गई है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं। जहां बीजेपी धार्मिक भावनाओं की दुहाई दे रही है, वहीं कांग्रेस इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला बता रही है। आने वाले दिनों में यह बहस और भी तेज हो सकती है।

The political debate over the mutton ban in Delhi has intensified ahead of Eid and Navratri. BJP leaders have urged people to eat Sewai instead of sacrificing goats, while Congress MP Imran Masood has countered by advocating respect for all religions. The controversy over meat shops closure during festivals is not new, but this time, with Eid and Navratri coinciding, the issue has gained political momentum. As Delhi politics heats up, the BJP vs Congress clash over religious sentiments and personal food choices is likely to continue.

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