spot_imgspot_img

रेस कोर्स मस्जिद विवाद: इमाम का बड़ा बयान, बोले- मैं मस्जिद खाली नहीं करूंगा; बिजली-पानी कटने से बढ़ी परेशानी

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास के नजदीक स्थित दिल्ली की ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को लेकर विवाद लगातार चर्चा में है। मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद हारून ने परिसर खाली कराने के कथित निर्देशों पर आपत्ति जताई है। सोशल मीडिया पर सामने आए उनके वीडियो बयान में उन्होंने मस्जिद की स्थिति, बिजली-पानी की आपूर्ति बंद होने और नमाजियों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया है।

मस्जिद को लेकर एक तरफ भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) की ओर से सरकारी जमीन पर अधिकार का सवाल उठाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली वक्फ बोर्ड का कहना है कि मस्जिद और उससे जुड़ा कब्रिस्तान वर्ष 1977 की राजपत्र अधिसूचना में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज हैं। इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट में बिजली-पानी बहाल कराने की मांग वाली याचिका भी खारिज हो चुकी है। ऐसे में मामले की कानूनी स्थिति को समझना जरूरी है।

इमाम मोहम्मद हारून ने क्या कहा?

रेस कोर्स मस्जिद के इमाम मोहम्मद हारून के अनुसार, अधिकारियों की ओर से परिसर खाली करने के लिए समय दिए जाने की बात कही गई थी। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति बंद होने के साथ प्रवेश के रास्तों पर भी प्रतिबंध लगाए गए, जिससे नमाज अदा करने आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इमाम का कहना है कि वह करीब 40 वर्षों से मस्जिद से जुड़े हुए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और वक्फ बोर्ड से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।

सोशल मीडिया पर उनके बयान को इस संदेश के साथ साझा किया जा रहा है कि वह मस्जिद खाली नहीं करेंगे। हालांकि, इस शीर्षक को इमाम के शब्दशः बयान के रूप में प्रस्तुत करने से पहले मूल वीडियो की पूरी रिकॉर्डिंग और संदर्भ देखना जरूरी है।

छह दिन में मस्जिद खाली करने के निर्देश का दावा

19 और 20 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि इमाम ने आरोप लगाया था कि उन्हें मस्जिद खाली करने के लिए छह दिन का समय दिया गया है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि 17 अक्टूबर को मस्जिद पहुंचे कुछ लोगों ने खुद को भूमि एवं विकास कार्यालय से जुड़ा अधिकारी बताते हुए परिसर खाली करने को कहा था।

हालांकि, इस मामले में सरकारी पक्ष का बयान अलग है। 21 अक्टूबर को प्रकाशित टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि L&DO ने मस्जिद को कोई नोटिस जारी नहीं किया था। वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने भी बताया कि उनकी जानकारी में मस्जिद को गिराने का कोई आदेश नहीं दिया गया था।

इसलिए नोटिस और मस्जिद को हटाने की कार्रवाई को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर है। किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए संबंधित विभाग का लिखित आदेश और आधिकारिक दस्तावेज देखना आवश्यक है।

7 अक्टूबर को बिजली-पानी की आपूर्ति बंद होने का आरोप

इस विवाद का एक प्रमुख पहलू मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति बंद होना है। इमाम और वक्फ बोर्ड के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को आसपास की झुग्गियों और अन्य ढांचों को हटाने की कार्रवाई के दौरान मस्जिद की आवश्यक सुविधाएं प्रभावित हुईं।

दिल्ली वक्फ बोर्ड ने 19 और 21 अक्टूबर को संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग की। बोर्ड ने अपने पत्र में कहा कि मस्जिद और उससे लगा कब्रिस्तान लगभग दो बीघा क्षेत्र में स्थित है और इसे 8 सितंबर 1977 की दिल्ली प्रशासन की राजपत्र अधिसूचना में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया था।

बोर्ड ने यह भी दावा किया कि मस्जिद में वर्ष 1976 से बिजली का वैध कनेक्शन मौजूद था। उसका कहना है कि आवश्यक सुविधाएं बहाल होने से पांचों वक्त की नमाज में आ रही परेशानियां दूर हो सकती हैं।

दूसरी तरफ, अधिकारियों से जुड़े पक्ष ने आसपास के क्षेत्र में चल रही कार्रवाई और सरकारी जमीन पर कब्जे से संबंधित मुद्दों का हवाला दिया है। बिजली-पानी बंद होने के कारणों और उन्हें बहाल करने के सवाल पर संबंधित विभागों की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने बिजली-पानी बहाल करने की याचिका खारिज की

मस्जिद विवाद में 23 अक्टूबर 2026 को सामने आई इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट ने 15 अक्टूबर को बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, इमाम मोहम्मद हारून ने 12 अक्टूबर को बिजली-पानी की आपूर्ति बंद होने के बाद अदालत का रुख किया था। सुनवाई के दौरान नगर निकाय की ओर से कहा गया कि आसपास ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही थी और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े पहलुओं के कारण बिजली का कनेक्शन बहाल नहीं किया जा सकता।

अदालत ने यह भी ध्यान दिया कि भूमि एवं विकास कार्यालय को इस याचिका में पक्षकार नहीं बनाया गया था। इसके अलावा, मस्जिद परिसर पर अधिकार और पहले दिए गए अदालती आदेशों के दायरे को लेकर तथ्यात्मक विवाद मौजूद थे।

हाईकोर्ट ने माना कि संपत्ति पर याचिकाकर्ता के अधिकार और परिसर पर लागू पुराने आदेशों से जुड़े प्रश्नों का निपटारा इस याचिका के दायरे में नहीं किया जा सकता।

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि बिजली-पानी बहाली की याचिका खारिज होने को मस्जिद गिराने के अंतिम आदेश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अदालत के इस फैसले और मस्जिद की भूमि पर अधिकार से जुड़े व्यापक विवाद को अलग-अलग समझना होगा।

वक्फ संपत्ति और हेरिटेज दर्जे को लेकर क्या है दावा?

दिल्ली वक्फ बोर्ड का कहना है कि मस्जिद और उससे जुड़ा कब्रिस्तान 1977 की राजपत्र अधिसूचना में दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, मस्जिद का नाम नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) की हेरिटेज सूची में भी शामिल बताया गया है।

वक्फ बोर्ड ने अधिकारियों से इन अभिलेखों को ध्यान में रखते हुए मस्जिद की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले की जांच करने का अनुरोध किया है।

दूसरी ओर, सरकारी पक्ष की ओर से क्षेत्र की जमीन पर केंद्र सरकार के अधिकार और आसपास के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का हवाला दिया गया है। रेस कोर्स क्लब के आसपास की जमीन और झुग्गी बस्तियों को हटाने का मामला पहले से न्यायिक कार्यवाही से जुड़ा रहा है।

यहां यह समझना महत्वपूर्ण है कि किसी संपत्ति का वक्फ रिकॉर्ड या हेरिटेज सूची में दर्ज होना एक महत्वपूर्ण कानूनी तथ्य है, लेकिन जमीन के स्वामित्व और पुराने अदालती आदेशों के प्रभाव का प्रश्न संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही तय किया जा सकता है।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने किरेन रिजिजू से की मुलाकात

मस्जिद की सुरक्षा को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मस्जिद और उसके पीछे स्थित कब्रिस्तान की सुरक्षा के लिए हस्तक्षेप करने, संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगने और कानूनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

ज्ञापन में मस्जिद के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के साथ वक्फ तथा हेरिटेज रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने आवश्यक सुविधाएं बहाल करने और किसी भी कार्रवाई से पहले लागू कानूनों तथा न्यायिक आदेशों का पालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी समेत अन्य नेताओं ने भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। हालांकि, राजनीतिक नेताओं के बयान और मांगें अपने आप में अदालत के फैसले या सरकारी आदेश का विकल्प नहीं हैं।

अब आगे क्या होगा?

रेस कोर्स मस्जिद के मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि संबंधित जमीन पर कानूनी अधिकार किसका है और मस्जिद के संबंध में विभागों के पास कौन-कौन से वैध आदेश तथा अभिलेख मौजूद हैं।

इसके साथ ही बिजली-पानी की आपूर्ति, नमाजियों की आवाजाही और मस्जिद की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी। वक्फ बोर्ड की ओर से भेजे गए पत्रों और संबंधित अधिकारियों के जवाब से मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि मस्जिद को गिराने का अंतिम आदेश जारी हो चुका है। इमाम ने परिसर खाली कराने के कथित निर्देशों का विरोध किया है, वक्फ बोर्ड ने संरक्षण की मांग की है और बिजली-पानी बहाली की याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है।

रेस कोर्स मस्जिद विवाद में इमाम का बयान सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। लेकिन मस्जिद के भविष्य का फैसला केवल सोशल मीडिया के दावों से नहीं, बल्कि आधिकारिक नोटिस, भूमि संबंधी रिकॉर्ड और लागू न्यायिक आदेशों के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

 

SEO Title: Delhi Race Course Mosque Controversy: Imam’s Statement, Waqf Board and High Court Update

SEO Description: Delhi Race Course Mosque controversy: Imam Mohammad Haroon’s statement, alleged eviction notice, electricity and water disconnection, Waqf Board’s appeal and Delhi High Court’s latest decision explained.

SEO Keywords: Delhi Race Course Mosque, Race Course Masjid controversy, Imam Mohammad Haroon, Delhi Waqf Board, Race Course Mosque news, Delhi High Court mosque case, L&DO Delhi, Delhi mosque eviction notice, Kiren Rijiju, Waqf property Delhi

The Delhi Race Course Mosque controversy has drawn attention after Imam Mohammad Haroon raised concerns over alleged eviction directions and the disconnection of electricity and water supplies. The Delhi Waqf Board has sought the restoration of essential services, citing the mosque’s inclusion in the 1977 Delhi Gazette notification and its reported heritage status. The Delhi High Court dismissed a petition seeking restoration of electricity and water on October 15, 2026, citing disputed questions concerning property rights and the scope of earlier court orders. The dispute continues to raise questions about land ownership, heritage protection, Waqf records and access for worshippers.

Permalink: delhi-race-course-mosque-imam-statement-waqf-board-update

spot_img
spot_imgspot_img
Pawan Chaudhary
Pawan Chaudhary
पवन चौधरी एक सक्रिय पत्रकार एवं समाचार लेखक हैं, जो जनहित से जुड़े मुद्दों, स्थानीय घटनाक्रम और सामाजिक सरोकारों को प्रमुखता से अपनी पत्रकारिता में स्थान देते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के माध्यम से पवन चौधरी आम लोगों की समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय घटनाओं को सामने लाने का प्रयास करते हैं। उनका उद्देश्य निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता के जरिए समाज में जागरूकता बढ़ाना और महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों की आवाज बनाना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
29.9 ° C
29.9 °
29.9 °
49%
2.2m/s
0%
Fri
32 °
Sat
33 °
Sun
33 °
Mon
35 °
Tue
34 °
Video thumbnail
सोनम यादव की AI वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी, पुलिस से सख्त एक्शन की मांग
01:59
Video thumbnail
लखनऊ: चंद्रशेखर आजाद का दावा, फार्म हाउस पर रची गई हत्या की साजिश; सरकार से जांच की मांग
02:43
Video thumbnail
क्या आरती करते समय Salman Khan से गलती हुई ?
00:31
Video thumbnail
कनॉट प्लेस में मिंटो ब्रिज के पास चलती सड़क पर गिरा रेड लाइट का खंभा
00:19
Video thumbnail
अरविंद केजरीवाल का अमित शाह पर निशाना, बोले- लॉरेंस बिश्नोई को दामाद की तरह क्यों रखा जा रहा?
00:21
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "जब तक ये मुख्यमंत्री रहेंगे, जब तक ये सरकार रहेगी कानून से काम नहीं होगा"
02:10
Video thumbnail
अभिनेता गुलशन पांडे और निशिकांत दीक्षित तक पहुंचा ‘पीड़ित को न्याय’ का नया अंक | AIN NEWS 1
02:16
Video thumbnail
इशारों-इशारों में फायरब्रांड Yogi ने Abhijeet Dipke को दिया मुंहतोड़ जवाब !
02:36
Video thumbnail
Meerut Kesarganj Masjid Controversy : मेरठ केसरगंज मस्जिद विवाद पर योगी से क्या बोले टी राजा सिंह ?
04:26
Video thumbnail
Hanuman Ansh Actor Gulshan Pandey in Ghaziabad | ‘हनुमान अंश’ अभिनेता गुलशन पांडे का भव्य स्वागत
04:47

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related

गाजियाबाद में तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड, वसूली की शिकायत और लापरवाही पर डीसीपी का बड़ा एक्शन

AIN NEWS 1 गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश। गाजियाबाद में पुलिसकर्मियों...