AIN NEWS 1: गाजियाबाद। दीपावली से पहले गाजियाबाद में पटाखों की बिक्री को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सख्त व्यवस्था की है। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए इस बार केवल निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दी गई है। गाजियाबाद पुलिस ने जिले के तीन पुलिस जोन में कुल 11 स्थानों को अस्थायी पटाखा बाजार के लिए चिह्नित किया है। इन स्थानों पर 5 नवंबर से 7 नवंबर 2026 तक ही दुकानदारों को बिक्री करने की अनुमति होगी।
प्रशासन की इस व्यवस्था का उद्देश्य पटाखों की बिक्री को नियंत्रित करना, अवैध भंडारण और कारोबार पर रोक लगाना तथा दीपावली के दौरान सुरक्षा और प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। निर्धारित स्थानों के अलावा कहीं भी पटाखों की दुकान लगाने या बिना अनुमति बिक्री करने की छूट नहीं होगी।
तीन पुलिस जोन में बनाए गए 11 अस्थायी बाजार
गाजियाबाद पुलिस ने शहर, ट्रांस हिंडन और ग्रामीण क्षेत्र में अलग-अलग स्थान निर्धारित किए हैं। इन स्थानों पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने वाले दुकानदारों को अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
सिटी जोन में तीन स्थान निर्धारित
शहर क्षेत्र में पटाखों की अस्थायी दुकानें लगाने के लिए तीन स्थान चुने गए हैं।
1. घंटाघर रामलीला मैदान।
2. कविनगर रामलीला मैदान।
3. विजयनगर सेक्टर-9 स्थित रामलीला मैदान।
ट्रांस हिंडन जोन में तीन स्थान
ट्रांस हिंडन क्षेत्र में भी तीन स्थानों पर अस्थायी पटाखा बाजार लगाने की व्यवस्था की गई है।
1. इंदिरापुरम थाने के पीछे आवास विकास का खाली मैदान।
2. साहिबाबाद स्थित गोल पार्क रामलीला मैदान।
3. टीला मोड़ क्षेत्र में ऑक्सी होम सोसायटी के सामने स्थित खाली मैदान।
ग्रामीण जोन में पांच स्थान
ग्रामीण क्षेत्र में लोनी, मोदीनगर, मुरादनगर और आसपास के इलाकों के लिए पांच स्थान तय किए गए हैं।
1. गढ़ी कटैया स्थित नगर पालिका मैदान।
2. लोनी इंटर कॉलेज मैदान।
3. मोदीनगर स्थित केएन मोदी मैदान।
4. सारा रोड स्थित महर्षि इंटर कॉलेज मैदान।
5. मुरादनगर चुंगी नंबर-3 स्थित रामलीला मैदान।
इन सभी स्थानों पर निर्धारित शर्तों के अनुसार ही दुकानें लगाई जा सकेंगी। दुकानदारों को अपनी दुकान के लिए अस्थायी लाइसेंस और अग्निशमन विभाग से आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेना होगा।
दुकानदारों के लिए 28 शर्तें, नियम तोड़ने पर रद्द हो सकता है लाइसेंस
पटाखों की दुकानों के संचालन को लेकर पुलिस ने सुरक्षा से संबंधित विस्तृत शर्तें निर्धारित की हैं। इनका पालन करना सभी लाइसेंसधारकों के लिए जरूरी होगा।
नियमों के अनुसार एक आवेदक केवल एक ही स्थान के लिए आवेदन कर सकता है। अस्थायी दुकान का आकार 10×10 फुट निर्धारित किया गया है। दो दुकानों के बीच कम से कम 10 फुट की दूरी रखना जरूरी होगा, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में आग को फैलने से रोका जा सके और लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता मिल सके।
दुकानदारों को अग्निशमन विभाग से NOC लेनी होगी। दुकान के आसपास आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम रखना भी अनिवार्य होगा। प्रत्येक दुकान पर पानी और रेत से भरी कम से कम दो-दो बाल्टियां रखनी होंगी। इसके अलावा बिजली और पार्किंग की व्यवस्था भी निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार करनी होगी।
बिक्री का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है। तय समय के बाद दुकान पर पटाखों की बिक्री नहीं की जा सकेगी। सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित दुकानदार का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।
सिर्फ प्रमाणित ग्रीन पटाखों की होगी बिक्री, QR कोड भी जरूरी
पटाखों की बिक्री को लेकर सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि दुकानदार केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही बेच सकेंगे। ऐसे उत्पादों के लिए CSIR-NEERI का प्रमाणन और PESO की आवश्यक मंजूरी होना जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट के 29 अक्टूबर 2026 के आदेश के अनुसार ग्रीन पटाखों के प्रत्येक डिब्बे पर उत्पाद और बैच के हिसाब से विशिष्ट QR कोड होना चाहिए। इस कोड को स्कैन करने पर निर्माता, NEERI पंजीकरण, PESO या संबंधित लाइसेंस और उत्पाद के परीक्षण प्रमाणपत्र की जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए।
पटाखों के डिब्बे पूरी तरह सील होने चाहिए। किसी भी तरह से पारंपरिक या प्रतिबंधित पटाखों को ग्रीन पटाखों के नाम पर बेचने की अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा पटाखों की लड़ियां, जिन्हें आमतौर पर लड़ी या माला कहा जाता है, और बेरियम युक्त पटाखों के निर्माण तथा बिक्री पर रोक लगाई गई है। CSIR-NEERI से ग्रीन पटाखे के रूप में स्वीकृत नहीं किए गए उत्पाद भी प्रतिबंधित रहेंगे।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से पटाखों की खरीद-बिक्री भी प्रतिबंधित है। बिक्री केवल प्रशासन की ओर से निर्धारित स्थानों और अधिकृत दुकानदारों के माध्यम से ही हो सकेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने दीपावली के लिए जारी किए विशेष निर्देश
दिल्ली-एनसीआर में पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर 2026 को अरुण गोपाल बनाम भारत संघ मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने निर्धारित शर्तों के साथ दीपावली के अवसर पर प्रमाणित ग्रीन पटाखों के उपयोग की अस्थायी अनुमति दी है।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह छूट सीमित अवधि और निर्धारित नियमों के तहत ही लागू होगी। पटाखों के निर्माण, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर अधिकारियों को निगरानी रखनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले रद्द किए गए पटाखा कारोबारियों के लाइसेंस को 4 नवंबर से 6 नवंबर 2026 तक अस्थायी रूप से बहाल करने का निर्देश भी दिया है। यह व्यवस्था CSIR-NEERI से प्रमाणित निर्माताओं से खरीदे गए स्वीकृत ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए है। नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस तत्काल रद्द किया जा सकता है।
7 और 8 नवंबर को ही तय समय पर जला सकेंगे पटाखे
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे जलाने के लिए भी समय निर्धारित किया है। आदेश के अनुसार 7 और 8 नवंबर 2026 को ही निर्धारित समय के दौरान ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे।
समय इस प्रकार है:
– सुबह 6 बजे से 7 बजे तक।
– रात 8 बजे से 10 बजे तक।
निर्धारित समय के अलावा पटाखे जलाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक और जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों तथा अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर रोक रहेगी। यह प्रतिबंध शिक्षण संस्थानों के आसपास भी लागू होगा।
ऐसे क्षेत्रों को नो-क्रैकर जोन के रूप में चिह्नित कर लोगों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध पटाखे मिलने पर जब्ती और कानूनी कार्रवाई
प्रशासन और पुलिस को अवैध पटाखों की बिक्री तथा आपूर्ति रोकने के लिए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित स्थानों के अलावा कहीं पटाखों की बिक्री या अवैध भंडारण मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अवैध और पारंपरिक पटाखों को तत्काल जब्त किया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं और कारोबारियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
पुलिस और प्रशासन की टीमें निर्धारित बाजारों का निरीक्षण करेंगी। दुकानों पर रखे पटाखों के QR कोड की जांच भी की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बेचे जा रहे उत्पाद वास्तव में प्रमाणित ग्रीन पटाखे हैं।
दिल्ली-एनसीआर में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच कर अवैध और पारंपरिक पटाखों की आपूर्ति रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
9 नवंबर से फिर लागू होगा पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी है कि 9 नवंबर 2026 से दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर पहले से लागू पूर्ण प्रतिबंध फिर बहाल हो जाएगा।
इसका मतलब है कि दीपावली के लिए दी गई अस्थायी छूट को स्थायी अनुमति नहीं माना जा सकता। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर संबंधित प्रतिबंध फिर लागू होंगे।
लोगों से नियमों का पालन करने की अपील
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे पटाखे खरीदते समय दुकानदार से लाइसेंस और उत्पाद के QR कोड की जांच करें। केवल अधिकृत दुकानों से प्रमाणित ग्रीन पटाखे खरीदें और निर्धारित समय का पालन करें।
विशेषज्ञों के अनुसार ग्रीन पटाखे भी प्रदूषण से पूरी तरह मुक्त नहीं होते। इसलिए बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है।
गाजियाबाद में इस बार पटाखों की बिक्री के लिए 11 स्थान निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में लोगों को बाजारों में अनावश्यक भीड़ लगाने से बचना चाहिए और किसी भी तरह की अवैध बिक्री या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए।
कुल मिलाकर, गाजियाबाद में दीपावली के दौरान पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर इस बार सख्त व्यवस्था की गई है। 5 से 7 नवंबर तक निर्धारित बाजारों में केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही बेचे जा सकेंगे। वहीं 7 और 8 नवंबर को निर्धारित समय में ही पटाखे जलाने की अनुमति होगी। 9 नवंबर से प्रतिबंध फिर लागू हो जाएगा।
Ghaziabad green crackers sale 2026 will take place at 11 designated locations across the City, Trans Hindon and Rural police zones from November 5 to November 7. Ghaziabad Police has introduced temporary licensing requirements, fire safety regulations and restrictions on unauthorised firecracker sales. Only CSIR-NEERI-certified and PESO-approved green crackers with product-specific QR codes are permitted under the Supreme Court’s October 29, 2026 order. Residents should check approved firecracker shops, permitted sale dates, safety guidelines and Diwali firecracker timings in Ghaziabad. The restrictions also include a ban on conventional crackers, online sales and fireworks near hospitals, educational institutions and notified silence zones.



















