AIN NEWS 1 बागपत, उत्तर प्रदेश। बीजेपी के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। उत्तर प्रदेश के बागपत में आयोजित क्षत्रिय स्वाभिमान महासम्मेलन में उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), कांग्रेस, राहुल गांधी, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे को लेकर तीखी टिप्पणियां कीं। उनके संबोधन का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान UGC को लेकर रहा। उन्होंने कहा, “UGC न था, न आएगा और न रहेगा।” इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी उम्र बढ़ गई है, लेकिन बुद्धिमानी नहीं आई।
बागपत में आयोजित हुआ क्षत्रिय स्वाभिमान महासम्मेलन
रविवार, 1 नवंबर 2026 को बागपत के सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज के मैदान में क्षत्रिय स्वाभिमान महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह मुख्य वक्ताओं में शामिल रहे। सम्मेलन में समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता, आपसी सहयोग, युवाओं की भूमिका और समाज के विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
ब्रजभूषण शरण सिंह हेलीकॉप्टर से बागपत पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर भाजपा नेता हरीश चौधरी के फार्महाउस पर उतरा, जहां स्थानीय नेताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्हें सम्मानित भी किया गया।
सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान ब्रजभूषण ने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने खास तौर पर समाज को एकजुट रहने और दूसरे समुदायों के लोगों को साथ लेकर चलने की जरूरत बताई।
UGC को लेकर ब्रजभूषण शरण सिंह ने क्या कहा?
महासम्मेलन में UGC का मुद्दा उठाते हुए ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि UGC न था, न आएगा और न रहेगा। उनके इस बयान ने राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चा को जन्म दिया।
दरअसल, UGC यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग देश में उच्च शिक्षा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण वैधानिक संस्था है। इसकी स्थापना 1956 में संसद के कानून के तहत हुई थी। यह विश्वविद्यालयों में शिक्षा के मानकों के समन्वय और उनके विकास से जुड़े कार्य करता है।
हाल के दिनों में UGC के नए इक्विटी नियमों को लेकर देश में विवाद देखने को मिला है। इन नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकना और समानता को बढ़ावा देना था। हालांकि, नियमों की कुछ व्यवस्थाओं को लेकर विरोध भी हुआ। सामान्य वर्ग के कुछ संगठनों और विद्यार्थियों ने शिकायतों के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी।
इस विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में नए नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए पुराने 2012 के नियम लागू रखने का निर्देश दिया था।
इसी पृष्ठभूमि में ब्रजभूषण शरण सिंह का बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, उनके बयान को UGC संस्था के आधिकारिक रूप से समाप्त होने की घोषणा नहीं समझना चाहिए। उन्होंने अपनी राजनीतिक राय व्यक्त की थी। UGC को समाप्त करने का कोई आधिकारिक फैसला इस बयान से सामने नहीं आया है।
राहुल गांधी पर तीखा हमला, बोले- 55 साल के हो गए लेकिन बुद्धिमान नहीं बने
ब्रजभूषण शरण सिंह ने अपने संबोधन में कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह 55 साल के हो गए हैं, लेकिन अभी तक बुद्धिमान नहीं बन पाए।
उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि विपक्ष अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभाता तो देश और अधिक प्रगति कर सकता था।
ब्रजभूषण ने विपक्ष के नेता की तुलना बंदर के नाच से करते हुए तंज कसा। उनका कहना था कि विपक्ष के नेता कभी एक तरफ तो कभी दूसरी तरफ जाते दिखाई देते हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक विरोधियों पर सीधा हमला माना जा रहा है।
यहां एक तथ्यात्मक बात भी महत्वपूर्ण है। राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को हुआ था। 1 नवंबर 2026 को उनकी उम्र 56 वर्ष हो चुकी थी। इसलिए ब्रजभूषण के संबोधन में बताई गई 55 वर्ष की उम्र को उनके बयान के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए, न कि सही वर्तमान उम्र के रूप में।
कांग्रेस से अपने परिवार का पुराना संबंध भी किया याद
कांग्रेस पर निशाना साधने के दौरान ब्रजभूषण शरण सिंह ने अपने परिवार के पुराने राजनीतिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके दादा वर्ष 1952 में कांग्रेस से विधायक रहे थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनके परिवार की पुरानी राजनीतिक पार्टी रही है और इस वजह से उन्हें पार्टी की मौजूदा स्थिति देखकर दुख होता है। उन्होंने देश की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की।
उनके इस बयान से यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए अपने पारिवारिक राजनीतिक इतिहास का भी जिक्र किया।
CJP आंदोलन और विदेशी फंडिंग को लेकर लगाए आरोप
ब्रजभूषण शरण सिंह ने अपने संबोधन में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन को विदेश से फंडिंग मिल रही है और इसके माध्यम से युवाओं को बरगलाकर आंदोलनों में शामिल होने के लिए उकसाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसे आंदोलनों में उलझने के बजाय शिक्षा, रोजगार और अपने भविष्य को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
ब्रजभूषण ने यह भी कहा कि व्यापारियों ने आंदोलन से जुड़े लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन जारी रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में आपसी विवाद और मतभेद बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
हालांकि, विदेशी फंडिंग से जुड़ा यह ब्रजभूषण शरण सिंह का आरोप है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि करने वाले दस्तावेज या आधिकारिक जांच का विवरण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। इसलिए इसे प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
राज ठाकरे पर भी साधा निशाना, उत्तर भारतीयों का मुद्दा उठाया
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे को लेकर भी ब्रजभूषण शरण सिंह ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मुंबई में उत्तर भारतीयों के साथ मारपीट और उनके खिलाफ होने वाली घटनाओं का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीयों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी व्यक्ति को क्षेत्र या भाषा के आधार पर दूसरे नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करने का अधिकार नहीं है।
इस टिप्पणी को उत्तर भारतीयों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर उनकी प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
क्षत्रिय समाज को दिया एकजुटता का संदेश
महासम्मेलन में ब्रजभूषण शरण सिंह ने केवल राजनीतिक बयानबाजी तक अपनी बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने क्षत्रिय समाज को एकजुट रहने और दूसरे समाजों के लोगों के साथ भी बेहतर संबंध बनाने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि समाज को अपनी कमियों को पहचानना चाहिए और दूसरों की आलोचना करने के बजाय खुद को मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने युवाओं को ऐसे चार अच्छे मित्र बनाने की सलाह दी, जो दूसरे समाजों से हों।
महाराणा प्रताप का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास में केवल बड़े योद्धाओं का ही नहीं, बल्कि उनके सहयोगियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसलिए समाज को उन सभी लोगों का सम्मान करना चाहिए, जिन्होंने इतिहास और सामाजिक जीवन में अपना योगदान दिया।
उन्होंने रामायण, हनुमान चालीसा और गोस्वामी तुलसीदास की चौपाइयों का उल्लेख करते हुए समाज को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और इतिहास से जुड़े रहने का संदेश दिया।
सुबह चार बजे उठने और मेहनत करने का दिया संदेश
अपने संबोधन के दौरान ब्रजभूषण शरण सिंह ने अपनी दिनचर्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जीवन में अपनी पहचान और दबदबा बनाए रखने के लिए मेहनत तथा अनुशासन जरूरी है।
उन्होंने अपने अंदाज में कहा, “दबदबा था, दबदबा है और दबदबा रहेगा।” इसके साथ उन्होंने बताया कि वह सुबह जल्दी उठते हैं, गायों को गुड़ खिलाते हैं, भैंसों को चारा डालते हैं और खेती के कामों में भी समय देते हैं।
उन्होंने युवाओं से कहा कि सफलता केवल बातों से नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए लगातार मेहनत करनी पड़ती है। जो व्यक्ति अपने काम के प्रति अनुशासित रहता है, वही जीवन में आगे बढ़ सकता है।
राजनीतिक चर्चाओं में आया ब्रजभूषण का संबोधन
बागपत के इस क्षत्रिय स्वाभिमान महासम्मेलन में ब्रजभूषण शरण सिंह के संबोधन ने कई राजनीतिक मुद्दों को एक साथ चर्चा में ला दिया। UGC पर उनकी टिप्पणी, राहुल गांधी पर व्यक्तिगत तंज, कांग्रेस को लेकर उनकी नाराजगी और CJP आंदोलन पर विदेशी फंडिंग के आरोपों ने राजनीतिक बहस को नया विषय दिया है।
एक तरफ उन्होंने समाज की एकता और युवाओं को मेहनत करने का संदेश दिया, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी नेताओं और कुछ आंदोलनों पर तीखे हमले किए।
फिलहाल उनके बयान को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। खासकर UGC पर दिया गया बयान आने वाले दिनों में भी बहस का विषय बना रह सकता है।
AIN NEWS 1 की नजर: ब्रजभूषण शरण सिंह के बयान और UGC विवाद से जुड़े घटनाक्रम पर आगे भी नजर रखी जाएगी। किसी भी नए आधिकारिक फैसले, प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण की जानकारी सामने आने पर पाठकों तक अपडेट पहुंचाई जाएगी।
Brij Bhushan Sharan Singh made headlines at the Kshatriya Swabhiman Mahasammelan in Bagpat, Uttar Pradesh, on November 1, 2026. His controversial UGC statement, criticism of Rahul Gandhi, comments on the CJP movement and allegations of foreign funding sparked political discussions. The former BJP MP also spoke about Kshatriya unity, social harmony, youth development, discipline and hard work. His remarks on UGC controversy 2026 and Rahul Gandhi have attracted attention in Uttar Pradesh political news.



















