AIN NEWS 1 गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में वसुंधरा पुलिस चौकी के पास शुक्रवार रात हुए जोरदार धमाके ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की इस पुलिस चौकी में हुए विस्फोट से खिड़कियों के शीशे टूट गए और दीवार में दरार आ गई। घटना के दौरान चौकी में मौजूद एक सब-इंस्पेक्टर सुरक्षित बच गया, जबकि वहां से गुजर रहा एक 20 वर्षीय फूड डिलीवरी कर्मी कांच के टुकड़े लगने से घायल हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड), बम निरोधक दस्ता, फॉरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस जांच में जुटी हैं। इस घटना ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब सोशल मीडिया पर एक कथित आतंकी संगठन के नाम से धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शुरुआती जांच में घटनास्थल से विस्फोटक सामग्री, बारूद या रासायनिक अवशेष मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच एजेंसियां हादसे से लेकर किसी संभावित साजिश तक सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

शुक्रवार रात करीब 9 बजे हुआ जोरदार धमाका
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार 6 नवंबर की रात करीब 9 बजे वसुंधरा पुलिस चौकी के पिछले हिस्से के पास अचानक तेज धमाका हुआ। चौकी इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में आती है और एलिवेटेड रोड के नीचे स्थित है।
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। विस्फोट का असर इतना तेज था कि पुलिस चौकी की दो खिड़कियों के शीशे टूट गए। परिसर में लगा एयर कंडीशनर भी क्षतिग्रस्त हो गया और इमारत की दीवार में दरार दिखाई दी।
घटना के समय चौकी में एक सब-इंस्पेक्टर मौजूद था। गनीमत रही कि वह इस धमाके में सुरक्षित बच गया। उसी दौरान वहां सामान पहुंचाने आया डिलीवरी कर्मी विशाल कांच के टुकड़ों की चपेट में आकर घायल हो गया।
पुलिस के मुताबिक, विशाल गाजियाबाद के अर्थला इलाके का रहने वाला है। उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल कुमार ने बताया कि घायल युवक की हालत स्थिर है और वह अब स्वस्थ है।
ATS और बम निरोधक दस्ते ने संभाली जांच
धमाके की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद बम निरोधक दस्ता, फील्ड यूनिट और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम भी जांच में शामिल हुई। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्सों, एयर कंडीशनर और आसपास बिखरे मलबे की जांच कर जरूरी नमूने एकत्र किए।
पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद सभी संबंधित एजेंसियों को जांच में लगाया गया। मौके से साक्ष्य जुटाए गए हैं और धमाके की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी एक कारण को अंतिम रूप से स्वीकार नहीं किया जा सकता। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
शुरुआती जांच में नहीं मिले बारूद और विस्फोटक के निशान
इस मामले में 7 नवंबर को सामने आई सबसे अहम जानकारी यह है कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से विस्फोटक सामग्री, बारूद या रासायनिक अवशेष मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
डीसीपी ऋजुल कुमार ने बताया कि शुरुआती निरीक्षण में ऐसे कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, जिनसे यह साबित हो सके कि धमाके में किसी विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि जांच पूरी हो गई है या किसी साजिश की आशंका पूरी तरह समाप्त हो गई है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें आगे वैज्ञानिक परीक्षण के लिए आगरा स्थित प्रयोगशाला भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसियां इन नमूनों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि धमाका किस वजह से हुआ और उसका स्रोत क्या था।
एयर कंडीशनर में धमाके की आशंका, गैस पाइपलाइन का पहलू भी जांच में
धमाके की वजह को लेकर कई संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। शुरुआती आकलन में पुलिस चौकी में लगे एयर कंडीशनर को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
एक संभावना यह जताई गई है कि दीपावली के दौरान छोड़ा गया कोई पटाखा एसी यूनिट में पहुंच गया हो, जिससे उसमें विस्फोट हुआ हो। हालांकि, यह अभी केवल प्रारंभिक आशंका है, इसकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है।
डीसीपी ने यह भी बताया कि चौकी पुरानी इमारत में स्थित है। इसलिए आसपास से गुजरने वाली सीवर लाइन और गैस पाइपलाइन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि कहीं किसी तकनीकी खराबी, गैस रिसाव या अन्य कारण से तो धमाका नहीं हुआ।
फिलहाल एसी में खराबी, पटाखे से विस्फोट और अन्य तकनीकी कारणों में से किसी को भी अंतिम वजह घोषित नहीं किया गया है।
एलिवेटेड रोड पर मिली संदिग्ध बाइक, पुलिस ने कब्जे में ली
धमाके की जांच के दौरान एक संदिग्ध दोपहिया वाहन का मामला भी सामने आया है। पुलिस सूत्रों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, एलिवेटेड रोड पर एक संदिग्ध बाइक खड़ी मिली थी। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है।
जांच एजेंसियां आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि धमाके से पहले और बाद में घटनास्थल के आसपास कौन-कौन मौजूद था और संदिग्ध गतिविधियां तो नहीं हुई थीं।
हालांकि, अभी तक इस बाइक का धमाके से कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है। पुलिस जांच पूरी होने से पहले इसे घटना में इस्तेमाल किया गया वाहन मानना उचित नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन के नाम से जिम्मेदारी लेने का दावा
धमाके के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘गाजी-2’ नाम के अकाउंट से एक पोस्ट और वीडियो सामने आया। इसमें ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान’ नाम से धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया।
वीडियो में चेहरे पर नकाब पहने एक व्यक्ति दिखाई देता है। वह कथित तौर पर उर्दू और हिंदी में बयान देते हुए पुलिस को निशाना बनाने की बात कहता है। पोस्ट के साथ अंग्रेजी में एक संदेश भी साझा किया गया था।
इस दावे के सामने आने के बाद पुलिस और साइबर जांच एजेंसियों ने सोशल मीडिया अकाउंट की गतिविधियों की पड़ताल शुरू कर दी है।
हालांकि, इस दावे की प्रामाणिकता अभी स्थापित नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि अकाउंट किसने संचालित किया, वीडियो कहां तैयार किया गया और क्या इसका वास्तव में वसुंधरा चौकी में हुए धमाके से कोई संबंध है।
7 नवंबर को सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां इस संभावना की भी जांच कर रही हैं कि संगठन के नाम से किया गया दावा जांच को भटकाने की कोशिश हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एजेंसियों को फिलहाल इस नाम के संगठन की पहचान और दावे की विश्वसनीयता पर संदेह है।
इसलिए केवल सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने की पोस्ट सामने आने से किसी आतंकी संगठन की संलिप्तता साबित नहीं होती।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं की कर रहीं जांच
पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस की विभिन्न एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। फील्ड यूनिट, बम निरोधक दस्ता और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच में मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। पहला, धमाका किसी तकनीकी खराबी या दुर्घटना के कारण हुआ। दूसरा, किसी बाहरी वस्तु या पटाखे के कारण विस्फोट हुआ। तीसरा, क्या इसके पीछे किसी व्यक्ति या समूह की जानबूझकर की गई कार्रवाई थी।
इन सभी संभावनाओं की जांच के बाद ही पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी।
फिलहाल आतंकी हमला घोषित नहीं, फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
वसुंधरा पुलिस चौकी में हुआ धमाका कई सवाल खड़े कर रहा है। एक तरफ सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन के नाम से जिम्मेदारी लेने का दावा है, तो दूसरी तरफ शुरुआती जांच में घटनास्थल से विस्फोटक सामग्री के निशान नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है।
संदिग्ध बाइक, एसी यूनिट, आसपास की पाइपलाइन और सीसीटीवी फुटेज की जांच भी इस मामले में महत्वपूर्ण है।
फिलहाल पुलिस ने इसे आधिकारिक तौर पर आतंकी हमला घोषित नहीं किया है और न ही सोशल मीडिया पर किए गए दावे की पुष्टि हुई है। जांच एजेंसियों का पूरा ध्यान धमाके के वास्तविक कारण का पता लगाने और ऑनलाइन धमकी के पीछे मौजूद लोगों की पहचान करने पर है।
अब सबकी नजर फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस की अगली आधिकारिक जानकारी पर है। इन रिपोर्टों से ही स्पष्ट हो सकेगा कि वसुंधरा पुलिस चौकी में हुआ धमाका एक दुर्घटना था या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी।
AIN NEWS 1 की अपील: सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट वीडियो और दावों को बिना जांचे साझा न करें। पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचें।
The Ghaziabad Vasundhara police chowki blast has triggered a major investigation by the Uttar Pradesh ATS, Ghaziabad Police, forensic experts and the bomb disposal squad. The explosion at the Vasundhara police outpost under Indirapuram police station injured a 20-year-old food delivery worker and damaged the building. Investigators are examining the damaged AC unit, a suspicious two-wheeler found on the elevated road, CCTV footage and an unverified social media claim by Tehreek-ul-Mujahideen Hindustan. Preliminary investigations found no explosive material, gunpowder or chemical residue at the blast site. The forensic report is expected to help establish the actual cause of the Ghaziabad explosion.



















