AIN NEWS 1 गाजीपुर, उत्तर प्रदेश। गाजीपुर-बलिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जंगीपुर थाना क्षेत्र में गोलंबर के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर डिवाइडर और सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में वाहन सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए गाजीपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मां और बेटे को मृत घोषित कर दिया। अन्य तीन घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए वाराणसी रेफर किया गया।
मृतकों की पहचान बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र निवासी 55 वर्षीय क्षमा उपाध्याय और उनके 28 वर्षीय बेटे अनमोल उपाध्याय के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को खाई से निकलवाकर कब्जे में ले लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर कैसे हुआ हादसा?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्कॉर्पियो में सवार लोग बलिया से वाराणसी की ओर जा रहे थे। बुधवार देर रात जंगीपुर थाना क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के गोलंबर के पास अचानक वाहन चालक का नियंत्रण गाड़ी से हट गया। इसके बाद स्कॉर्पियो डिवाइडर और सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी।
वाहन के नीचे गिरने और पलटने से उसमें सवार सभी पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मिली तो वे घटनास्थल की ओर दौड़े और राहत कार्य में मदद करने लगे।
प्रारंभिक खबरों में खाई की गहराई लगभग 30 से 40 फीट बताई गई है। हालांकि, वाहन की वास्तविक गति और दुर्घटना के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मां क्षमा उपाध्याय और बेटे अनमोल की मौत
हादसे में जान गंवाने वाली क्षमा उपाध्याय की उम्र 55 वर्ष थी, जबकि उनके बेटे अनमोल उपाध्याय की उम्र 28 वर्ष बताई गई है। दोनों बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र के निवासी थे। क्षमा उपाध्याय, जयराम उपाध्याय की पत्नी थीं।
दुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने क्षमा उपाध्याय और अनमोल उपाध्याय को मृत घोषित कर दिया। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
हादसे की खबर मिलने के बाद परिवार और परिचितों में शोक की स्थिति बन गई। फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार दुर्घटना में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
तीन घायलों की हालत गंभीर, वाराणसी किया गया रेफर
स्कॉर्पियो में सवार अन्य तीन लोग भी हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्टों में उनकी पहचान इस प्रकार बताई गई है:
– रत्नेश मिश्रा: वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के निवासी।
– मनोज चौबे: बलिया जिले के सुखपुरा थाना क्षेत्र के भरखरा गांव के निवासी।
– रमेश वर्मा: मिर्जापुर जिले के चुनार क्षेत्र के निवासी, जो स्कॉर्पियो चला रहे थे।
घायलों को पहले गाजीपुर के जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए वाराणसी रेफर कर दिया।
घायलों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, उन्हें वाराणसी के किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत में कितना सुधार हुआ है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक रिपोर्टों से स्पष्ट नहीं है।
हादसे के बाद एंबुलेंस खराब होने का मामला भी चर्चा में
इस दुर्घटना के बाद राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटनास्थल पर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ी दो एंबुलेंस पहुंचीं, लेकिन दोनों के खराब होने की बात सामने आई। इसके बाद घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस की मदद ली गई।
यदि आपात स्थिति में उपलब्ध एंबुलेंस काम नहीं करती हैं, तो गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने में देरी होने की आशंका रहती है। इस मामले में भी स्थानीय लोगों की ओर से नाराजगी जताए जाने की खबरें सामने आई हैं।
हालांकि, एंबुलेंस में खराबी के कारण, उन्हें कितनी देर में ठीक किया जा सकता था और इससे घायलों को अस्पताल पहुंचाने में कितना विलंब हुआ, इन बिंदुओं पर किसी विस्तृत आधिकारिक जांच रिपोर्ट की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस मामले में अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले संबंधित विभाग का पक्ष सामने आना जरूरी है।
पुलिस ने क्रेन की मदद से स्कॉर्पियो को खाई से निकलवाया
हादसे की सूचना मिलने के बाद जंगीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। राहत कार्य में स्थानीय लोगों और एक्सप्रेसवे कर्मचारियों ने भी सहयोग किया। दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो खाई में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में पड़ी थी।
वाहन को बाहर निकालने के लिए हाइड्रा क्रेन की मदद ली गई। इसके बाद क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो को खाई से निकालकर जंगीपुर थाने पहुंचाया गया। पुलिस दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी में तेज रफ्तार को हादसे की संभावित वजह बताया गया है। हालांकि, वाहन के अनियंत्रित होने के पीछे सड़क की स्थिति, मोड़, चालक की स्थिति या अन्य किसी कारण की भूमिका थी या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
उद्घाटन से पहले एक्सप्रेसवे पर हादसे ने उठाए सुरक्षा संबंधी सवाल
गाजीपुर-बलिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे क्षेत्र में आवागमन को बेहतर बनाने और प्रमुख स्थानों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। इसके कुछ हिस्सों पर ट्रायल के तहत वाहनों का संचालन शुरू होने की खबरें भी सामने आई थीं।
ऐसे में एक्सप्रेसवे पर हुई यह दुर्घटना सड़क सुरक्षा, वाहन की गति पर नियंत्रण, संकेतक बोर्ड, मोड़ों की सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता जैसे मुद्दों की ओर ध्यान खींचती है।
हालांकि, केवल एक दुर्घटना के आधार पर पूरे एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। जांच में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दुर्घटनास्थल पर सुरक्षा रेलिंग और अन्य इंतजाम किस स्थिति में थे तथा आपातकालीन सहायता कितनी जल्दी उपलब्ध कराई गई।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होंगे हादसे के कारण
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस सड़क हादसे में मां-बेटे की मौत हुई है और तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को वाराणसी रेफर किया गया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दुर्घटना की वास्तविक वजह, वाहन की गति, सुरक्षा रेलिंग की स्थिति और आपातकालीन सेवाओं में कथित परेशानी से जुड़े तथ्यों की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
गाजीपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे हादसे में दो लोगों की मौत एक दुखद घटना है। इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार से वाहन चलाने के जोखिम और दुर्घटना के समय प्रभावी आपातकालीन व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है। जांच के निष्कर्ष और घायलों की स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाना चाहिए।
A tragic road accident on the Ghazipur Greenfield Expressway in Uttar Pradesh claimed the lives of Kshama Upadhyay, 55, and her son Anmol Upadhyay, 28. The Scorpio SUV reportedly lost control near the Golambar area in Jangipur and plunged into a deep ditch after breaking through the divider and safety railing. Three other occupants, including the driver, sustained serious injuries and were referred to Varanasi for further treatment. Police are investigating the Ghazipur Greenfield Expressway accident, while questions have also been raised over emergency ambulance availability at the accident site.



















