AIN NEWS 1 | ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 स्थित आईआईएमटी इंजीनियरिंग कॉलेज के साराभाई ऑडिटोरियम में श्री बालाजी मानव सेवा समिति के सेविका महिला मंडल की ओर से तीज महोत्सव का आयोजन किया गया। श्रावण मास शुक्ल पक्ष चतुर्थी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में संस्था के संस्थापक एवं प्रबंधक सतेन्द्र राघव विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि श्री बालाजी मानव सेवा समिति भारतीय पर्व, संस्कृति, संस्कार और परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संस्था के कार्यों का मूल आधार “समर्पण, सेवा और संस्कार” है।

सतेन्द्र राघव ने कहा कि भारतीय जीवन शैली में तीज पर्व का विशेष महत्व है। तीज केवल धार्मिक एवं पारंपरिक उत्सव नहीं, बल्कि परिवार, समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य भारतीय संस्कृति से जुड़ी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और समाज में सेवा एवं संस्कार की भावना को मजबूत करना है।
तीज सुंदरी डॉ. रत्ना गुप्ता ने सुनाई शिव-पार्वती की कथा
कार्यक्रम में तीज सुंदरी डॉ. रत्ना गुप्ता ने तीज पर्व के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की कथा के माध्यम से सनातन जीवन दर्शन को समझाया।
उन्होंने कहा कि माता पार्वती ने भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव का संदेश दिया। उन्होंने तीज पर्व को महिलाओं के लिए आस्था, समर्पण और पारिवारिक संस्कारों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताया।
डॉ. रत्ना गुप्ता ने कहा कि हरियाली तीज के माध्यम से समाज में पर्यावरण और हरियाली के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया जा सकता है। महिलाओं द्वारा परिवार के बीच इस पर्व को मनाने से बच्चों और नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं एवं संस्कारों से जोड़ने का अवसर मिलता है।

पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
तीज महोत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के महत्व पर भी चर्चा की गई। आयोजकों के अनुसार, तीज का प्रकृति और हरियाली से गहरा संबंध है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोगों को प्रकृति के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
संस्था की ओर से कहा गया कि भारतीय त्योहार केवल उत्सव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय संदेश भी जुड़े हुए हैं। इसी सोच के साथ तीज महोत्सव को परिवार और समाज के बीच संस्कार एवं सेवा की भावना को मजबूत करने के अवसर के रूप में आयोजित किया गया।
महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
तीज महोत्सव में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही। बीना अरोड़ा, सीमा सिंह, अंजू शर्मा, राखी मित्तल, प्रतिमा सिंह, पिंकी त्रिपाठी, विद्या ओम, रीना गुप्ता, किरण मिश्रा, चंचल भारती, पूनम सिंह, अर्चिता, प्रियंका शर्मा, रत्ना गुप्ता, रजनी गुप्ता, नेहा गुप्ता, उमा शर्मा, नवनीता, प्रतिभा रॉय, शिवांगी दुबे, नीरजा, लालिमा, सौनी, मनीषा बवेजा, मंजू मित्तल, प्रियंका सिंह, रश्मि जुनेजा, नीलम मिश्रा, निशा मिश्रा, शिवानी मिश्रा, रिंकू मिश्रा, संगीता चौधरी, सुशीला, कुसुम, पूजा, पिंकी, संगीता, दिव्या, मधु, श्वेता, नीलम कटारिया, परवेज, वंदना शर्मा, कमलेश, शीतल तिवारी, डिम्पल, सुनीता, सुरेखा, साधना, अर्चना मिश्रा, ललिता, बबली, नीलम, ममता, मंगल, प्रेमलता और इंदु शेखावत सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रहीं।
आयोजन के माध्यम से महिलाओं ने तीज पर्व की परंपरा को सामूहिक रूप से मनाया और भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जुड़े संदेशों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।



















