spot_imgspot_img

गुजरात जहरीली शराब कांड: ब्रेन डेड युवक की मौत से बढ़ी चिंता, 9 की मौत और 25 अस्पताल में भर्ती

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब कांड ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। 16 अगस्त की रात कथित तौर पर पी गई मिलावटी शराब के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ी। अब तक 9 लोगों की मौत की खबर सामने आ चुकी है, जबकि करीब 25 लोग अलग-अलग अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। इनमें कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। शुक्रवार को सूरत के रहने वाले संजयसिंह डोडिया को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

16 अगस्त की रात हुई थी शराब पार्टी

यह पूरा मामला भावनगर जिले के घोघा क्षेत्र के खरकड़ी गांव से सामने आया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक 16 अगस्त की रात एक युवक की पुलिस में भर्ती होने की खुशी में पार्टी रखी गई थी। इसी दौरान कथित तौर पर ऐसी शराब परोसी गई, जो बाद में जहरीली साबित हुई।

पार्टी में शामिल कई लोगों की हालत अगले कुछ घंटों में खराब होने लगी। किसी को उल्टियां होने लगीं तो किसी को बेहोशी और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायत हुई। कुछ लोगों की हालत इतनी तेजी से बिगड़ी कि उन्हें अस्पताल ले जाने का मौका तक नहीं मिल सका।

मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को शराब की बोतलों में जहरीले मिथाइल अल्कोहल (Methanol) की मौजूदगी के संकेत मिले। आधिकारिक जांच में पीड़ितों के रक्त नमूनों में भी मिथेनॉल पाए जाने की जानकारी सामने आई है।

सूरत के संजयसिंह डोडिया ब्रेन डेड

इस घटना में सूरत के रहने वाले संजयसिंह डोडिया भी प्रभावित हुए। बताया गया है कि उन्होंने भी 16 अगस्त की रात भावनगर में हुई पार्टी में शराब पी थी। इसके बाद वह रात में ही सूरत लौट आए थे।

सुबह उनकी हालत बेहद खराब हो गई। परिजनों ने उन्हें सूरत के आईएनएस अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पिछले कुछ दिनों से उनका इलाज चल रहा था। वह वेंटिलेटर पर थे। गुरुवार रात उन्हें हार्ट अटैक आया और शुक्रवार सुबह डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

संजय के मामले ने इस घटना को लेकर चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि शराब पीने के बाद कुछ मरीजों में हालत बेहद तेजी से बिगड़ने की बात सामने आई है।

अब तक 9 मौतों की जानकारी

शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या कम थी, लेकिन जैसे-जैसे अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति और जांच रिपोर्ट सामने आईं, मौतों का आंकड़ा बढ़ता गया। शुक्रवार को उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार भावनगर जहरीली शराब कांड में मौतों का आंकड़ा 9 तक पहुंच गया है।

हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या को लेकर कुछ अंतर दिखाई दिया है। प्रशासन और पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी है। इसलिए अंतिम आधिकारिक आंकड़े की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

25 लोग अभी भी अस्पताल में

जिला प्रशासन के मुताबिक करीब 25 लोग अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इनमें गंभीर हालत वाले मरीज भी शामिल हैं। अधिकारियों की मेडिकल टीमें प्रभावित लोगों की स्थिति पर नजर रख रही हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक कुछ लोगों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दी गई है, जबकि कुछ अन्य लोगों की जांच के बाद उन्हें भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में मेडिकल निगरानी बढ़ा दी है।

शराब की बोतलों पर ब्रांडेड लेबल का इस्तेमाल

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कथित जहरीली शराब को सामान्य शराब की तरह दिखाने के लिए ब्रांडेड शराब की बोतलों पर लेबल लगाए गए थे। गुजरात पुलिस की स्टेट मॉनिटरिंग सेल ने मामले की जांच अपने हाथ में ली है।

आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की प्रारंभिक जांच में रॉयल स्टैग के स्टिकर वाली बोतलों में अधिक मात्रा में मिथेनॉल वाला डुप्लीकेट शराब जैसा पदार्थ पाए जाने की बात सामने आई।

यह तथ्य इसलिए भी गंभीर है क्योंकि असली और नकली शराब के बीच अंतर कर पाना आम व्यक्ति के लिए मुश्किल हो सकता है।

उज्जैन से आया था कथित नेटवर्क

जांच में गुजरात के बाहर तक फैले कथित नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार मामले में उज्जैन से जुड़े रईस और जुबैर समेत अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। भावनगर के गौतम सोलंकी का नाम भी मुख्य आरोपियों में सामने आया है।

पुलिस को संदेह है कि अवैध शराब को गुजरात लाकर उसमें स्थानीय स्तर पर मिथेनॉल मिलाया गया और फिर उसे अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाया गया। इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और किस स्तर पर जहरीले रसायन की मिलावट हुई, इसकी जांच जारी है।

‘डॉक्टर’ नरेंद्र यादव की भी मौत

जांच में मुरैना निवासी नरेंद्र यादव उर्फ ‘डॉक्टर’ की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार नरेंद्र को अवैध शराब तैयार करने का अनुभव था और उसे गुजरात बुलाया गया था।

आरोप है कि उसने अन्य लोगों के साथ मिलकर जहरीली शराब तैयार करने में भूमिका निभाई। इस मामले का सबसे दुखद पहलू यह बताया जा रहा है कि नरेंद्र ने भी वही शराब पी थी और बाद में उसकी मौत हो गई।

हालांकि, आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

21 लोगों के खिलाफ FIR, 13 गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने कुल 21 लोगों को आरोपी बनाया है। शुक्रवार तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 31 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेजे जाने की जानकारी सरकारी समाचार सेवा ने दी है।

पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में भी जुटी है। मामले की जांच राज्य स्तर पर की जा रही है और आरोपियों से पूछताछ के जरिए शराब की सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश हो रही है।

13 पेटियों की तलाश, गांवों में अलर्ट

जांच एजेंसियों के सामने एक बड़ी चुनौती कथित रूप से गायब शराब की पेटियों को लेकर है। पुलिस के अनुसार बड़ी मात्रा में शराब का खेप भावनगर पहुंचा था, जिसमें से कुछ पेटियां बरामद कर ली गई हैं, जबकि बाकी की तलाश जारी है।

स्थानीय स्तर पर यह आशंका भी जताई गई है कि जहरीली शराब आसपास के कई गांवों में पहुंच सकती है। इसी वजह से प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई है और लोगों को संदिग्ध शराब से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है।

पुलिस पर भी कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार जांच में लापरवाही के आरोप में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।

इस घटना ने गुजरात में लागू शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की उपलब्धता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच एजेंसियों के सामने केवल आरोपियों को पकड़ने की चुनौती नहीं है, बल्कि यह पता लगाना भी जरूरी है कि जहरीली शराब का नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और यह किन-किन इलाकों तक पहुंचा।

मिथेनॉल कितना खतरनाक है?

मिथेनॉल एक अत्यंत जहरीला रसायन है। इसे पीने से शरीर के अंदर गंभीर विषाक्तता हो सकती है और इसके प्रभाव में आंखों की रोशनी जाने से लेकर मस्तिष्क तथा अन्य महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान तक हो सकता है। गंभीर मामलों में यह जानलेवा भी हो सकता है।

भावनगर मामले में भी जांच एजेंसियों ने शराब में मिथेनॉल की मौजूदगी को प्रमुख कारण के तौर पर देखा है। फॉरेंसिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर घटना की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से किसी भी संदिग्ध शराब या बिना वैध स्रोत की शराब का सेवन न करने की अपील की है। खासतौर पर प्रभावित गांवों और आसपास के क्षेत्रों में लोगों से कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति ने संदिग्ध शराब का सेवन किया है और उसके बाद उल्टी, चक्कर, बेहोशी, सांस लेने में परेशानी या नजर से जुड़ी समस्या दिखाई देती है तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाएं।

भावनगर की यह घटना सिर्फ जहरीली शराब से हुई मौतों का मामला नहीं है, बल्कि यह अवैध शराब के नेटवर्क और उसकी निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद सप्लाई नेटवर्क और इस पूरे कांड में शामिल अन्य लोगों के बारे में और खुलासे हो सकते हैं।

नोट: मौतों और अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या को लेकर अलग-अलग समय पर आंकड़ों में बदलाव हुआ है। इसलिए यह रिपोर्ट 21 अगस्त 2026 को उपलब्ध प्रशासनिक और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है।

Gujarat hooch tragedy in Bhavnagar has raised serious concerns after suspected methanol-laced spurious liquor caused multiple deaths and hospitalisations. The Bhavnagar fake liquor case involves alleged illegal liquor distribution, duplicate branded bottles, methanol poisoning and a wider supply network. Police have arrested several accused while forensic investigations and medical examinations continue. The Gujarat liquor tragedy has also renewed questions about illegal alcohol networks despite the state’s prohibition law.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
34 ° C
34 °
33.1 °
62 %
3.1kmh
100 %
Fri
33 °
Sat
38 °
Sun
40 °
Mon
39 °
Tue
41 °

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related