AIN NEWS 1: कंगना रनौत और बाबा रामदेव के बीच शुरू हुई जुबानी जंग अब निजी टिप्पणियों तक पहुंच गई है। अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने बाबा रामदेव की उस टिप्पणी पर कड़ा पलटवार किया है, जिसमें योग गुरु ने कंगना के पुराने बयानों और उनके अतीत का जिक्र करते हुए सवाल उठाए थे। जवाब में कंगना ने सोशल मीडिया पर रामदेव को उनकी जवानी और बेडरूम को लेकर सपने न देखने की सलाह तक दे डाली।
मामला सिर्फ दो लोगों के बीच की बयानबाजी नहीं है। इसके पीछे कंगना का Gen Z को लेकर दिया गया विवादित बयान, जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन और इसके बाद दोनों की ओर से आई तीखी प्रतिक्रियाओं की पूरी कड़ी है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
इस विवाद की शुरुआत कंगना रनौत के Gen Z को लेकर दिए गए बयान से हुई। कंगना ने कुछ प्रदर्शनकारियों और युवाओं को लेकर “Generation Gutter” यानी “गटर जनरेशन” जैसी टिप्पणी की थी। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस हुई और कई लोगों ने इसका विरोध किया।

बाद में कंगना ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने पूरी Gen Z को निशाना नहीं बनाया था। उनका दावा था कि उनकी टिप्पणी उन लोगों को लेकर थी जो खुद को “कॉकरोच” जैसे शब्दों से जोड़ रहे थे। कंगना ने कहा कि उनकी टिप्पणी को पूरी युवा पीढ़ी पर लागू करना सही नहीं है।
इसके कुछ दिन बाद कंगना ने Gen Z को देश की ताकत और महत्वपूर्ण पीढ़ी बताते हुए अपने रुख को कुछ हद तक नरम भी किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के व्यवहार के आधार पर पूरी पीढ़ी को नहीं आंकना चाहिए।
बाबा रामदेव ने क्या कहा?
कंगना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबा रामदेव ने उनके विचारों की आलोचना की। जब उनसे कंगना के “Generation Gutter” वाले बयान को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कंगना की योग्यता और उनके पुराने जीवन से जुड़े पहलुओं का जिक्र किया।
रामदेव ने सवाल उठाते हुए कहा कि कंगना का बचपन कैसा रहा, उनकी जवानी कैसी रही और उनके पुराने “कारनामे” कैसे रहे। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने कंगना के बयान को खराब या विकृत मानसिकता से जोड़ते हुए भी टिप्पणी की।
यहीं से विवाद ने नया मोड़ ले लिया। कंगना ने रामदेव की इस टिप्पणी को उनके निजी जीवन और चरित्र पर टिप्पणी के तौर पर लिया और सोशल मीडिया के जरिए जवाब दिया।
कंगना का तीखा पलटवार
19 अगस्त को कंगना रनौत ने अपनी Instagram Story के जरिए बाबा रामदेव को जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि बाबा जी को उनकी जवानी या बेडरूम के बारे में “दिन में सपने” नहीं देखने चाहिए। कंगना ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति के निजी जीवन के बारे में केवल अफवाहों और गॉसिप के आधार पर अनुमान लगाया जा सकता है।
कंगना यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने रामदेव पर पलटवार करते हुए Patanjali से जुड़े पुराने विवाद का भी उल्लेख किया। उनका इशारा उन मामलों की ओर था, जिनमें कंपनी के उत्पादों के बारे में कथित भ्रामक स्वास्थ्य संबंधी दावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कार्रवाई हुई थी।
कंगना ने अपने जवाब में यह भी कहा कि उनके खिलाफ इस तरह की कोई सुप्रीम कोर्ट की फटकार नहीं लगी है। उन्होंने इस तुलना के जरिए रामदेव को व्यक्तिगत तौर पर जवाब देने की कोशिश की।
Patanjali और सुप्रीम कोर्ट का मामला क्या था?
कंगना के जवाब में जिस सुप्रीम कोर्ट मामले का जिक्र आया, वह Patanjali Ayurved के विज्ञापनों से जुड़ा पुराना विवाद था। 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के कुछ विज्ञापनों में किए गए स्वास्थ्य और उपचार संबंधी दावों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी।
मामले में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को अदालत के समक्ष पेश होना पड़ा था। सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान भ्रामक विज्ञापनों को लेकर अदालत ने सख्त रुख अपनाया था। बाद में रामदेव और बालकृष्ण की ओर से माफी भी मांगी गई थी।
हालांकि इस पूरे मामले को इस तरह पेश करना सही नहीं होगा कि सुप्रीम कोर्ट ने रामदेव को किसी बीमारी के इलाज में व्यक्तिगत रूप से धोखाधड़ी करने का दोषी घोषित कर दिया था। विवाद मुख्य रूप से Patanjali के विज्ञापनों में किए गए कथित भ्रामक चिकित्सा/स्वास्थ्य दावों और अदालत के आदेशों से संबंधित था।
यही वजह है कि कंगना ने अपने जवाब में “false/fraud medical efficacy claims” का संदर्भ देकर रामदेव पर निशाना साधा।
विवाद में निजी जिंदगी क्यों आई?
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चर्चित हिस्सा यही है। शुरुआत में बहस Gen Z और युवाओं के व्यवहार को लेकर थी। लेकिन रामदेव की टिप्पणी में जब कंगना के बचपन, जवानी और पुराने जीवन का संदर्भ आया, तो कंगना ने भी जवाब में रामदेव की निजी टिप्पणी को निशाना बनाया।
कंगना का कहना था कि उनके बारे में अफवाहों और गॉसिप के आधार पर किसी तरह का निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने अपने जवाब में चरित्र को लेकर भी रामदेव पर तीखा कटाक्ष किया।
इससे विवाद सोशल मीडिया पर और ज्यादा चर्चा में आ गया। एक तरफ लोग कंगना के Gen Z वाले बयान को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ रामदेव की ओर से उनके व्यक्तिगत अतीत का जिक्र किए जाने पर भी बहस हो रही है।
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क्या कंगना के खिलाफ कानूनी मामला भी सामने आया?
इस विवाद से अलग, कंगना के “Generation Gutter” वाले बयान को लेकर अगस्त 2026 में आगरा के एक वकील ने उनके खिलाफ मामला दायर करने की जानकारी दी थी। आरोप लगाया गया कि उनके बयान से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और उनके अभिभावकों का अपमान हुआ।
हालांकि यह मामला और बाबा रामदेव-कंगना की ताजा जुबानी जंग दो अलग-अलग घटनाक्रम हैं। इन्हें एक ही कानूनी मामले के रूप में देखना सही नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर भी तेज हुई बहस
कंगना के जवाब के बाद सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थक अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। कंगना के समर्थक इसे उनके निजी जीवन पर टिप्पणी का जवाब बता रहे हैं, जबकि आलोचक उनके शुरुआती Gen Z बयान को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
इस पूरे विवाद में एक बात साफ है कि दोनों सार्वजनिक हस्तियों के बीच बातचीत अब केवल Gen Z पर विचारों के मतभेद तक सीमित नहीं रही है। बयानबाजी व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप के करीब पहुंच चुकी है।
बाबा रामदेव और कंगना रनौत के बीच चल रहा यह विवाद कंगना के “Generation Gutter” बयान से शुरू हुआ और अब व्यक्तिगत टिप्पणियों तक पहुंच गया है। रामदेव ने कंगना के पुराने जीवन और उनकी जवानी का जिक्र करते हुए उनके बयान की आलोचना की। इसके जवाब में कंगना ने Instagram Story के जरिए बेहद तीखी भाषा में पलटवार किया और रामदेव को उनकी जवानी व बेडरूम के बारे में सपने न देखने की बात कही।
कंगना ने अपने जवाब में Patanjali के पुराने सुप्रीम कोर्ट विवाद का भी जिक्र किया। इसलिए इस खबर को सिर्फ “कंगना बनाम रामदेव” की निजी लड़ाई के तौर पर देखने के बजाय इसके पूरे संदर्भ—Gen Z विवाद, रामदेव की टिप्पणी, कंगना का पलटवार और Patanjali से जुड़े पुराने न्यायिक घटनाक्रम—के साथ समझना ज्यादा सही होगा।
Kangana Ranaut and Baba Ramdev have entered into a heated verbal exchange following Kangana’s controversial “Generation Gutter” remark about Gen Z. Baba Ramdev criticised Kangana’s comments and questioned her past, after which the BJP MP responded through an Instagram Story. Kangana accused Ramdev of making assumptions about her personal life and referred to the Supreme Court proceedings related to Patanjali’s misleading medical efficacy claims. The Kangana Ranaut Baba Ramdev controversy has sparked widespread discussion on social media and in Indian news media.



















