हापुड़ NH-9 पर दर्दनाक सड़क हादसा: गाय को बचाने के प्रयास में बेकाबू हुई स्कॉर्पियो, तीन युवकों की मौत, आठ घायल
AIN NEWS 1 हापुड़: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे (NH-9) पर रविवार देर शाम एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के स्याना चौपला के पास हुए इस हादसे में बिजनौर के तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
अचानक सामने आई गाय बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दिल्ली से बिजनौर की ओर जा रही एक स्कॉर्पियो कार तेज रफ्तार में दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-9) से गुजर रही थी। जैसे ही वाहन गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के स्याना चौपला के पास पहुंचा, अचानक एक गाय सड़क पर आ गई।
चालक ने गाय को बचाने के लिए तत्काल वाहन मोड़ने की कोशिश की। हालांकि तेज गति होने के कारण स्कॉर्पियो का संतुलन बिगड़ गया। वाहन पहले डिवाइडर से जोरदार तरीके से टकराया और फिर कई बार पलटते हुए दूसरी लेन में जा पहुंचा।

दूसरी लेन में अर्टिगा से हुई सीधी टक्कर
डिवाइडर पार करने के बाद स्कॉर्पियो दूसरी लेन में सामने से आ रही एक अर्टिगा कार से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। टक्कर के बाद पीछे से आ रहे कुछ अन्य वाहन भी अचानक ब्रेक लगाने के दौरान एक-दूसरे से टकरा गए, जिससे हाईवे पर कुछ समय के लिए कई वाहनों की लंबी कतार लग गई।
मौके पर मची चीख-पुकार
हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। दोनों कारों में सवार कई लोग बुरी तरह फंस गए थे। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य शुरू कर दिया और घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
कुछ ही देर में गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से वाहनों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
तीन युवकों ने अस्पताल में तोड़ा दम
घायलों को तत्काल गढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान बिजनौर जिले के रहने वाले युवकों के रूप में हुई है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से सभी मृतकों की विस्तृत पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी।
इस हादसे में घायल आठ लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेरठ के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
गढ़मुक्तेश्वर पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाकर यातायात को सामान्य कराया। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में गाय को बचाने के प्रयास के दौरान वाहन के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है।
अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कई घंटों तक बाधित रहा यातायात
दुर्घटना के कारण दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों और राहत कार्य के चलते यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा। पुलिस ने क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।
हाईवे पर फंसे यात्रियों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस लगातार ट्रैफिक को नियंत्रित करती रही ताकि स्थिति जल्द सामान्य हो सके।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया भयावह मंजर
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। कई लोग कारों के अंदर फंस गए थे और उन्हें बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि पुलिस और ग्रामीण समय पर राहत कार्य शुरू नहीं करते तो मृतकों और घायलों की संख्या और बढ़ सकती थी।
हाईवे पर आवारा पशु बने बड़ी चुनौती
यह हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं की समस्या को उजागर करता है। आए दिन हाईवे पर गाय, सांड और अन्य पशुओं के अचानक आ जाने से गंभीर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर पशुओं की आवाजाही रोकने के लिए मजबूत फेंसिंग, नियमित निगरानी और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता बेहद जरूरी है। साथ ही वाहन चालकों को भी विशेष रूप से रात के समय निर्धारित गति सीमा का पालन करते हुए सतर्कता के साथ वाहन चलाना चाहिए।
सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
हाईवे पर हमेशा निर्धारित गति सीमा का पालन करें।
रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।
अचानक सामने आने वाले पशु या वाहन से बचने के लिए वाहन पर नियंत्रण बनाए रखें।
सुरक्षित दूरी बनाकर वाहन चलाएं।
सीट बेल्ट का हमेशा उपयोग करें।
थकान या नींद आने पर वाहन न चलाएं।
हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में हुआ यह हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गया है। एक गाय को बचाने की कोशिश में कुछ ही क्षणों में तीन युवकों की जान चली गई और आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना सड़क सुरक्षा, नियंत्रित गति और हाईवे पर आवारा पशुओं की रोकथाम की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घायलों का मेरठ के अस्पताल में इलाज जारी है।
A tragic Hapur NH-9 road accident claimed the lives of three youths from Bijnor and left eight others seriously injured after a Scorpio SUV lost control while trying to avoid a cow on the Delhi-Lucknow National Highway. The vehicle crossed the divider and collided head-on with an Ertiga, triggering a multi-vehicle crash near Garhmukteshwar. Police launched an investigation, while the injured were referred to a higher medical center in Meerut. The incident once again highlights the growing concern over road safety, stray cattle on highways, and high-speed driving on major national highways in Uttar Pradesh.



















