AIN NEWS 1: देश और दुनिया में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को खेल, राजनीति, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुड़ी कई खबरें चर्चा में रहीं। भारत ए के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल दोहरे शतक से सिर्फ एक रन दूर रह गए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर भाजपा ने विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक में धुआं उठने के बाद दमकल की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। उत्तर प्रदेश की दो महिलाओं ने भी अपनी मेहनत और आधुनिक तकनीक के दम पर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।
1. देवदत्त पडिक्कल 199 रन पर आउट, दोहरे शतक से चूके
भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेले जा रहे पहले अनौपचारिक टेस्ट मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने शानदार पारी खेली। हालांकि, वह अपने दोहरे शतक से महज एक रन दूर रह गए। उनकी पारी का अंत ऐसे फैसले से हुआ, जिस पर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच सवाल उठ रहे हैं।
पडिक्कल ने 248 गेंदों पर 199 रन बनाए। उनकी इस पारी में 24 चौके और तीन छक्के शामिल रहे। उन्होंने उस समय टीम को संभाला, जब भारत ए की दूसरी पारी में शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए थे।
भारत ए पहली पारी में केवल 113 रन बना पाया था, जबकि न्यूजीलैंड ए ने 317 रन बनाकर 204 रन की बढ़त हासिल कर ली थी। ऐसे मुश्किल हालात में पडिक्कल और साई सुदर्शन ने तीसरे विकेट के लिए 215 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। सुदर्शन ने 91 रन बनाए।
पडिक्कल जब 199 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब गेंदबाज जैक गिब्सन की गेंद विकेटकीपर मिचेल हे के दस्तानों में पहुंची। गेंद लेग साइड की ओर थी। पडिक्कल को कैच आउट दिया गया, लेकिन वह फैसले से असहमत दिखाई दिए। उपलब्ध मैच कमेंट्री में गेंद के पैड से लगने की संभावना भी जताई गई।
इस मुकाबले में डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS) उपलब्ध नहीं था, इसलिए पडिक्कल को फैसले की समीक्षा कराने का विकल्प नहीं मिला। हालांकि, केवल उपलब्ध वीडियो या कमेंट्री के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि अंपायर का फैसला गलत था।
तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ए ने दूसरी पारी में आठ विकेट पर 488 रन बना लिए थे और उसकी कुल बढ़त 284 रन हो गई थी। पडिक्कल की पारी ने टीम को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
2. मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर विवाद, भाजपा का प्रदर्शन
बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। यह घटना बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई।
कार्यक्रम में भाषण देते समय खड़गे को श्रोताओं में मौजूद एक व्यक्ति ने टोका। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में उस व्यक्ति की टिप्पणी के जवाब में खड़गे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।”
उनके इस बयान के बाद भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक टिप्पणी बताया और कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग की।
26 अक्टूबर को भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिहार में विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान खड़गे के खिलाफ नारे लगाए गए और उनका पुतला भी जलाया गया। भाजपा ने इस टिप्पणी को राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया।
कार्यक्रम में खड़गे ने चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कदम विपक्ष के समर्थकों को प्रभावित कर सकते हैं। ये आरोप कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक दावे हैं।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक भाषणों में इस्तेमाल होने वाली भाषा और नेताओं की सार्वजनिक जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज कर दी है। फिलहाल विवाद के केंद्र में खड़गे की टिप्पणी और उस पर भाजपा की प्रतिक्रिया है।
3. दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक में उठा धुआं, छह दमकल गाड़ियां पहुंचीं
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को नॉर्थ ब्लॉक की इमारत से धुआं उठता दिखाई देने के बाद अधिकारियों में हलचल मच गई। सूचना मिलने पर दिल्ली अग्निशमन सेवा ने छह दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा।
नॉर्थ ब्लॉक केंद्र सरकार की प्रमुख प्रशासनिक इमारतों में से एक है। यहां केंद्रीय गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय स्थित हैं। ऐसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर से धुआं उठने की सूचना के बाद तत्काल कार्रवाई की गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दमकल विभाग को सुबह करीब 11:10 बजे धुआं उठने की सूचना मिली थी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
बाद की रिपोर्टों के मुताबिक, इमारत की छत पर मरम्मत और वेल्डिंग का काम चल रहा था। शुरुआती जानकारी में एसी बॉयलर के पास शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई। आग को नियंत्रित कर लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए। इसलिए घटना के सटीक तकनीकी कारण के बारे में संबंधित विभाग की पुष्टि को ही अंतिम आधार माना जाना चाहिए।
समय रहते दमकल की गाड़ियों के पहुंचने से स्थिति को संभालने में मदद मिली। घटना के बाद सरकारी इमारतों में मरम्मत और वेल्डिंग जैसे कामों के दौरान अग्नि सुरक्षा के इंतजामों का महत्व भी सामने आया।
4. हाथरस की माधवी चौधरी ने अचार के कारोबार से बनाई पहचान
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के रुदायन गांव की रहने वाली माधवी चौधरी की कहानी ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की कोशिशों को सामने लाती है। उन्होंने अपने हुनर को रोजगार का साधन बनाकर जैविक मिर्च के अचार के कारोबार की शुरुआत की।
माधवी पार्वती स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को एक साथ काम करने, बचत करने और छोटे कारोबार शुरू करने के अवसर उपलब्ध कराते हैं। ऐसे समूहों से जुड़कर महिलाएं अपने उत्पाद तैयार करने और उन्हें बाजार तक पहुंचाने की दिशा में कदम उठा सकती हैं।
माधवी ने शुरुआत में सिलाई और ब्यूटीशियन के काम के जरिए अपनी पहचान बनाने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने अचार बनाने के अपने हुनर को कारोबार में बदलने पर ध्यान दिया। जैविक मिर्च के अचार के व्यवसाय ने उन्हें अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर दिया।
उनकी यात्रा यह दिखाती है कि रोजगार के लिए हमेशा बड़े निवेश या बड़े शहर में जाने की जरूरत नहीं होती। स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक कौशल और बाजार की मांग को समझकर भी छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू किया जा सकता है।
हालांकि, किसी भी खाद्य उत्पाद को बड़े स्तर पर बेचने के लिए उसकी गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग और आवश्यक खाद्य सुरक्षा पंजीकरण का ध्यान रखना जरूरी होता है। कारोबार को बढ़ाने के लिए उत्पाद की पहचान और ग्राहकों का भरोसा भी महत्वपूर्ण है।
माधवी का लक्ष्य लखपति दीदी से आगे बढ़कर करोड़पति दीदी बनना है। उनकी कहानी ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने की संभावनाओं को रेखांकित करती है।
5. वाराणसी की नीतू सिंह बनीं ‘नमो ड्रोन दीदी’, खेती में कर रहीं तकनीक का इस्तेमाल
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के काशी विद्यापीठ ब्लॉक के ऊंच गांव की रहने वाली नीतू सिंह ने आधुनिक कृषि तकनीक के जरिए अपनी पहचान बनाई है। खेतों में ड्रोन की मदद से उर्वरक और फसल सुरक्षा संबंधी दवाओं का छिड़काव करने वाली नीतू अब उत्तर प्रदेश के कई जिलों के अलावा बिहार से भी काम के अवसर हासिल कर रही हैं।
शुरुआत में किसानों के लिए ड्रोन से छिड़काव करना एक नई और अपरिचित तकनीक थी। ऐसे में नीतू को किसानों का भरोसा जीतने के लिए मेहनत करनी पड़ी। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने लगभग 20 से 25 एकड़ क्षेत्र में शुरुआती छिड़काव मुफ्त में करके किसानों को इस तकनीक का लाभ दिखाया। इसके बाद किसानों का भरोसा बढ़ने लगा और उन्हें दोबारा काम मिलने लगा।
नीतू स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं और जनवरी 2024 में ड्रोन से संबंधित योजना के बारे में जानकारी मिलने के बाद प्रशिक्षण के लिए आगे आईं। उन्होंने प्रयागराज के फूलपुर में ड्रोन संचालन और इससे जुड़े तकनीकी कामों का प्रशिक्षण लिया।
मई 2024 में उन्हें ड्रोन, तीन पहियों वाला इलेक्ट्रिक वाहन और जनरेटर जैसे उपकरण उपलब्ध कराए गए। इन संसाधनों की मदद से वह खेती में ड्रोन आधारित सेवाएं देने लगीं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नीतू अब ड्रोन संचालन के जरिए प्रतिदिन दो हजार रुपये तक कमाने में सक्षम हैं और उनके काम में दो सहायक भी जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके काम की सराहना की है। इसी वजह से उन्हें ‘नमो ड्रोन दीदी’ के नाम से पहचान मिली।
कृषि में ड्रोन के इस्तेमाल से बड़े खेतों में छिड़काव का काम कम समय में किया जा सकता है। इससे किसानों को श्रम और समय बचाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, तकनीक का सुरक्षित इस्तेमाल, सही मात्रा में दवाओं का छिड़काव और प्रशिक्षित ऑपरेटर की उपलब्धता जरूरी है।
नीतू सिंह की सफलता यह बताती है कि प्रशिक्षण, सरकारी सहायता और नए कौशल के जरिए ग्रामीण महिलाएं कृषि क्षेत्र में भी उद्यमी बन सकती हैं।
देवदत्त पडिक्कल की 199 रन की पारी से लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर उठे राजनीतिक विवाद और नॉर्थ ब्लॉक की घटना तक, सोमवार की खबरों में अलग-अलग मुद्दे चर्चा में रहे। वहीं, माधवी चौधरी और नीतू सिंह की कहानियां यह दिखाती हैं कि हुनर, तकनीक और निरंतर मेहनत के जरिए ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
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India news today covers Devdutt Padikkal’s remarkable 199-run innings against New Zealand A, the controversy surrounding Congress president Mallikarjun Kharge’s remarks about Prime Minister Narendra Modi, and the smoke incident at Delhi’s North Block. The report also highlights the inspiring journeys of Madhavi Chaudhary, a rural woman entrepreneur building an organic chilli pickle business in Hathras, and Neetu Singh, known as Namo Drone Didi, who uses agricultural drones to provide crop-spraying services across Uttar Pradesh and Bihar.



















