AIN NEWS 1: लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच में अब घरेलू सहायिका के बयान को अहम माना जा रहा है। पुलिस को दिए गए बयान में मेड ने बताया है कि घटना वाले दिन शिवा शर्मा और श्रद्धा दुबे के बीच काफी देर तक विवाद हुआ था। आरोप है कि बहस के दौरान श्रद्धा ने शिवा को धमकी भी दी थी। हालांकि, मेड यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि विवाद के बाद शिवा चौथी मंजिल से किन परिस्थितियों में नीचे गिरा।
इस मामले में पुलिस श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश को गिरफ्तार कर चुकी है। तीनों से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अब पुलिस घटना से पहले हुए विवाद, फ्लैट में मौजूद लोगों की भूमिका, डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों की गतिविधियों की जांच कर रही है। फिलहाल शिवा की मौत की असली वजह का अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
9 अक्टूबर को हुई थी शिवा शर्मा की मौत
लखनऊ के हजरतगंज इलाके में बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद 9 अक्टूबर 2026 को कारोबारी शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। वह सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।
शिवा की मौत के बाद उनके परिवार ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उनकी मां रंजना शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, चालक दानिश और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया।
परिवार का आरोप है कि शिवा की मौत सामान्य हादसा नहीं थी और इस घटना के पीछे साजिश हो सकती है। दूसरी ओर, मामले से जुड़ी कुछ सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं में अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती घटना के वास्तविक घटनाक्रम को साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट करना है।
मेड के बयान से जांच को मिला नया आधार
पुलिस जांच के दौरान श्रद्धा दुबे की घरेलू सहायिका से पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग पुलिस टीमों ने उससे घटना के दिन की परिस्थितियों और फ्लैट में मौजूद लोगों के बारे में जानकारी ली।
मेड ने अपने बयान में कथित तौर पर बताया कि 9 अक्टूबर को शिवा और श्रद्धा के बीच काफी देर तक बहस हुई थी। उसने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के दौरान श्रद्धा शिवा को धमकी दे रही थी और अपने संपर्कों का हवाला दे रही थी।
जांचकर्ताओं के लिए यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे घटना से पहले दोनों के बीच हुए विवाद की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि झगड़ा किस बात को लेकर शुरू हुआ था और क्या उसका शिवा की मौत से कोई सीधा संबंध था।
हालांकि, मेड के बयान को ही पूरी घटना का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि शिवा फ्लैट से कैसे गिरा। इसलिए यह दावा करना कि उसे प्रताड़ित किए जाने के कारण ही उसने छलांग लगाई, अभी जल्दबाजी होगी।
घटना के समय फ्लैट में कौन-कौन मौजूद था?
जांच में फ्लैट के भीतर मौजूद लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले किसने क्या देखा, किसने विवाद के दौरान हस्तक्षेप किया और शिवा के नीचे गिरने के बाद क्या हुआ।
मेड के बयान के आधार पर पुलिस को उस समय की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही श्रद्धा, रश्मि और दानिश से पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों का मिलान भी किया जा रहा है।
जांच में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किस व्यक्ति की मौजूदगी कहां थी और घटना के समय वास्तव में क्या हुआ। यदि अलग-अलग लोगों के बयान आपस में मेल नहीं खाते हैं, तो पुलिस उन्हें उपलब्ध तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के साथ जांच सकती है।
फिलहाल किसी भी व्यक्ति की भूमिका को केवल आरोप या संदेह के आधार पर अंतिम रूप से तय नहीं किया जा सकता।
सात लोगों से पूछताछ, अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति का बयान भी अहम
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस इस मामले में अब तक सात लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें घरेलू सहायिका के अलावा अपार्टमेंट से जुड़े एक व्यक्ति से भी जानकारी ली गई, जो शिवा के नीचे गिरने के बाद मदद के लिए पहुंचा था और उसे अस्पताल ले जाने में शामिल रहा था।
ऐसे गवाहों के बयान घटना के बाद की परिस्थितियों को समझने में सहायक हो सकते हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि शिवा को किस हालत में पाया गया, मदद पहुंचने में कितना समय लगा और घटना के तुरंत बाद फ्लैट में मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया क्या थी।
जांच में घटनास्थल से मिले साक्ष्य, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारी का मिलान भी महत्वपूर्ण रहेगा। इन तथ्यों से घटना के क्रम को दोबारा समझने और अलग-अलग बयानों की विश्वसनीयता परखने में मदद मिल सकती है।
श्रद्धा दुबे, रश्मि और चालक दानिश गिरफ्तार
शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा दुबे और मामले से जुड़े अन्य लोग पुलिस की तलाश में थे। पुलिस ने 20 अक्टूबर 2026 को श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद तीनों को लखनऊ लाया गया, जहां पुलिस ने उनसे अलग-अलग पूछताछ की। जांचकर्ताओं ने घटना से पहले के विवाद, शिवा के साथ उनके संबंधों, घटना के बाद लखनऊ छोड़ने और फरारी के दौरान संपर्क में रहे लोगों के बारे में सवाल किए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ के बाद तीनों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 31 अक्टूबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।
दो बैंक खातों को फ्रीज करने की जानकारी
जांच से जुड़े एक अन्य पहलू में श्रद्धा दुबे के दो बैंक खातों को फ्रीज किए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, एक खाते में लगभग ढाई लाख रुपये और दूसरे खाते में करीब साढ़े छह लाख रुपये होने की बात कही गई है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि इन खातों से जुड़े लेनदेन का मामले से कोई संबंध है या नहीं। हालांकि, बैंक खाते फ्रीज किए जाने को अपने आप में किसी अपराध का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके लिए लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच आवश्यक है।
पुलिस के सामने अभी भी कई अहम सवाल
शिवा शर्मा की मौत का मामला कई सवालों के जवाब तलाश रहा है। सबसे अहम सवाल यह है कि घटना वाले दिन शिवा और श्रद्धा के बीच विवाद किस वजह से हुआ था। क्या यह विवाद सामान्य कहासुनी तक सीमित था या परिस्थितियां इससे अधिक गंभीर थीं? क्या किसी अन्य व्यक्ति ने घटना को प्रत्यक्ष रूप से देखा था? और क्या फ्लैट या अपार्टमेंट के सीसीटीवी कैमरों से घटना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है?
इसके अलावा, पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को एक साथ रखकर जांच करनी होगी। घटना से पहले और बाद की गतिविधियों का समयक्रम तैयार करना भी महत्वपूर्ण है।
मेड का बयान अहम, लेकिन जांच अभी जारी
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में घरेलू सहायिका के बयान से घटना से पहले हुए विवाद की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस बयान को अन्य गवाहों, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के साथ जोड़कर देख रही है।
फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि शिवा की मौत के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ चुकी है। मेड ने विवाद की जानकारी दी है, लेकिन वह शिवा के नीचे गिरने की परिस्थितियों को स्पष्ट नहीं कर सकी। ऐसे में घटना को हत्या, आत्महत्या या हादसा मानने का अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकलेगा।
इस मामले में आगे की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि 9 अक्टूबर की शाम अवध ग्रीन अपार्टमेंट में वास्तव में क्या हुआ था और शिवा शर्मा की मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं।
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The Lucknow Shiva Sharma death case has taken a new turn after the domestic help reportedly told police about an alleged argument between Shiva Sharma and Shraddha Dubey on October 9, 2026. Police are investigating the circumstances surrounding the Lucknow businessman’s death after he fell from the fourth floor of Awadh Green Apartment in the Hazratganj area. Shraddha Dubey, her sister Rashmi Dubey, and driver Danish were arrested in Nagpur and sent to judicial custody. Investigators are examining witness statements, the alleged dispute, financial transactions, digital evidence, and other details to establish the sequence of events. The investigation is ongoing, and the allegations have not yet been proven in court.
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