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ट्रंप टैरिफ डेडलाइन से पहले भारत का साफ संदेश: ‘हम अपनी शर्तों पर करते हैं व्यापार’

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AIN NEWS 1  | भारत और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापार समझौते की बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है। भारतीय वार्ताकारों की टीम वाशिंगटन से लौट चुकी है, लेकिन कृषि और ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी कुछ अहम समस्याओं पर अब भी बातचीत जारी है। इन मुद्दों का हल 9 जुलाई से पहले निकालने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि उसी दिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए जवाबी टैरिफ की 90 दिन की छूट समाप्त हो रही है।

भारत की तरफ से वार्ता की अगुवाई वाणिज्य मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने की। अधिकारियों के अनुसार, बातचीत काफी सकारात्मक रही है, लेकिन अभी कुछ बिंदुओं पर सहमति बननी बाकी है।

भारत ने उठाया 25% टैरिफ का मुद्दा
भारत ने अमेरिका द्वारा वाहनों और ऑटो पार्ट्स पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ पर चिंता जताई है। भारत इस मुद्दे को विश्व व्यापार संगठन (WTO) की सुरक्षा समिति में भी उठा चुका है। भारत ने यह भी कहा है कि अगर अमेरिका इस शुल्क को नहीं हटाता, तो वह अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

पीयूष गोयल का बयान: भारत अपनी शर्तों पर ही करता है व्यापार
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट कहा कि भारत कोई भी व्यापार समझौता समय सीमा के दबाव में नहीं करता। उन्होंने कहा, “भारत अपनी शर्तों पर चर्चा करता है, चाहे वह अमेरिका हो, यूरोपीय यूनियन, न्यूजीलैंड, ओमान, चिली या पेरू – सभी देशों से बातचीत तभी होती है जब भारत के राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखा जाए।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुक्त व्यापार समझौता (FTA) तभी सार्थक होता है जब वह दोनों पक्षों के लिए लाभकारी हो। “हम सौदा तभी करते हैं जब वह भारत के लिए फायदेमंद हो, चाहे उसमें कितना भी समय क्यों न लगे,” गोयल ने कहा।

ट्रंप की शुल्क नीति: भारत पर प्रभाव
26 मार्च 2025 को अमेरिका ने भारत से आने वाले वाहनों और ऑटो पार्ट्स पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगा दिया था। यह टैरिफ 3 मई 2025 से अनिश्चितकाल तक लागू कर दिया गया है। अमेरिका हर साल करीब 89 अरब डॉलर के ऑटो पार्ट्स आयात करता है, जिसमें भारत का हिस्सा महज 2.2 अरब डॉलर है।

भारत-अमेरिका व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य
भारत और अमेरिका इस साल के अंत तक एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बनाना चाहते हैं। इसका उद्देश्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।

As the July 9 Trump tariff deadline nears, India has reinforced that it will only engage in trade deals on its own terms. Commerce Minister Piyush Goyal emphasized national interest as paramount in all Free Trade Agreements. Talks with the US, particularly over auto tariffs and agriculture, are nearing conclusion, with India pushing back against the 25% import duty imposed by the US. With WTO complaints filed and countermeasures planned, the goal remains a mutually beneficial trade agreement aiming to double bilateral trade to $500 billion by 2030.

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