Why Vice President Jagdeep Dhankhar’s Sudden Resignation Shocked Everyone – Inside Story
जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे से हर कोई हैरान, क्या हुआ था उस दिन?
AIN NEWS 1 नई दिल्ली। भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने जब सोमवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया, तो न सिर्फ सियासी गलियारों में हलचल मच गई, बल्कि उनका करीबी स्टाफ भी इस फैसले से अचंभित रह गया। जिस दिन इस्तीफे की घोषणा हुई, उसी दिन दोपहर तक उनका स्टाफ आगामी बैठकों और योजनाओं की प्रेस विज्ञप्ति तैयार कर रहा था। इससे स्पष्ट होता है कि इस्तीफा पूरी तरह अप्रत्याशित था।
क्या हुआ सोमवार को?
सोमवार को उपराष्ट्रपति कार्यालय की टीम अगले कुछ दिनों की गतिविधियों को लेकर तैयारियों में जुटी थी। इसमें विभिन्न दलों के नेताओं से मुलाकात और बुधवार को जयपुर में रियल एस्टेट डेवलपर्स के साथ बैठक शामिल थी। दोपहर 3:53 पर उनके स्टाफ ने जयपुर मीटिंग को लेकर प्रेस बयान जारी किया, और सिर्फ 14 मिनट बाद, 4:07 बजे जगदीप धनखड़ ने अचानक अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि उसी दिन सुबह उन्होंने तीन महत्वपूर्ण बैठकों की अगुवाई की थी। इसमें फ्लोर लीडर्स के साथ चर्चा और दोपहर में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक शामिल थी। यहां तक कि उन्होंने राज्यसभा की भी अध्यक्षता की, जिससे किसी को अंदेशा भी नहीं हुआ कि वे जल्द ही पद छोड़ देंगे।
क्या यह फैसला अचानक लिया गया?
माना जा रहा है कि इस्तीफे से पहले उन्होंने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की हो सकती है, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस पूरे घटनाक्रम ने उनके स्टाफ को भी हैरान कर दिया, क्योंकि वे पूरी तरह से आने वाले कार्यक्रमों में व्यस्त थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था, इसलिए यह कदम चौंकाने वाला था।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस फैसले को चौंकाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि “शाम 5 बजे तक मैं और अन्य सांसद उपराष्ट्रपति से मिल रहे थे और साढ़े सात बजे उनसे मेरी फोन पर बात भी हुई थी। उन्होंने कभी यह संकेत नहीं दिया कि वे इस्तीफा देने जा रहे हैं।”
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि हालांकि धनखड़ को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए, लेकिन उनकी इस अचानक की गई घोषणा के पीछे कुछ और भी हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि उपराष्ट्रपति मंगलवार को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक की अध्यक्षता करने वाले थे और न्यायपालिका से जुड़ी कुछ अहम घोषणाएं करने वाले थे।
प्रधानमंत्री से अपील
विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वह स्वयं हस्तक्षेप कर उपराष्ट्रपति को मनाएं और उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए प्रेरित करें। जयराम रमेश ने कहा, “हम उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं, लेकिन देशहित में यही होगा कि वे दोबारा विचार करें। खासकर किसान समुदाय के लिए उनकी मौजूदगी एक बड़ी राहत थी।”
तीसरे उपराष्ट्रपति जो कार्यकाल के बीच में हटे
जगदीप धनखड़ ऐसे तीसरे उपराष्ट्रपति हैं जिन्होंने अपने कार्यकाल के बीच में इस्तीफा दिया है। हालांकि स्वास्थ्य कारणों को वजह बताया गया है, लेकिन इस फैसले के पीछे राजनीतिक कारणों की संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता।
धनखड़ का इस्तीफा केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम बन चुका है। उनकी निष्पक्ष भूमिका, सत्ताधारी और विपक्ष दोनों के प्रति आलोचनात्मक दृष्टिकोण और न्यायपालिका से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट विचार उन्हें एक अलग नेता बनाते थे। ऐसे में उनका इस्तीफा भारत की संसदीय राजनीति में एक खालीपन छोड़ गया है।
अब यह देखना होगा कि क्या प्रधानमंत्री उन्हें मनाने की कोई पहल करते हैं या देश को जल्द ही नया उपराष्ट्रपति मिलेगा।
निष्कर्ष में एक पंक्ति:
धनखड़ का इस्तीफा जितना चौंकाने वाला था, उतना ही रहस्यमयी भी, और इसका असर देश की राजनीति पर गहराई से देखा जाएगा।
On July 21st, Vice President of India, Jagdeep Dhankhar, shocked the political establishment by submitting his resignation due to health reasons. The Jagdeep Dhankhar resignation has raised eyebrows across party lines, with many leaders and staff unaware of his plans. As the Rajya Sabha Chairman and a senior figure in Indian politics, his sudden resignation mid-term has led to widespread speculation and concern. The event marks a significant moment in Indian political news, prompting calls for Prime Minister Narendra Modi to intervene and ask Dhankhar to reconsider his decision.


















