spot_imgspot_img

जलगांव के किनगांव में RSS पथसंचलन पर विवाद, पथराव के बाद पुलिस का लाठीचार्ज; कई लोग हिरासत में

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 जलगांव, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के जलगांव जिले के यावल तालुका स्थित किनगांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विजयादशमी पथसंचलन के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हो गई। 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम के मार्ग को लेकर कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध जताया। इसके बाद मामला बढ़ने पर पथराव की घटना सामने आई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्के लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया।

पथसंचलन के रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद

प्राप्त मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, किनगांव में विजयादशमी के अवसर पर RSS की ओर से पथसंचलन आयोजित किया गया था। जुलूस का निर्धारित मार्ग नायगांव मुख्य सड़क से होकर गुजरना था। पुलिस की ओर से इस कार्यक्रम के लिए अनुमति दिए जाने की बात भी अधिकारियों के हवाले से सामने आई है।

हालांकि, पथसंचलन के मार्ग को लेकर कुछ स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई। रिपोर्टों के मुताबिक, धार्मिक स्थल के सामने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया गया और रास्ता रोकने की कोशिश हुई। इसके कारण मौके पर तनाव बढ़ने लगा।

पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने और रास्ता खाली कराने का प्रयास किया। लेकिन विवाद शांत नहीं हुआ और स्थिति धीरे-धीरे गंभीर होती चली गई।

पथराव के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा

मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब घटनास्थल पर पथराव की सूचना सामने आई। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों और RSS से जुड़े लोगों के घायल होने की खबरें भी प्रकाशित हुईं।

हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्के लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया।

घटना की सूचना मिलते ही जलगांव के पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे, अपर पुलिस अधीक्षक संदीप गावित और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। भुसावल, यावल और रावेर से भी पुलिस बल बुलाए जाने की जानकारी मीडिया रिपोर्टों में दी गई।

पुलिस की कार्रवाई के बाद पथसंचलन को सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरा कराया गया। अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद क्षेत्र में शांति बहाल करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा?

जलगांव के पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, पथसंचलन का विरोध कर रहे लोगों को समझाने के लिए पुलिस ने लगभग दो से ढाई घंटे तक प्रयास किया। पुलिस का कहना था कि कार्यक्रम के लिए नियमानुसार अनुमति दी गई थी।

अधिकारियों के मुताबिक, विरोध के कारण रास्ता बाधित होने पर पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए हस्तक्षेप किया। बाद में हल्के बल का इस्तेमाल करके भीड़ को हटाया गया और पथसंचलन पूरा कराया गया।

पुलिस ने यह भी बताया कि घटना के संबंध में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। 26 अक्टूबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट में 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई थी।

हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की अंतिम संख्या, सभी आरोपियों की पहचान और प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज आरोपों की विस्तृत आधिकारिक जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।

पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर

इस घटना में पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात भी सामने आई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में चार से पांच पुलिसकर्मियों के घायल होने का उल्लेख किया गया, जबकि अन्य रिपोर्टों में पुलिस और RSS से जुड़े लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई।

हालांकि, घायलों की अंतिम संख्या, उनकी चोटों की गंभीरता और अस्पताल में उपचार से संबंधित सभी विवरणों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।

यदि जांच में किसी व्यक्ति की ओर से पुलिसकर्मियों पर हमला किए जाने या पथराव में भाग लेने की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

आरोपियों के नामों को लेकर क्या है अपडेट?

सोशल मीडिया पर इस घटना के संबंध में कई व्यक्तियों के नामों वाली एक सूची प्रसारित हो रही है। इसमें कुछ नाम एक से अधिक बार दिखाई देते हैं, जबकि क्रमांक भी अधूरे हैं। उदाहरण के लिए, सूची में कुछ नाम दोहराए गए हैं और 59वां क्रमांक मौजूद नहीं है।

इसलिए सूची में दर्ज प्रत्येक व्यक्ति को गिरफ्तार आरोपी बताना तब तक उचित नहीं होगा, जब तक पुलिस की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, FIR या न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों से उसकी स्थिति की पुष्टि न हो जाए।

यह अंतर समझना जरूरी है कि किसी व्यक्ति का नाम सोशल मीडिया पर सामने आना, पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जाना, औपचारिक रूप से गिरफ्तार होना और अदालत में दोष सिद्ध होना अलग-अलग बातें हैं।

समाचार प्रकाशित करते समय आधिकारिक रूप से पुष्टि किए गए नामों और हिरासत या गिरफ्तारी की स्थिति का ही उल्लेख किया जाना चाहिए। इससे किसी निर्दोष व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने और अपुष्ट जानकारी फैलने का खतरा कम होगा।

किनगांव में सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना के बाद पुलिस ने किनगांव और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हालात पर नजर रखी गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

पुलिस के अनुसार, हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई और पथसंचलन पूरा कराया गया। नागरिकों से शांति बनाए रखने तथा सोशल मीडिया पर अपुष्ट संदेश साझा नहीं करने की अपील भी की गई।

ऐसी घटनाओं में अफवाहें तेजी से फैल सकती हैं। इसलिए किसी भी वीडियो, तस्वीर, आरोपी सूची या घटना से जुड़े दावे को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर

किनगांव की घटना में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पथराव किस परिस्थिति में हुआ, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और पुलिस की जांच में किन व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है।

इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच, दर्ज प्राथमिकी, उपलब्ध वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सामने आएंगे। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के संबंध में भी आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। किसी भी जुलूस या सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान विवाद की स्थिति पैदा होने पर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपेक्षा की जाती है। वहीं, यदि किसी व्यक्ति द्वारा पथराव, हिंसा या पुलिस के काम में बाधा डालने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ निष्पक्ष और कानूनसम्मत कार्रवाई होनी चाहिए। महाराष्ट्र के जलगांव जिले के किनगांव में RSS के पथसंचलन को लेकर हुआ विवाद पथराव और पुलिस के हस्तक्षेप तक पहुंच गया। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया और इलाके में सुरक्षा बढ़ाई। हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित सभी नामों की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में अंतिम स्थिति जानने के लिए पुलिस के आधिकारिक बयान और जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है।

The RSS route march incident in Kingaon, Yawal taluka, Jalgaon district, Maharashtra, on October 25, 2026, led to tension, reported stone pelting and police intervention. Police used a mild lathicharge to disperse the crowd, and more than 15 people were reportedly detained, according to media reports. Senior police officers reached the location, additional security was deployed, and the procession was completed under police protection. The investigation is expected to establish the circumstances of the clash and the role of those involved. The identities and legal status of all individuals named in circulating lists require official verification.

spot_img
spot_imgspot_img
Pawan Chaudhary
Pawan Chaudhary
पवन चौधरी एक सक्रिय पत्रकार एवं समाचार लेखक हैं, जो जनहित से जुड़े मुद्दों, स्थानीय घटनाक्रम और सामाजिक सरोकारों को प्रमुखता से अपनी पत्रकारिता में स्थान देते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के माध्यम से पवन चौधरी आम लोगों की समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय घटनाओं को सामने लाने का प्रयास करते हैं। उनका उद्देश्य निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता के जरिए समाज में जागरूकता बढ़ाना और महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों की आवाज बनाना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
19 ° C
19 °
19 °
66%
1.4m/s
0%
Wed
30 °
Thu
27 °
Fri
24 °
Sat
29 °
Sun
31 °
Video thumbnail
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' विशाखापत्तनम पहुंचा! हवा 125-135kmph की गति से चल रही है
00:15
Video thumbnail
बिलासपुर में पटवारी का रिश्वत लेते वीडियो वायरल!
00:56
Video thumbnail
चेन्नई में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, एन्नोर तट पर उठीं ऊंची समुद्री लहरें
00:11
Video thumbnail
जूता पहनने गया शख्स, अंदर बैठा था साँप! 😱 वीडियो हुआ वायरल
00:27
Video thumbnail
Ramdev : "यूपी में ओवैसी वोट काटकर, योगी जी को फायदा पहुंचाएंगे"
00:41
Video thumbnail
उन्नाव Domino’s Pizza विवाद 😱 पिज्जा बेस में कीड़े मिलने का आरोप | Viral Video | AIN NEWS 1
00:18
Video thumbnail
Ravi Kishan : "Rahul Gandhi एक ऐसा रॉकेट, 99 बार लॉन्च किया, हर बार असफल"
00:11
Video thumbnail
श्रद्धालु बनकर मंदिर पहुंची महिला, मां लक्ष्मी के गहने लेकर हुई फरार
00:26
Video thumbnail
निरीक्षण के दौरान फिसले CM धामी
00:29
Video thumbnail
सोनम यादव की AI वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी, पुलिस से सख्त एक्शन की मांग
01:59

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related