झांसी में चूहे को जिंदा जलाने का आरोप, चार युवकों पर FIR; तीन गिरफ्तार, चौथे की तलाश
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के झांसी में एक जीवित चूहे को रस्सी से बांधकर ज्वलनशील पदार्थ डालने और आग लगाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने चार युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। 1 नवंबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि चौथे आरोपी की तलाश जारी थी।
झांसी के ओरछा गेट इलाके का मामला
उत्तर प्रदेश के झांसी में कथित पशु क्रूरता का एक मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के ओरछा गेट स्थित कसाई मंडी इलाके की बताई जा रही है। आरोप है कि कुछ युवकों ने एक जीवित चूहे को पकड़कर रस्सी से बांधा और फिर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आया। वीडियो में कथित तौर पर एक चूहे को रस्सी से बांधकर लोहे के गेट पर लटकाते हुए और उसके बाद आग लगाते हुए देखा जा सकता है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो लगभग 47 सेकंड का है।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और घटना से जुड़े लोगों की पहचान करने की कार्रवाई शुरू की। इसके बाद चार युवकों को नामजद करते हुए कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना में शामिल युवकों ने कथित तौर पर पहले एक पिंजरे की मदद से चूहे को पकड़ा। इसके बाद उसे रस्सी से बांधकर लोहे के गेट से लटका दिया गया। आरोप है कि चूहे को परेशान करने के बाद उस पर पेट्रोल या अन्य ज्वलनशील पदार्थ डाला गया और आग लगा दी गई।
बताया गया है कि घटना के दौरान एक युवक ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो भी रिकॉर्ड किया। यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर सामने आया और पुलिस की कार्रवाई का आधार बना।
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि आग लगने के बाद चूहा रस्सी से छूटकर भागा, लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि, घटना से संबंधित सभी परिस्थितियों और आरोपियों की अलग-अलग भूमिका का अंतिम निर्धारण पुलिस की जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
इस घटना ने छोटे जीवों के साथ होने वाले व्यवहार और पशु क्रूरता के मामलों में कानूनी कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
चार युवकों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों में इस मामले में चार युवकों के नाम सामने आए हैं। इनमें जुनैद कुरैशी, जीशान कुरैशी, आसिफ या आशिक कुरैशी और शफीक शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में तीसरे आरोपी के नाम की वर्तनी अलग-अलग दी गई है। इसलिए नामों की अंतिम पुष्टि आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।
मामले में कोतवाली थाने में मुकदमा अपराध संख्या 319/26 दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 के तहत कार्रवाई की है।
क्षेत्राधिकारी नगर प्रिया सिंह के हवाले से प्रकाशित खबरों में बताया गया कि सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उसका संज्ञान लिया और मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस की ओर से आगे की जांच किए जाने की जानकारी भी दी गई।
तीन आरोपी गिरफ्तार, चौथे की तलाश
इस मामले में गिरफ्तारी को लेकर शुरुआती खबरों और बाद में प्रकाशित रिपोर्टों में महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है।
30 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित कुछ रिपोर्टों में चारों युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने और आरोपियों की तलाश किए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को प्रकाशित खबरों में बताया गया कि पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जुनैद कुरैशी, आसिफ या आशिक कुरैशी और शफीक के नाम शामिल हैं। वहीं, जीशान कुरैशी की तलाश जारी होने की जानकारी दी गई थी।
ताजा उपलब्ध मीडिया अपडेट के अनुसार, तीन गिरफ्तारियां हुई थीं और चौथे आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई थी। 2 नवंबर 2026 तक चौथे आरोपी की वर्तमान स्थिति, अदालत में पेशी और मामले की आगे की कार्रवाई के संबंध में स्वतंत्र रूप से पुष्टि की गई नई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की प्रक्रिया पुलिस जांच, साक्ष्यों और न्यायालय की कार्यवाही के अनुसार आगे बढ़ेगी।
BNS की धारा 325 में क्या प्रावधान है?
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 लगाए जाने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई है। यह धारा पशु को मारने, विष देने, अपंग करने या उसे अनुपयोगी बनाने जैसे कृत्यों से संबंधित है।
इस धारा के तहत दोष सिद्ध होने पर पांच वर्ष तक की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। हालांकि, किसी मामले में कौन-से कानूनी प्रावधान लागू होंगे और आरोपों की प्रकृति क्या होगी, यह जांच में सामने आने वाले तथ्यों तथा न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
मुकदमा दर्ज होना या किसी आरोपी की गिरफ्तारी अपने आप में अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं है। सभी आरोपियों को कानून के अनुसार अपना पक्ष रखने और निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई
इस मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो ने पुलिस का ध्यान आकर्षित किया। डिजिटल माध्यमों पर किसी घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस उसकी पड़ताल कर सकती है, संबंधित लोगों की पहचान कर सकती है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
हालांकि, वायरल वीडियो के मामले में घटना का स्थान, समय, उसमें दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और वीडियो की प्रामाणिकता जैसे पहलुओं की जांच भी महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में भी आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े तथ्यों का निर्धारण जांच के आधार पर किया जाना चाहिए।
वीडियो को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने के बीच यह भी जरूरी है कि किसी अपुष्ट दावे को अंतिम तथ्य के रूप में न फैलाया जाए। विशेषकर आपराधिक मामलों में पुलिस के आधिकारिक बयान और न्यायालय में सामने आने वाले तथ्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
झांसी चूहा प्रकरण में अब तक क्या पता चला?
झांसी के ओरछा गेट क्षेत्र में चूहे को कथित रूप से जलाने का मामला सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस तक पहुंचा। इस मामले में चार युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की खबर है। 1 नवंबर 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि चौथे की तलाश जारी थी।
फिलहाल मामले में पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। चौथे आरोपी की गिरफ्तारी, सभी आरोपियों की न्यायालय में पेशी और आगे की कार्रवाई को लेकर नई आधिकारिक जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
AIN NEWS 1 की अपील: सोशल मीडिया पर किसी भी वायरल वीडियो को साझा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता और संदर्भ की जांच करें। पशु क्रूरता से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और किसी भी आरोपी के दोषी होने का अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के तहत ही होता है।
The Jhansi rat cruelty case in Uttar Pradesh has drawn attention after a viral video allegedly showed a live rat being tied up and set on fire in the Orchha Gate area. Police registered an FIR against four accused under Section 325 of the Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS). According to media reports published on October 31 and November 1, 2026, three accused were arrested while the fourth was reportedly being traced. The Jhansi police investigation is ongoing, and further legal action will depend on the evidence and court proceedings. Follow the latest Jhansi crime news and Uttar Pradesh police updates for verified information.



















