AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में भारतीय जनता पार्टी के संगठन के भीतर पदों के बंटवारे को लेकर विवाद गहरा गया है। भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिला मीडिया प्रभारी पूनम जायसवाल ने एक वीडियो जारी कर स्थानीय संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनके आरोपों ने जिले की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। पूनम जायसवाल का कहना है कि पार्टी के लिए लंबे समय तक मेहनत करने, संघर्ष करने और संगठन के कार्यक्रमों में सक्रिय रहने के बावजूद उन्हें नई जिला कार्यसमिति में कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई।
मामला उस समय चर्चा में आया, जब भाजपा महिला मोर्चा की नई जिला कार्यसमिति की सूची सार्वजनिक हुई। इस सूची में 44 पदाधिकारियों और सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सूची सामने आने के बाद पूनम जायसवाल ने सोशल मीडिया पर अपना विरोध दर्ज कराया और आरोप लगाया कि संगठन में पदों का वितरण मेहनत, योग्यता और समर्पण के बजाय पैसे तथा प्रभाव के आधार पर किया जा रहा है।
उनके वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा और लगाए गए आरोपों ने इस विवाद को और अधिक गंभीर बना दिया है।
‘बड़े नेताओं का बिस्तर गर्म नहीं किया, इसलिए पद नहीं मिला’
पूनम जायसवाल ने अपने वीडियो में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने बड़े नेताओं के साथ किसी तरह का अनुचित समझौता नहीं किया, इसलिए उन्हें संगठन में पद नहीं दिया गया। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनके पास इतना पैसा नहीं था कि वह पैसे के दम पर कोई राजनीतिक पद हासिल कर सकें।
उन्होंने कहा कि राजनीति में उन्होंने हमेशा मेहनत, संघर्ष और सम्मान को महत्व दिया। उनके पास किसी को देने के लिए पैसा नहीं था और न ही वह किसी गलत तरीके से पद प्राप्त करना चाहती थीं।
पूनम के मुताबिक, कुशीनगर में संगठन के भीतर पद हासिल करने के लिए कथित तौर पर पैसे और अनुचित समझौतों का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था का असर उन कार्यकर्ताओं पर पड़ रहा है, जिन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए काम किया है।
हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित दस्तावेज या ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं हुए हैं। इसलिए इन्हें पूनम जायसवाल के आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
‘पूरी भाजपा खराब नहीं, स्थानीय संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल’
अपने बयान में पूनम जायसवाल ने यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की कि उनकी नाराजगी पूरी भारतीय जनता पार्टी से नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से शिकायत नहीं है, बल्कि कुशीनगर में स्थानीय स्तर पर संगठन चलाने वाले कुछ लोगों की कार्यप्रणाली से आपत्ति है।
उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से भाजपा की सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ता रही हैं। जिले में पार्टी के कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों के दौरान उनकी भूमिका रही है। उनका दावा है कि क्षेत्र में उन्हें जानने वाले लोगों की कमी नहीं है, इसके बावजूद नई कार्यसमिति में उनकी मेहनत को नजरअंदाज कर दिया गया।
पूनम का कहना है कि संगठन में पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान मिलना चाहिए। यदि किसी कार्यकर्ता ने वर्षों तक पार्टी के लिए काम किया है तो उसकी भूमिका और योगदान को देखते हुए जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
उन्होंने स्थानीय संगठन के कुछ लोगों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली ने उन्हें सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखने और विरोध करने के लिए मजबूर कर दिया है।
महिला मोर्चा की नई कार्यसमिति में 44 लोगों को मिली जिम्मेदारी
दरअसल, कुशीनगर भाजपा महिला मोर्चा की जिला कार्यसमिति में संगठनात्मक बदलाव किए गए हैं। इसी क्रम में महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी रूपम राव को सौंपी गई।
इसके बाद जिला स्तर पर नई कार्यसमिति का गठन किया गया। सामने आई जानकारी के अनुसार, नई टीम में कुल 44 पदाधिकारियों और सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें जिला उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री सहित अन्य संगठनात्मक पद शामिल हैं।
नई सूची जारी होने के बाद ही संगठन में पदों के बंटवारे को लेकर असंतोष की चर्चा शुरू हुई। पूनम जायसवाल का आरोप है कि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को किनारे कर दिया गया है।
उनका सवाल है कि यदि किसी कार्यकर्ता को महिला मोर्चा में जिम्मेदारी नहीं दी जा रही थी तो उसे संगठन में किसी दूसरी भूमिका में भी स्थान दिया जा सकता था।
एएनएम किरण पांडेय की नियुक्ति पर भी उठे सवाल
कुशीनगर महिला मोर्चा की नई कार्यसमिति में संविदा पर कार्यरत एएनएम किरण पांडेय को जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने को लेकर भी चर्चा सामने आई है।
इस नियुक्ति के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक मामला पहुंचने की बात मीडिया रिपोर्टों में कही गई है। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने मामले की जानकारी जुटाने और संबंधित कर्मचारी से जवाब मांगने की बात कही है।
दूसरी तरफ, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रूपम राव ने किरण पांडेय की नियुक्ति का बचाव किया है। उनका कहना है कि किरण पांडेय पहले भी जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। ऐसे में उन्हें दोबारा यह जिम्मेदारी दी गई है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि संविदा कर्मचारी की नियुक्ति को लेकर उठे सवाल और पूनम जायसवाल की ओर से लगाए गए पैसे तथा अनुचित समझौतों के आरोप अलग-अलग विषय हैं। दोनों को एक ही आरोप का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
जिला नेतृत्व ने क्या कहा?
पूनम जायसवाल के आरोप सामने आने के बाद भाजपा के जिला नेतृत्व की प्रतिक्रिया भी चर्चा में आई है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें इस संबंध में किसी लिखित शिकायत की जानकारी नहीं है। उन्होंने संगठन को परिवार बताते हुए कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता को कोई परेशानी है तो बातचीत के माध्यम से उसका समाधान निकाला जा सकता है।
हालांकि, पूनम जायसवाल द्वारा लगाए गए विशिष्ट आरोपों पर जिला नेतृत्व की ओर से विस्तृत बिंदुवार जवाब सामने नहीं आया है।
महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रूपम राव की ओर से भी पूनम के इन गंभीर आरोपों पर कोई स्पष्ट सार्वजनिक प्रतिक्रिया प्रकाशित नहीं हुई है।
ऐसे में अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि संगठन इस विवाद को किस स्तर पर लेता है और क्या इसकी औपचारिक जांच कराई जाएगी।
पहले भी सामने आ चुकी है कुशीनगर महिला मोर्चा में नाराजगी
कुशीनगर भाजपा महिला मोर्चा में संगठनात्मक उपेक्षा को लेकर यह पहला विवाद नहीं है। सितंबर 2026 में तत्कालीन महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष चंद्रप्रभा पांडेय के इस्तीफे की खबर भी सामने आई थी।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चंद्रप्रभा पांडेय ने पार्टी के लिए लंबे समय तक काम करने के बावजूद अपेक्षित सम्मान और जिम्मेदारी नहीं मिलने की बात कही थी। उन्होंने संगठन के कार्यक्रमों में अपनी सक्रिय भूमिका का उल्लेख करते हुए नाराजगी जाहिर की थी।
इसके बाद अब पूनम जायसवाल के आरोप सामने आने से एक बार फिर कुशीनगर भाजपा में महिला कार्यकर्ताओं की भूमिका, सम्मान और संगठनात्मक नियुक्तियों की प्रक्रिया पर चर्चा शुरू हो गई है।
हालांकि, दोनों मामलों के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार सामने आ रही नाराजगी संगठन के लिए विचार करने का विषय जरूर है।
लखनऊ तक मामला पहुंचाने के संकेत
पूनम जायसवाल ने अपने बयान और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से संकेत दिए हैं कि वह इस मामले को स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रखेंगी। वह अपनी शिकायत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचाना चाहती हैं।
उनका कहना है कि यदि संगठन में मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को सम्मान और जिम्मेदारी नहीं मिलेगी तो इससे समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित होगा।
उन्होंने स्थानीय संगठन के कुछ लोगों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी वजह से उन्हें खुलकर अपनी बात रखने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
अब देखना होगा कि पार्टी का प्रदेश नेतृत्व इस विवाद को कितनी गंभीरता से लेता है और पूनम जायसवाल की शिकायत पर क्या कदम उठाता है।
क्या भाजपा संगठन कराएगा निष्पक्ष जांच?
कुशीनगर का यह विवाद केवल एक महिला कार्यकर्ता को पद नहीं मिलने तक सीमित नहीं रह गया है। इसमें संगठनात्मक पारदर्शिता, महिला कार्यकर्ताओं के सम्मान और राजनीतिक नियुक्तियों में निष्पक्षता जैसे महत्वपूर्ण सवाल भी शामिल हो गए हैं।
यदि किसी संगठन में पद देने के बदले पैसे मांगने या किसी महिला कार्यकर्ता पर अनुचित समझौते का दबाव बनाने जैसी घटनाएं हुई हैं, तो यह गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और शिकायतकर्ता को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
दूसरी ओर, किसी व्यक्ति पर लगाए गए गंभीर आरोपों को जांच और प्रमाण के बिना सही मान लेना भी उचित नहीं है। जिन नेताओं या पदाधिकारियों पर सवाल उठाए गए हैं, उनका पक्ष सामने आना भी जरूरी है।
फिलहाल पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कुशीनगर भाजपा का स्थानीय संगठन पूनम जायसवाल के आरोपों पर औपचारिक जांच कराएगा या यह विवाद सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं तक ही सीमित रह जाएगा?
AIN NEWS 1 इस मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आगे होने वाली आधिकारिक कार्रवाई पर नजर बनाए रखेगा।
Kushinagar BJP Controversy: Poonam Jaiswal Makes Serious Allegations Over Party Posts
Kushinagar BJP controversy intensifies as former Mahila Morcha media in-charge Poonam Jaiswal alleges money and inappropriate demands in party appointments after being denied a position. Know the complete update, BJP leadership’s response and details of the 44-member committee.
Kushinagar BJP controversy, Poonam Jaiswal viral video, BJP Mahila Morcha, Poonam Jaiswal allegations, Kushinagar BJP news, BJP district committee 2026, BJP women leaders controversy, BJP organizational appointments, UP political news, BJP money for posts allegations, Rupam Rao, Uttar Pradesh latest news
The Kushinagar BJP controversy has sparked political discussions after Poonam Jaiswal, former district media in-charge of BJP Mahila Morcha, made serious allegations regarding the appointment of party office bearers. Following the announcement of a 44-member district committee, Jaiswal alleged that money and inappropriate demands influenced organizational appointments. The controversy has raised questions about transparency, women’s representation, respect for party workers and internal democracy within the BJP in Uttar Pradesh. Read the complete Kushinagar BJP news update, details of Poonam Jaiswal’s viral video, the party leadership’s response and the latest developments involving



















