AIN NEWS 1: देश में LPG सिलेंडर को लेकर पिछले कुछ दिनों से एक खबर तेजी से फैल रही थी कि घरों में मिलने वाला 14.2 किलो का गैस सिलेंडर अब घटाकर 10 किलो किया जा सकता है। इस खबर के सामने आने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। कई जगह यह दावा किया जा रहा था कि गैस की सप्लाई संतुलित रखने के लिए सरकार ऐसा कदम उठा सकती है।
अब इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर को 10 किलो में बदलने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने इन खबरों को अफवाह बताया है और कहा है कि इस तरह की कोई आधिकारिक योजना फिलहाल नहीं है।
मंत्रालय के अनुसार, लोगों को सोशल मीडिया या अपुष्ट खबरों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। सरकार की ओर से ऐसी किसी नीति की घोषणा नहीं की गई है।
हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों के कुछ अधिकारियों ने यह जरूर कहा है कि सप्लाई प्रबंधन से जुड़े कई प्रस्तावों पर समय-समय पर चर्चा होती रहती है। लेकिन LPG सिलेंडर के आकार को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
गैस सप्लाई की स्थिति
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि देश में घरेलू LPG की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। मंत्रालय के अनुसार, कहीं भी गैस की कमी या ड्राई-आउट जैसी स्थिति नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि हाल के दिनों में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग में कमी दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, बुकिंग अब घटकर करीब 50 लाख तक रह गई है, जबकि सप्लाई पहले की तरह जारी है।
इसका मतलब यह है कि फिलहाल गैस की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की समस्या सामने नहीं आई है।
घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया
सरकार के अनुसार, देश की रिफाइनरियों में LPG का उत्पादन बढ़ाया गया है। पहले देश अपनी कुल मांग का लगभग 40 प्रतिशत LPG घरेलू स्तर पर तैयार करता था। अब यह आंकड़ा बढ़कर करीब 50 से 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
सरकार का कहना है कि इससे गैस की उपलब्धता को बेहतर बनाने में मदद मिली है।
मध्य-पूर्व तनाव का असर
इस बीच, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का असर तेल और गैस के वैश्विक बाजार पर पड़ा है। खास तौर पर होरमुज जलडमरूमध्य में आने वाली बाधाओं के कारण तेल और गैस के आयात पर असर देखने को मिला है।
इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर कमर्शियल उपयोग के लिए गैस की सप्लाई सीमित की जा सकती है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।
PNG कनेक्शन की संख्या बढ़ी
देश में LPG के साथ-साथ पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, देश में कुल 33.2 करोड़ LPG कनेक्शन हैं।
पिछले 10 दिनों के दौरान करीब 2 लाख उपभोक्ताओं ने PNG कनेक्शन लिया है। इसके अलावा 3.5 लाख नए PNG कनेक्शन भी जारी किए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में PNG का इस्तेमाल बढ़ने से LPG की मांग पर भी असर पड़ा है।
कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई
सरकार ने LPG से जुड़ी अनियमितताओं और कालाबाजारी पर कार्रवाई भी तेज की है। जानकारी के मुताबिक, हाल के दिनों में देशभर में लगभग 37 हजार जगहों पर छापेमारी की गई है।
इन कार्रवाइयों के दौरान 550 एफआईआर दर्ज की गई हैं और करीब 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही जिन डिस्ट्रीब्यूटर्स पर गड़बड़ी के आरोप पाए गए, उनके लाइसेंस भी रद्द किए गए हैं।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए यह कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल क्या स्थिति है
सरकार के बयान के बाद साफ हो गया है कि घरेलू LPG सिलेंडर को 14.2 किलो से घटाकर 10 किलो करने का कोई फैसला फिलहाल नहीं लिया गया है। मंत्रालय ने कहा है कि देश में गैस की सप्लाई सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
Rumors about reducing the LPG cylinder size from 14.2 kg to 10 kg in India created confusion among consumers. However, the petroleum ministry clarified that there is no such decision and LPG supply across the country remains normal. With stable gas distribution, increasing domestic LPG production, and growing PNG connections, the government has dismissed the LPG crisis speculation and assured that there is no shortage of gas cylinders in India.


















