नमस्कार,
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है। उधर, पहली बार सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों के नाम बताए। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे NCERT किताब से संविधान प्रस्तावना हटाने की खबर बताएंगे…
आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स की राजकीय यात्रा करेगे। वे सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे।
2. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्रेटर नोएडा में यूपी के पहले इलेक्ट्रॉनिक पार्क की नींव रखेंगे।
कल की बड़ी खबरें:
1. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: महासचिव चंपत राय ने दिया इस्तीफा, ट्रस्ट में बड़े बदलाव की तैयारी

मुख्य बिंदु:
- चढ़ावा चोरी मामले के बीच महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया।
- मामले में अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
- ट्रस्ट के पुनर्गठन और मंदिर प्रशासन में बदलाव की तैयारी शुरू।
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी मामले के बाद बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर प्रबंधन से अलग कर दिया गया है। अब ट्रस्ट के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज पहली एफआईआर के बाद शुरू हुई। जांच के दौरान रामशंकर यादव उर्फ टिट्टू समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
2. ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों के नाम पहली बार सार्वजनिक, नेशनल वॉर मेमोरियल में किया गया शामिल

मुख्य बिंदु:
- सरकार ने पहली बार ऑपरेशन सिंदूर के छह शहीद जवानों के नाम सार्वजनिक किए।
- सभी नाम नेशनल वॉर मेमोरियल के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में दर्ज किए गए।
- शहीदों में पांच भारतीय सेना और एक वायुसेना के जवान शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने पहली बार ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए छह भारतीय सैनिकों के नाम सार्वजनिक किए हैं। इन सभी शहीदों के नाम नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में शामिल कर दिए गए हैं। साथ ही उनके नाम स्मारक की सम्मान सूची और दीवार पर भी अंकित किए गए हैं।
नेशनल वॉर मेमोरियल के ‘त्याग चक्र’ में ग्रेनाइट की दीवारों पर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के नाम, रैंक और यूनिट दर्ज की जाती है। अब ऑपरेशन सिंदूर के इन छह वीर जवानों का नाम भी इस सूची का हिस्सा बन गया है।
सरकार के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया था। यह अभियान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया।
3. पंचायत चुनाव टालने पर हाईकोर्ट सख्त, यूपी सरकार से पूछा- प्रधानों को प्रशासक कैसे बनाया?

मुख्य बिंदु:
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव टालने पर नाराजगी जताई।
- सरकार से पूछा कि ग्राम प्रधानों को प्रशासक किस आधार पर बनाया गया।
- कोर्ट ने इसे पहले दिए गए आदेशों के उल्लंघन से जुड़ा मामला बताया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव टालने के मामले में राज्य सरकार से कड़ा सवाल किया है। ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि सरकार ने यह निर्णय किस कानूनी आधार पर लिया।
कोर्ट ने कहा कि ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में कार्य करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने यह भी याद दिलाया कि 25 और 26 मई 2026 के आदेशों के आधार पर कार्यकाल बढ़ाने के प्रयास को पहले ही असंवैधानिक घोषित किया जा चुका है।
हाईकोर्ट ने सरकार से पूरे मामले पर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी।
4. ईरान का आरोप: NATO देशों ने अमेरिका का साथ देकर हमलों में निभाई भूमिका

मुख्य बिंदु:
- ईरान ने कुछ NATO देशों पर अमेरिका का समर्थन करने का आरोप लगाया।
- होर्मुज स्ट्रेट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला भी चर्चा में।
- ईरान ने संबंधित देशों से अपने रुख पर जवाब देने की मांग की।
ईरान ने आरोप लगाया है कि कुछ NATO देशों ने उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अमेरिका का साथ दिया। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि NATO प्रमुख के कथित बयान से यह संकेत मिलता है कि इटली और रोमानिया ने अमेरिका का समर्थन किया।
ईरान ने इन देशों से अपने नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने यह स्पष्ट करने की मांग की है कि उन्होंने इस कार्रवाई का समर्थन क्यों किया।
इसी बीच, ओमान तट के पास होर्मुज स्ट्रेट में एक वाणिज्यिक जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। ब्रिटेन की UKMTO के अनुसार, हमले में जहाज के दाहिने हिस्से और ब्रिज को नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना की जांच जारी है।
5. यूपी कांग्रेस में बड़ा बदलाव, राजेंद्र पाल बने नए प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष पर भी संशय

मुख्य बिंदु:
- कांग्रेस ने अविनाश पांडेय की जगह राजेंद्र पाल गौतम को यूपी प्रभारी बनाया।
- प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के पद पर भी बदलाव की अटकलें।
- 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन में फेरबदल की तैयारी।
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए अविनाश पांडेय को प्रभारी पद से हटाकर राजेंद्र पाल गौतम को नया प्रभारी नियुक्त किया है। यह फैसला 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजेंद्र पाल गौतम इससे पहले दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार में मंत्री रह चुके हैं और सितंबर 2024 में कांग्रेस में शामिल हुए थे।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को भी बदला जा सकता है। पार्टी उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए ओबीसी या मुस्लिम चेहरे को नई जिम्मेदारी देने पर विचार कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
6. NCERT की नई किताब में बदलाव, संविधान की प्रस्तावना हटाने और SIR पर नया अध्याय जोड़ने की चर्चा

मुख्य बिंदु:
- कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान पुस्तक में कई बदलाव किए गए।
- SIR और 1975 की इमरजेंसी पर नए अध्याय जोड़े गए।
- प्रस्तावना हटाने संबंधी दावों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार।
NCERT की कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की नई पुस्तक में कई बदलाव किए गए हैं। नई पुस्तक में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और 1975 की इमरजेंसी से जुड़े नए अध्याय शामिल किए गए हैं।
SIR अध्याय में मतदाता सूची के अद्यतन, मतदाताओं के सत्यापन और सूची में त्रुटियों को सुधारने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई है। इसका उद्देश्य छात्रों को निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची के महत्व से परिचित कराना बताया गया है।
सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि नई पुस्तक से संविधान की प्रस्तावना तथा ‘सोशलिस्ट’ और ‘सेक्युलर’ जैसे शब्दों का उल्लेख हटा दिया गया है। इस दावे पर विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण या अंतिम संस्करण के आधार पर पुष्टि होना अभी बाकी है। वहीं, नई पुस्तक में 1975 की इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र के लिए बड़ी चुनौती के रूप में प्रस्तुत किया गया है।


















