लखनऊ में मुहर्रम जुलूस के दौरान दर्दनाक हादसा, बालकनी गिरने से मची अफरा-तफरी
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुहर्रम जुलूस के दौरान शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। इटौंजा क्षेत्र के महोना इलाके में उस समय चीख-पुकार मच गई, जब जुलूस देखने के दौरान एक जर्जर बालकनी अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 10 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग राहत और बचाव कार्य में जुट गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया।
जुलूस देखने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, इटौंजा के महोना इलाके में मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल थे और कई लोग सड़क किनारे खड़े होकर इसे देख रहे थे। इसी दौरान कुछ लोग एक पुराने मकान की बालकनी पर खड़े होकर जुलूस देख रहे थे।
बताया जा रहा है कि बालकनी काफी पुरानी और कमजोर हालत में थी। लोगों की अधिक संख्या का भार सहन नहीं कर पाने के कारण अचानक बालकनी टूट गई और वहां मौजूद लोग नीचे गिर गए। इस हादसे में कई लोग मलबे की चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बालकनी गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
दो लोगों की मौत, कई घायल
हादसे में अली और अरमान नाम के दो लोगों की मौत हो गई। दोनों की मौत से परिवारों में मातम छा गया है। वहीं, करीब 10 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
घायलों में कुछ लोगों को गंभीर चोटें आने की भी जानकारी सामने आई है। प्रशासन की ओर से घायलों के बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत कार्य शुरू कराया। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि जिस मकान की बालकनी गिरी, वह कितनी पुरानी थी और क्या वह पहले से ही जर्जर स्थिति में थी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मुहर्रम जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर मौजूद रहते हैं। ऐसे में पुराने और कमजोर भवनों की स्थिति पहले से जांचना बेहद जरूरी माना जाता है। लखनऊ के इस हादसे के बाद जर्जर इमारतों और उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में कई पुराने मकान हैं, जिनकी समय-समय पर जांच की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
परिवारों में पसरा मातम
हादसे में जान गंवाने वाले अली और अरमान के परिवारों में शोक का माहौल है। जुलूस के दौरान हुए इस हादसे ने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोग पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। साथ ही घायलों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र में मुहर्रम जुलूस के दौरान हुआ यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है कि सार्वजनिक आयोजनों के समय सुरक्षा इंतजामों के साथ-साथ आसपास मौजूद भवनों की मजबूती की जांच भी जरूरी है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं और घायलों के इलाज पर ध्यान दिया जा रहा है।
A tragic incident occurred during the Muharram procession in Lucknow, Uttar Pradesh, where a dilapidated balcony collapsed in the Itaunja Mahona area. The Lucknow Muharram accident resulted in the death of two people, identified as Ali and Arman, while around 10 others were injured. Police and local authorities reached the spot and started rescue operations and investigation. The Lucknow balcony collapse highlights concerns over safety arrangements during large religious gatherings and the condition of old buildings.


















