नमस्कार,
कल की बड़ी खबर सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की है जिसमें पैकेज्ड फूड में चीनी-नमक ज्यादा होने पर वॉर्निंग लेबल लगाने की बात कही गई। दूसरी खबर पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल पर हमले की है। हम आपको यह भी बताएंगे कि पायलट का रोजाना ड्रग टेस्ट क्यों होगा।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शाम 7 बजे से राष्ट्र के नाम संबोधन होगा।
2. कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र जैसे गैलेंट्री अवॉर्ड्स 2026 का ऐलान होगा।
कल की बड़ी खबरें:
1. पैकेज्ड फूड पर चेतावनी लेबल को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सरकार और FSSAI को दिया निर्देश
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सुप्रीम कोर्ट ने पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स पर फ्रंट-ऑफ-पैक (FoPL) वॉर्निंग लेबल लगाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि नमकीन, बिस्किट और चिप्स जैसे उत्पादों के पैकेट पर अधिक चीनी, नमक और फैट की जानकारी स्पष्ट रूप से देने की व्यवस्था पर सरकार को फैसला लेना चाहिए।
कोर्ट ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य और उपभोक्ताओं के हित से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि वह जनता के हित में काम कर रही है, न कि किसी व्यक्तिगत उद्देश्य से।
सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि करीब छह महीने पहले भी सरकार और FSSAI से पैकेज्ड फूड पर वॉर्निंग लेबल लगाने के प्रस्ताव पर विचार करने को कहा गया था। अब अदालत ने इस दिशा में जल्द निर्णय लेने की जरूरत पर जोर दिया है।
फ्रंट-ऑफ-पैक वॉर्निंग लेबल क्या है?
FoPL यानी Front-of-Pack Labelling पैकेट के सामने लगाया जाने वाला एक आसान और स्पष्ट लेबल होता है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को यह बताना है कि किसी खाद्य उत्पाद में चीनी, नमक या फैट की मात्रा कितनी है और वह निर्धारित सुरक्षित सीमा से अधिक तो नहीं है।
मुख्य बातें:
- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और FSSAI से पैकेज्ड फूड पर चेतावनी लेबल को लेकर कार्रवाई करने को कहा।
- नमकीन, बिस्किट और चिप्स जैसे उत्पादों में अधिक चीनी, नमक और फैट की जानकारी स्पष्ट करने पर जोर है।
- FoPL का उद्देश्य ग्राहकों को खरीदारी से पहले खाद्य उत्पाद की पोषण संबंधी जानकारी आसानी से समझने में मदद करना है।
2. एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलटों की होगी रोजाना जांच, ड्रग टेस्ट अनिवार्य

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलटों के लिए अब रोजाना जांच की व्यवस्था लागू की गई है। पायलटों की यह जांच यह सुनिश्चित करने के लिए की जाएगी कि उन्होंने प्रतिबंधित दवाओं या नशीले पदार्थों का सेवन तो नहीं किया है।
यह टेस्ट 13 अगस्त से अनिवार्य कर दिया गया है। दोनों एयरलाइंस में 5 हजार से अधिक पायलट हैं, जिन पर इस व्यवस्था का असर पड़ेगा।
क्यों लिया गया फैसला?
यह फैसला फुकेट-दिल्ली उड़ान से जुड़े एक मामले के बाद लिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट के एक पायलट का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आया था। बताया गया कि उड़ान के दौरान विमान को अचानक टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा और विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया। इस घटना में यात्रियों और क्रू सदस्यों को चोटें आई थीं।
घटना के बाद पायलटों के ड्रग टेस्ट किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों टेस्ट पॉजिटिव पाए गए और एक पायलट के गांजा सेवन की पुष्टि हुई। विमान में सवार एक यात्री ने भी पायलट पर नशे में होने का आरोप लगाया था।
अब एयरलाइंस ने पायलटों की नियमित जांच को अनिवार्य कर दिया है, ताकि ड्यूटी के दौरान किसी भी तरह के नशीले पदार्थ के सेवन की संभावना को रोका जा सके।
मुख्य बातें:
- एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलटों के लिए ड्रग टेस्ट अनिवार्य किया गया।
- 13 अगस्त से नई व्यवस्था लागू होने की बात सामने आई है।
- यह कदम एक फ्लाइट के पायलट के ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद उठाया गया।
3. देवरिया में तिरंगा यात्रा के दौरान 80 छात्राएं बेहोश, कई की तबीयत बिगड़ी

उत्तर प्रदेश के देवरिया में गुरुवार दोपहर तिरंगा यात्रा के दौरान करीब 80 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। यात्रा में शामिल छात्राओं को स्कूल पहुंचने के बाद चक्कर और बेहोशी जैसी परेशानी होने लगी।
स्थिति बिगड़ने पर कई छात्राओं को तत्काल इलाज के लिए देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। बड़ी संख्या में छात्राओं के अस्पताल पहुंचने के कारण ट्रॉमा सेंटर में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बेड कम पड़ गए।
बताया गया कि कुछ छात्राओं का इलाज जमीन पर लिटाकर भी किया गया। घटना के बाद प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की ओर से छात्राओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
हालांकि, छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की वास्तविक वजह को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
मुख्य बातें:
- देवरिया में तिरंगा यात्रा में शामिल करीब 80 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी।
- कई छात्राएं स्कूल पहुंचते ही बेहोश हुईं और उल्टियां करने लगीं।
- बड़ी संख्या में छात्राओं के अस्पताल पहुंचने से ट्रॉमा सेंटर में अफरा-तफरी की स्थिति बनी।
4. उत्तराखंड की निर्माणाधीन टनल में भरा पानी, 9 मजदूरों की मौत

उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में एक निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी भरने से बड़ा हादसा हो गया। करीब 3 किलोमीटर लंबी टनल में पानी और मलबा भरने के बाद अंदर काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए।
हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। हालांकि, इस दुर्घटना में 9 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अन्य मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया।
बताया गया कि घटना गुरुवार शाम लैंडस्लाइड के बाद हुई। मलबा और पानी टनल के अंदर भरने से मजदूरों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
काशी में भी भारी बारिश का असर
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी भारी बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह स्थल तक पानी पहुंचने की स्थिति बन गई, जिससे अंतिम संस्कार में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुख्य बातें:
- चमोली के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टनल में पानी और मलबा भर गया।
- हादसे के समय टनल में 22 मजदूर काम कर रहे थे।
- हादसे में 9 मजदूरों की मौत हुई, जबकि बाकी मजदूरों को बचा लिया गया।
5. सपा सांसदों ने संसद के बाहर जुटाए 2.15 लाख रुपये, हनुमान मंदिर में किया दान

समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद के बाहर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान जुटाए गए करीब 2.15 लाख रुपये हनुमान मंदिर में दान कर दिए।
सांसदों ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में यह राशि दान की और इसकी रसीद भी ली। सपा सांसद अक्षय यादव ने बताया कि यह वही चंदे की राशि है, जिसे सांसद पप्पू यादव ने साधु के वेश में इकट्ठा किया था।
बताया गया कि सपा सांसद धर्मेंद्र यादव, अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद, राजीव राय समेत पार्टी के अन्य सांसद इस प्रदर्शन में शामिल थे।
सांसदों का कहना है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान जुटाई गई इस राशि को मंदिर में दान करना उचित समझा गया।
मुख्य बातें:
- सपा सांसदों ने करीब 2.15 लाख रुपये जुटाए थे।
- राशि को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में दान किया गया।
- सांसदों ने दान की रसीद भी ली और इसे राम मंदिर चढ़ावा चोरी के विरोध से जोड़ा।
6. पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल पर गुरुद्वारे में हमला, निहंग ने कृपाण से किया वार

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड में हमला हुआ। पुलिस के मुताबिक, गुरुद्वारा माता साहिब कौर में एक निहंग ने उन पर कृपाण से हमला किया।
हमले में सुखबीर बादल के हाथ में चोट लगी। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमले का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सुरक्षा कर्मियों को आरोपी को पकड़ते हुए देखा जा सकता है।
पुलिस के अनुसार, हमलावर की पहचान जसपाल सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुखबीर सिंह बादल उस समय गुरुद्वारे में मौजूद थे, जब उन पर हमला किया गया। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को काबू कर लिया।
मुख्य बातें:
- नांदेड के गुरुद्वारा माता साहिब कौर में सुखबीर बादल पर हमला हुआ।
- पुलिस के मुताबिक, एक निहंग ने कृपाण से हमला किया, जिससे बादल के हाथ में चोट लगी।
- आरोपी जसपाल सिंह को सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ लिया और मामले की जांच शुरू कर दी गई।



















