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मुजफ्फरनगर में मोहर्रम के दौरान निभाई गई परंपरा, हनुमान मंदिर को ढका गया, 74 जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न!

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Muzaffarnagar Muharram Processions End Peacefully, Hanuman Temple Covered as Per Tradition

मोहर्रम जुलूस के दौरान परंपरागत रूप से ढका गया हनुमान मंदिर, मुजफ्फरनगर में 74 ताजिए शांतिपूर्वक निकले

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मोहर्रम की दसवीं तारीख पर धार्मिक सद्भाव और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। यहां सोमवार को मोहर्रम के मौके पर कुल 74 ताजिया जुलूस निकाले गए, जो पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुए।

इस मौके पर नगर का सबसे प्रमुख और विशाल जुलूस निकाला गया, जो खादरवाला, किदवई नगर, लद्दाखवाला, मिमलाना और मल्लूपुरा जैसे इलाकों से होकर हनुमान चौक पर एकत्र हुआ।

हनुमान मंदिर को पारंपरिक रूप से ढका गया

हनुमान चौक स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर को इस अवसर पर एक लाल कपड़े से ढक दिया गया। यह परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक गलतफहमी न हो और सामाजिक सौहार्द बना रहे।

मंदिर के पुजारी पंडित सच्चिदानंद ने बताया कि यह परंपरा नई नहीं है, बल्कि दशकों से निभाई जा रही है। जुलूस के दौरान मंदिर को करीब ढाई से तीन घंटे तक ढका गया और फिर उसे हटा दिया गया। यह एक सद्भावना भरा कदम है, जो समाज में शांति और भाईचारे को बढ़ावा देता है।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा

एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने जानकारी दी कि सभी 74 जुलूस सेक्टर स्कीम के तहत सुरक्षा घेरे में निकाले गए। हर सेक्टर में मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई थी। भारी संख्या में पुलिस बल भी मुस्तैद रहा।

नगर के प्रमुख जुलूस ने बल्लम हलवाई, गौशाला रोड, काली नदी पार करते हुए कर्बला तक का रास्ता तय किया, जहां जाकर यह संपन्न हुआ।

 स्थानीय जनता ने जताया संतोष और प्रशासन को दिया धन्यवाद

जुलूस में शामिल हुए नागरिकों और स्थानीय लोगों ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी शांतिपूर्ण माहौल में मोहर्रम संपन्न हुआ। सभी समुदायों ने आपसी सम्मान और सहयोग से त्योहार को निभाया।

शहर में धार्मिक सहिष्णुता की यह परंपरा सालों से चली आ रही है, जहां हर मजहब का आदर होता है और किसी भी पर्व के दौरान शांति और सद्भाव की भावना बनी रहती है।

मुजफ्फरनगर ने एक बार फिर यह साबित किया कि परंपरा और संयम के साथ सभी धार्मिक त्योहारों को कैसे शांति से मनाया जा सकता है। हनुमान मंदिर को ढकने की परंपरा इस बात की मिसाल है कि धर्म से ऊपर इंसानियत और भाईचारा होता है। प्रशासन, पुलिस और आम जनता के सहयोग से यह आयोजन पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणा बनकर उभरा है।

In Muzaffarnagar, Uttar Pradesh, the Muharram 2025 processions concluded peacefully with 74 processions held under tight security. A significant act of communal harmony was observed when the Hanuman temple at Hanuman Chowk was traditionally covered with red cloth during the major procession, a practice followed for decades. This gesture reflects the deep-rooted unity between communities and the proactive efforts of the local police and administration to maintain peace.

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