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संभल में मस्जिद मुस्तफा कादरी पर दूसरे दिन भी चला बुलडोजर, महिलाओं की अपील के बीच 70 फीसदी ढांचा ध्वस्त!

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AIN NEWS 1: संभल जिले में स्थित मस्जिद मुस्तफा कादरी पर प्रशासन की कार्रवाई रविवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए चलाए जा रहे बुलडोजर अभियान के तहत मस्जिद के बड़े हिस्से को गिरा दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि दो दिनों की कार्रवाई में लगभग 70 प्रतिशत ढांचा ध्वस्त किया जा चुका है और शेष हिस्से को भी हटाने की प्रक्रिया जारी है।

यह कार्रवाई संभल के नखासा क्षेत्र के कसेरुआ गांव में की जा रही है, जहां मस्जिद मुस्तफा कादरी कब्रिस्तान की सरकारी भूमि पर बनी होने का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार तहसीलदार न्यायालय के आदेश के बाद करीब 120 वर्गमीटर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

दूसरे दिन भी जारी रहा बुलडोजर अभियान

रविवार सुबह से ही प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गया था। बुलडोजर और अन्य मशीनों की मदद से मस्जिद के आगे के हिस्से, कई पिलर और अन्य निर्माण को हटाया गया। सबसे प्रमुख कार्रवाई मस्जिद की लगभग 55 फीट ऊंची मीनार पर हुई, जिसे क्रेन की सहायता से खींचकर गिराया गया।

प्रशासन का कहना है कि निर्धारित योजना के अनुसार पूरे ढांचे को हटाया जा रहा है और शाम तक कार्रवाई पूरी किए जाने का लक्ष्य रखा गया था। इससे पहले शनिवार को भी मस्जिद के लगभग 50 प्रतिशत हिस्से को ध्वस्त किया गया था।

महिलाओं और बच्चियों का भावुक वीडियो आया सामने

कार्रवाई के बीच गांव की महिलाओं और बच्चियों का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में कई महिलाएं रोती-बिलखती दिखाई दे रही हैं और प्रशासन से मस्जिद को न गिराने की अपील कर रही हैं।

एक महिला हाथ जोड़कर अधिकारियों से निवेदन करती नजर आई। उसने कहा कि गांव में यह एकमात्र मस्जिद है और ग्रामीणों का इससे भावनात्मक जुड़ाव है। महिला ने कहा कि गांव के लोगों को किसी मंदिर या अन्य धार्मिक स्थल से कोई आपत्ति नहीं है और वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। उन्होंने प्रशासन से मस्जिद को बचाने की गुहार लगाते हुए कार्रवाई रोकने की अपील की।

महिलाओं की भावुक अपील ने पूरे मामले को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई कार्रवाई

प्रशासन को आशंका थी कि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का तनाव पैदा हो सकता है। इसी को देखते हुए पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया। जानकारी के अनुसार पांच थानों की पुलिस, पीएसी के लगभग 60 जवान और कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और जिलाधिकारी (डीएम) ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरी कार्रवाई पर नजर बनाए रखी। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का दिया हवाला

अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई किसी धार्मिक आधार पर नहीं बल्कि भूमि संबंधी विवाद और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के तहत की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि संबंधित जमीन सरकारी रिकॉर्ड में कब्रिस्तान की भूमि के रूप में दर्ज है और न्यायालय के आदेश के बाद ही अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर हुए अवैध निर्माण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और यह प्रक्रिया कानूनी आदेशों के अनुरूप संचालित हो रही है।

मस्जिद परिसर से मिले पोस्टर और झंडे

कार्रवाई के दौरान मस्जिद की पहली मंजिल से कुछ पोस्टर और एक हरे रंग का झंडा मिलने की भी जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार एक पोस्टर पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखा हुआ था।

इस संबंध में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पोस्टर और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है। एसपी केके बिश्नोई ने कहा कि यदि किसी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पूरे मामले पर बनी हुई है नजर

संभल में चल रही यह कार्रवाई अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुकी है। एक ओर प्रशासन इसे सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की नियमित कानूनी प्रक्रिया बता रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों की भावनाएं भी सामने आ रही हैं। गांव की महिलाओं के आंसुओं और उनकी अपील ने इस कार्रवाई को मानवीय दृष्टिकोण से भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए कार्रवाई जारी रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पूरे क्षेत्र पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर सभी की नजर बनी रहेगी।

The demolition of Mustafa Qadri Mosque in Sambhal, Uttar Pradesh, has become a major topic of discussion after authorities launched a two-day bulldozer operation, claiming that the mosque was constructed on government land. Emotional videos showing local Muslim women pleading with officials to stop the demolition have gained widespread attention on social media. The administration states that the action follows a court order to remove encroachment from public land, while heavy police deployment remains in place to maintain law and order. The incident has sparked debate across the region regarding land disputes, religious structures, and administrative action.

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