AIN NEWS 1 | भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पाकिस्तान में हलचल मच गई है। भारतीय सेना के खुलासे से परेशान होकर पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर सफाई देने में जुट गए हैं। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान को किसी भी बाहरी देश, खासकर चीन या तुर्किए से कोई मदद नहीं मिली। हालांकि भारत की ओर से साफ कहा गया है कि इन दोनों देशों ने पाकिस्तान को हथियार और जानकारी दोनों स्तरों पर समर्थन दिया।
भारतीय सेना के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने बताया कि चीन ने अपने हथियारों को ‘लाइव लैब’ की तरह पाकिस्तान में टेस्ट किया, और तुर्किए ने भी समर्थन दिया। पाकिस्तान को चीन की ओर से भारतीय वेक्टर्स की लाइव लोकेशन मिल रही थी।
जब यह खुलासा हुआ, तो आसिम मुनीर ने इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “भारत का यह दावा कि हमें किसी बाहरी समर्थन की जरूरत पड़ी, पूरी तरह गलत है। हमारी सैन्य ताकत हमारी रणनीतिक सोच और मेहनत की देन है।”
लेकिन हकीकत ये है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने 7 मई को POK और पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की असफल कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना की रणनीतिक बढ़त ने पाकिस्तान को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
चार दिन तक चले इस संघर्ष के बाद 10 मई को युद्धविराम (सीजफायर) लागू हुआ।
इसके बावजूद आसिम मुनीर एक बार फिर पुराने राग पर लौटते हुए “पूरी ताकत से जवाब देने” की गीदड़भभकी देते नजर आए। उन्होंने भारत पर गुटबाजी (Camp Politics) करने का आरोप भी लगाया।
साफ है कि ऑपरेशन सिंदूर न सिर्फ पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क पर भारी पड़ा, बल्कि चीन और तुर्किए के छिपे हुए समर्थन को भी दुनिया के सामने उजागर कर गया।
During Operation Sindoor, the Indian Army exposed how Pakistan received active support from China and Turkiye, with real-time updates and weapon testing. Despite the Indian Army’s revelations, Pakistan Army Chief Asim Munir denied any foreign help, claiming their strength is self-built. The operation destroyed multiple terrorist camps in POK, leaving Pakistan stunned and desperate to manage global perception.



















