प्रयागराज में बेसमेंट खुदाई के दौरान जर्जर गोदाम ढहा, एक मजदूर की मौत, एक घायल
AIN NEWS 1: प्रयागराज के साउथ मलाका इलाके से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जिसने इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। यहां एक निर्माणाधीन मकान के लिए बेसमेंट की खुदाई के दौरान बगल में स्थित एक पुराना और जर्जर गोदाम अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में काम कर रहे मजदूर मलबे के नीचे दब गए, जिनमें से एक की जान चली गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।

कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, साउथ मलाका क्षेत्र में एक नए मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। मकान के बेसमेंट के लिए गहरी खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान पास में मौजूद एक पुराना गोदाम, जो पहले से ही जर्जर हालत में था, अचानक ढह गया। बताया जा रहा है कि खुदाई के कारण जमीन का संतुलन बिगड़ गया, जिससे गोदाम की दीवारें कमजोर पड़ गईं और देखते ही देखते पूरी संरचना गिर गई।
हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। मलबा गिरते ही दो मजदूर उसके नीचे दब गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।

मौके पर मची अफरा-तफरी
जैसे ही गोदाम गिरने की आवाज आसपास के लोगों ने सुनी, लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। कुछ लोगों ने खुद भी मलबा हटाने की कोशिश की, लेकिन मलबा भारी होने के कारण यह काम मुश्किल साबित हुआ।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोग भयभीत हो गए और निर्माण कार्यों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे।
रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुंच गई। टीमों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए भारी मशीनों और उपकरणों का इस्तेमाल किया।
काफी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया।
एक मजदूर की मौत, दूसरा घायल
इस हादसे में मिर्जापुर निवासी 30 वर्षीय मजदूर विनोद की इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और काफी देर तक मलबे में दबे रहने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई थी।
वहीं, दूसरे मजदूर को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसका इलाज प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी स्थिति स्थिर है, लेकिन उसे अभी निगरानी में रखा गया है।
प्रशासन ने रोका निर्माण कार्य
हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए निर्माण कार्य को रोक दिया है। पुलिस का कहना है कि बिना उचित सुरक्षा उपायों के इस तरह की खुदाई करना बेहद खतरनाक है।
प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्य से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, जिसमें यह देखा जाएगा कि क्या जरूरी अनुमति और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
जांच के दायरे में कई सवाल
इस हादसे के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आसपास की इमारतों की स्थिति का आकलन किया गया था? क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया? क्या जर्जर गोदाम को पहले ही हटाने या मजबूत करने की जरूरत थी?
इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।
स्थानीय लोगों में गुस्सा
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। उनका कहना है कि इलाके में कई पुराने और जर्जर भवन मौजूद हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
लोगों ने मांग की है कि ऐसे खतरनाक भवनों की पहचान कर उन्हें या तो गिराया जाए या सुरक्षित बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
निर्माण कार्यों में लापरवाही पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही को उजागर करता है। अक्सर देखा जाता है कि बिना उचित योजना और सुरक्षा उपायों के खुदाई या निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाते हैं, जिससे न सिर्फ मजदूरों की जान खतरे में पड़ती है, बल्कि आसपास के लोगों के लिए भी खतरा पैदा हो जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निर्माण कार्य से पहले भू-वैज्ञानिक जांच और आसपास की संरचनाओं का मूल्यांकन बेहद जरूरी होता है। इसके साथ ही, मजदूरों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाने चाहिए।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं। मृतक मजदूर के परिवार को सूचना दे दी गई है और उन्हें हर संभव सहायता देने की बात कही जा रही है।
इस हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।
A major construction accident in Prayagraj’s South Malaka area occurred during basement digging work when a dilapidated warehouse suddenly collapsed, trapping workers under debris. The incident led to the death of one laborer and left another injured, prompting an immediate rescue operation by police, fire brigade, and SDRF teams. Authorities have halted construction and launched an investigation into safety lapses and structural negligence, making this a significant case of construction site accident in Uttar Pradesh.


















