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पंजाब-हरियाणा शंभू बॉर्डर से किसानों को हटाया गया, स्पीकर ने केंद्र के खिलाफ लड़ाई की बात कही?

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AIN NEWS 1: पंजाब-हरियाणा शंभू बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन लंबे समय से जारी था। इस बीच, प्रशासन ने वहां से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि यह सिर्फ सड़क को साफ करने का कदम था, ताकि पंजाब के किसानों और युवाओं को कोई असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की लड़ाई केंद्र सरकार से है और उन्हें वहीं जाकर विरोध करना चाहिए।

सड़क खाली कराने का कारण

स्पीकर संधवां ने कहा कि शंभू बॉर्डर पर किसानों के धरने के कारण पंजाब के युवाओं, किसानों और व्यापारियों को मुश्किलें हो रही थीं। परिवहन ठप होने से आयात-निर्यात प्रभावित हो रहा था, जिससे पंजाब की अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा था। उन्होंने साफ किया कि सरकार किसानों के साथ है, लेकिन राज्य को नुकसान पहुंचाए बिना आंदोलन को आगे बढ़ाना जरूरी है।

किसानों को समर्थन लेकिन सही रणनीति की जरूरत

संधवां ने कहा कि उनकी सहानुभूति पूरी तरह से किसानों के साथ है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार भी किसानों की मांगों के समर्थन में है, लेकिन इसके लिए सही रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि किसानों को केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठानी चाहिए, क्योंकि उनकी मांगें केंद्र से जुड़ी हुई हैं।

पंजाब के हित को नुकसान न पहुंचे

पंजाब सरकार के अनुसार, विरोध प्रदर्शन से पंजाब के लोगों को ही अधिक दिक्कतें हो रही थीं। परिवहन व्यवस्था बाधित होने से कई जरूरी सेवाओं पर असर पड़ रहा था। इसलिए, सड़क खाली कराना जरूरी था। सरकार चाहती है कि किसान अपनी मांगों के लिए लड़ें, लेकिन इसके लिए पंजाब को नुकसान न हो।

आंदोलन को कैसे आगे बढ़ाएं?

पंजाब विधानसभा स्पीकर ने सुझाव दिया कि किसान अपनी रणनीति को बदलें और केंद्र सरकार पर सीधा दबाव बनाएं। दिल्ली या अन्य प्रमुख स्थानों पर जाकर विरोध प्रदर्शन करें, ताकि सरकार पर सही असर पड़े।

केंद्र सरकार से टकराव जारी

किसानों की प्रमुख मांगें एमएसपी की गारंटी, कृषि कानूनों से जुड़े मुद्दे और कर्जमाफी हैं। सरकार और किसानों के बीच इस मुद्दे पर लंबे समय से गतिरोध बना हुआ है। हाल ही में केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।

किसानों का अगला कदम क्या होगा?

शंभू बॉर्डर से हटाए जाने के बाद अब किसानों का अगला कदम क्या होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। क्या वे दिल्ली कूच करेंगे, या किसी और तरह से अपने विरोध को जारी रखेंगे, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

The Punjab-Haryana Shambhu border clearance has sparked discussions as Punjab Assembly Speaker Kultar Singh Sandhwan urged farmers to shift their protest against the Centre. He emphasized that blocking roads negatively impacts Punjab’s farmers, youth, and economy by disrupting trade and transportation. While expressing support for the farmer agitation, he suggested that the farmers’ demands, including MSP guarantees and debt relief, should be fought at the national level rather than causing losses to Punjab. The next move of the protesting farmers remains uncertain.

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