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हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ SC/ST एक्ट में FIR, ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने पकड़ा तूल; कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन

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AIN NEWS 1 हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। यह मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम और उस पर राहुल गांधी की टिप्पणी से जुड़ा है।

राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी SC/ST Act के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज करने की पुष्टि की है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

आखिर क्या है पूरा विवाद?

पूरे मामले की शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी में हुई जनसभा से हुई। कांग्रेस की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में खरगे ने हिस्सा लिया था। इसके बाद 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में सफाई और धार्मिक अनुष्ठान किए जाने की बात सामने आई।

कांग्रेस ने इस कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं का आरोप था कि खरगे दलित समुदाय से आते हैं और उनकी सभा के बाद मैदान का शुद्धिकरण किया जाना जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता को दर्शाता है।

दूसरी ओर, कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि मैदान की सफाई और धार्मिक अनुष्ठान को किसी जाति विशेष से जोड़ना सही नहीं है। शिकायतकर्ता अमित कुमार का भी यही दावा है कि कार्यक्रम में अनुसूचित जाति सहित अलग-अलग वर्गों के लोग मौजूद थे।

राहुल गांधी ने क्या कहा था?

इस विवाद के बीच राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने हल्द्वानी में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ का मुद्दा उठाते हुए इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव से जोड़ा।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की थी कि इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ SC/ST Act के तहत FIR दर्ज की जाए।

यही बयान बाद में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज शिकायत और FIR का आधार बना। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने घटना के तथ्यों को सही तरीके से जाने बिना धार्मिक अनुष्ठान को जातिगत भेदभाव से जोड़ दिया।

किसने दर्ज कराई शिकायत?

राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत हल्द्वानी के जवाहर नगर निवासी अमित कुमार ने दी। रिपोर्टों के मुताबिक अमित कुमार खुद को वाल्मीकि समुदाय से संबंधित बताते हैं और श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े हैं।

शिकायतकर्ता का कहना है कि वह 11 अगस्त को रामलीला मैदान में हुए सफाई और धार्मिक अनुष्ठान में मौजूद था। उसके मुताबिक कार्यक्रम किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं था और इसमें विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए थे।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर कार्यक्रम में शामिल लोगों और संस्था से जुड़े लोगों को जातिवादी तथा छुआछूत करने वाला बताया जाने लगा। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और सुरक्षा प्रभावित हुई।

राहुल गांधी पर कौन-कौन सी धाराएं लगीं?

हल्द्वानी कोतवाली में दर्ज FIR में BNS की धारा 196 और 299 के साथ SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की धारा 3(1) का उल्लेख किया गया है।

धारा 196 विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य या दुर्भावना को बढ़ावा देने से संबंधित है, जबकि धारा 299 धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाने वाले कृत्यों से संबंधित है।

वहीं SC/ST Act की धारा 3(1) के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के खिलाफ कुछ विशेष प्रकार के अपराधों को दंडनीय बनाया गया है। हालांकि, FIR में धारा लगाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप अदालत में साबित हो गए हैं। मामले की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति तय होगी।

पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद मामले में FIR दर्ज की गई है। नैनीताल पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

पुलिस ने यह भी बताया कि शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए वीडियो समेत दूसरे साक्ष्यों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

इसका मतलब साफ है कि फिलहाल मामला जांच के स्तर पर है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।

कांग्रेस ने FIR का किया विरोध

राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी ने सिर्फ एक कथित भेदभावपूर्ण घटना के खिलाफ आवाज उठाई थी और दलित समाज के सम्मान तथा सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाया था।

कांग्रेस ने इस मामले को लेकर कई राज्यों में प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। पार्टी नेतृत्व ने राज्य और जिला इकाइयों से विरोध प्रदर्शन करने को कहा है। कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी को निशाना बनाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है।

1 सितंबर को भी इस मामले को लेकर कांग्रेस की ओर से अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन किए जाने की खबरें सामने आई हैं। पार्टी ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और कथित जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ाई से जोड़ते हुए आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही है।

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BJP का क्या कहना है?

दूसरी ओर, BJP और उससे जुड़े नेताओं की ओर से राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल उठाए गए हैं। उनका कहना है कि रामलीला मैदान में सफाई और धार्मिक कार्यक्रम को जातिगत भेदभाव से जोड़कर पेश किया गया।

BJP की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि राहुल गांधी ने मामले को राजनीतिक रंग दिया और बिना पूरे तथ्यों के टिप्पणी की।

इस तरह एक स्थानीय विवाद अब कांग्रेस और BJP के बीच बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि राहुल गांधी की टिप्पणी का वास्तविक संदर्भ क्या था, उनके बयान से संबंधित कानूनी प्रावधान लागू होते हैं या नहीं और शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं या नहीं।

इस मामले का अगला महत्वपूर्ण चरण पुलिस जांच और उसके आधार पर होने वाली कानूनी कार्रवाई होगी।

हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होना फिलहाल एक कानूनी कार्रवाई है, दोष सिद्ध होना नहीं। मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम और राहुल गांधी की उस पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने धार्मिक अनुष्ठान को जातिगत भेदभाव और छुआछूत से जोड़कर अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। वहीं कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जुड़े गंभीर मुद्दे को उठाया है।

अब पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया यह तय करेगी कि लगाए गए आरोप कानूनी रूप से कितने टिकते हैं। फिलहाल इस मामले ने उत्तराखंड की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस और BJP के बीच विवाद को और तेज कर दिया है।

Rahul Gandhi FIR in Haldwani has triggered a major political controversy after a complaint was filed under the SC/ST Act and relevant BNS sections over his remarks on the alleged purification ritual at Ramlila Ground following Mallikarjun Kharge’s rally. The Rahul Gandhi Haldwani FIR has intensified the Congress-BJP political battle, with Congress demanding action against those involved in the alleged purification ceremony while BJP leaders have defended the event and questioned Rahul Gandhi’s remarks. The case is currently under police investigation.

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